JEE Advanced 2026 के लिए कब से भरे जाएंगे फॉर्म, किन बातों का रखें ध्यान; जानिए पूरी अपडेट
IIT रुड़की ने JEE Advanced 2026 का ब्रोशर जारी कर दिया है जिसके लिए 23 अप्रैल से 2 मई तक फॉर्म भरे जाएंगे। इस परीक्षा से जुड़ी पूरी प्रक्रिया और डिटेल यहां जानें।

JEE Advanced 2026: IIT रुड़की ने JEE Advanced 2026 का ब्रोशर (सूचना पुस्तिका) आखिरकार जारी कर दिया है। अब सस्पेंस खत्म हो चुका है और परीक्षा से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी बिल्कुल साफ हो गई है। इस परीक्षा के लिए आवेदन की शुरुआत 23 अप्रैल से की जाएगी। आइए जानते हैं कि फॉर्म कब से कब तक भरे जाएंगे, फीस कितनी होगी और आपको किन बातों का खास ख्याल रखना है।
इस परीक्षा से जुड़ी तारीखों की कड़ियों पर ध्यान दें तो आवेदन शुरू होने की तारीख 23 अप्रैल 2026 निर्धारित है। फॉर्म भरने की आखिरी तारीख 2 मई 2026 तय की गई है। फीस जमा करने की लास्ट डेट 4 मई 2026 है और एडमिट कार्ड जारी होने का दिन 11 मई 2026 को निर्धारित है।
इस परीक्षा के लिए डी-डे यानी परीक्षा का दिन 17 मई 2026 को तय किया गया है। वहीं रिजल्ट की घोषणा 1 जून 2026 को होगी। ऐसे में फॉर्म भरने के लिए आखिरी दिन का इंतजार बिल्कुल मत कीजिएगा। कई बार सर्वर डाउन हो जाता है और बेवजह की टेंशन झेलनी पड़ती है।
कौन दे सकता है यह परीक्षा?
JEE Advanced कोई आम परीक्षा नहीं है, यह एक तरह से फिल्टरेशन का दूसरा और सबसे अहम राउंड है। इसमें सिर्फ वही धुरंधर शामिल हो सकते हैं जिन्होंने JEE Main 2026 के चक्रव्यूह को पार किया हो। आसान लफ्जों में कहें तो अगर आपने JEE Main में जरूरी कट-ऑफ क्लियर कर लिया है, सिर्फ तभी आप इस परीक्षा के लिए योग्य माने जाएंगे।
उम्र सीमा और छूट के नियम
उम्र की भी अपनी एक सीमा तय की गई है। अगर आप जनरल (सामान्य), ओबीसी या ईडब्ल्यूएस कैटेगरी से आते हैं, तो आपकी जन्म तिथि 1 अक्टूबर 2001 को या उसके बाद की होनी चाहिए। वहीं, अगर आप एससी , एसटी या दिव्यांग कैटेगरी से ताल्लुक रखते हैं, तो आपको नियमों के मुताबिक 5 साल की अतिरिक्त छूट दी गई है। यानी आपका जन्म 1 अक्टूबर 1996 के बाद का होना चाहिए।
क्या लगेगी आवेदन फीस
फॉर्म भरने की फीस आपकी कैटेगरी पर निर्भर करती है -
- जनरल और ओबीसी (लड़के): 3200 रुपये
- एससी, एसटी और दिव्यांग उम्मीदवार: 1600 रुपये
- सभी वर्गों की लड़कियां (महिला उम्मीदवार): 1600 रुपये
आप यह पेमेंट ऑनलाइन (डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, यूपीआई) या फिर ऑफलाइन तरीकों से अपनी सहूलियत के हिसाब से कर सकते हैं।
इन कागजातों को अभी से कर लें रेडी
कई बार पढ़ाई में तो बच्चे टॉप कर जाते हैं, लेकिन कागजी कार्रवाई में मात खा जाते हैं। फॉर्म भरते वक्त कुछ डॉक्युमेंट्स बिल्कुल तैयार होने चाहिए। 10वीं और 12वीं की मार्कशीट, आपकी एक साफ-सुथरी फोटो और सिग्नेचर की स्कैन कॉपी पहले से कंप्यूटर या फोन में सेव करके रख लें। एक सबसे जरूरी बात जिस पर अक्सर बच्चे गलती करते हैं, अगर आप ओबीसी एनसीएल या ईडब्ल्यूएस कैटेगरी का फायदा उठाना चाहते हैं, तो आपका सर्टिफिकेट 1 अप्रैल 2026 के बाद का ही बना होना चाहिए। पुराना सर्टिफिकेट लगा दिया, तो आपका फॉर्म जनरल कैटेगरी में गिना जाएगा।
एक आखिरी लेकिन जरूरी सलाह
अक्सर देखा गया है कि नोटिफिकेशन आते ही बच्चे बिना कुछ सोचे-समझे सीधे फॉर्म भरने दौड़ पड़ते हैं। ऐसा हरगिज न करें। IIT रुड़की ने जो ब्रोशर जारी किया है, उसे एक बार तसल्ली से जरूर पढ़ें। उसमें सिलेबस, एग्जाम पैटर्न, कॉलेजों की लिस्ट और कोर्स से जुड़ी वो बारीक जानकारियां होती हैं, जो आपके बहुत काम आ सकती हैं।
JEE Advanced को देश के सबसे कड़े इम्तिहानों में से एक माना जाता है। हर साल लाखों बच्चे इसमें अपनी किस्मत आजमाते हैं, लेकिन बाजी वही मारता है जिसकी रणनीति पक्की होती है। इसलिए, फोकस बनाए रखें, तैयारी में कोई कसर न छोड़ें और समय रहते अपना आवेदन सही तरीके से पूरा कर लें।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
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- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
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- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव


