JEE Advanced 2026 के लिए कट-ऑफ जारी, देखें कितने स्कोर पर सच होगा IIT का ख्वाब
JEE Advanced 2026 Cut Off Out : नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने JEE Advanced 2026 के लिए क्वालीफाइंग कट-ऑफ जारी कर दिया है। जानिए जनरल, EWS, OBC, SC और ST कैटेगरी के लिए क्या है NTA स्कोर और परसेंटाइल का पूरा गणित।

JEE Advanced 2026 Cut Off Out , jee main session 2 result out : अगर आपने JEE Main सेशन 2 में हिस्सा लिया था और देश के सबसे बेहतरीन और नामचीन इंजीनियरिंग संस्थानों, यानी आईआईटी (IIT) में दाखिला पाने का ख्वाब देख रहे हैं तो आपके लिए जरूरी खबर है। आईआईटी में दाखिले के लिए पहला पड़ा जेईई मेन से होकर गुजरता है। पहला पड़ाव JEE Main होता है, जिसके नतीजे नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने घोषित कर दिए हैं। लेकिन असल मंजिल अभी बाकी है। जो छात्र जेईई मेन की इस कसौटी पर खरे उतरे हैं, उनके लिए असली जंग अब शुरू होने वाली है। IIT के दरवाजे सिर्फ उन्हीं के लिए खुलते हैं जेईई JEE Advanced में बैठने का टिकट मिलता है। इसके लिए एनटीए ने एक खास क्वालीफाइंग कट-ऑफ तय किया है। आइए जानते हैं इस बार JEE Advanced के लिए कट-ऑफ का क्या पैमाना है।
क्या है अलग-अलग कैटेगरी का कट-ऑफ?
छात्रों के जहन में सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि आखिर उन्हें JEE Advanced की परीक्षा में बैठने के लिए कितने स्कोर की दरकार है। NTA ने तमाम कैटेगरी के हिसाब से जो कट-ऑफ जारी किया है, उसने तस्वीर बिल्कुल साफ कर दी है। आइए इस पर एक नजर डालते हैं -
अनरिजर्व्ड (UR-ALL): जनरल कैटेगरी के उन छात्रों को JEE Advanced देने का मौका मिलेगा, जिनका NTA स्कोर 100.0000000 से लेकर 93.4123549 के बीच है।
ईडब्ल्यूएस (EWS-ALL): आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के उम्मीदवारों के लिए कट-ऑफ का दायरा 93.4105172 से लेकर 82.4164528 तक रखा गया है।
ओबीसी (OBC-ALL): अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों के लिए भी मुकाबला कम नहीं है। इनका कट-ऑफ 93.4105172 से शुरू होकर 80.9232583 के बीच तय किया गया है।
एससी (SC-ALL): अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों के लिए कट-ऑफ 93.4105172 से 63.9172792 तक है।
एसटी (ST-ALL): अनुसूचित जनजाति के छात्रों के लिए ये कट-ऑफ 93.4041748 से 52.0174712 के बीच रखा गया है।
NTA स्कोर और मार्क्स क्या है फर्क
अक्सर छात्र और उनके वालिदैन (माता-पिता) NTA स्कोर को लेकर उलझन का शिकार हो जाते हैं। कई लोग इसे सीधे तौर पर परीक्षा में मिले नंबरों का 'परसेंटेज' मान लेते हैं, जो कि एक बहुत बड़ी भूल है। NTA ने खुद इस बात को पूरी तरह से साफ किया है कि 'NTA स्कोर' असल में 'परसेंटाइल' है। इसका आपके सीधे नंबरों से वैसा ताल्लुक नहीं है जैसा स्कूल के इम्तिहानों में होता है।
परसेंटाइल का असल मतलब होता है 'रिलेटिव परफॉरमेंस'। आसान जुबान में कहें तो, चूंकि JEE Main का इम्तिहान कई अलग अलग दिनों और शिफ्टों में करवाया जाता है, इसलिए किसी शिफ्ट का पेपर आसान तो किसी का मुश्किल हो सकता है। इसी ऊंच नीच को बराबर करने के लिए NTA नॉर्मलाइजेशन का तरीका अपनाता है। आपका परसेंटाइल ये बताता है कि आपने अपनी शिफ्ट में एग्जाम देने वाले कितने फीसदी छात्रों से बेहतर प्रदर्शन किया है। अगर आपका परसेंटाइल 93 है, तो इसका मतलब है कि आप अपनी शिफ्ट के 93 फीसदी बच्चों से आगे हैं।
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Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
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हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
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हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
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