
JAC 9वीं से 12वीं में जिस विषय की पढ़ाई, उसी का भर सकेंगे आवेदन, JCERT के दो वर्षीय DPSE कोर्स को मंजूरी
संक्षेप: जैक बोर्ड ने नौवीं से 12वीं के लिए एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम को लागू करने की भी सहमति दी। इसमें नई शिक्षा नीति के तहत देश भर में नौवीं से 12वीं एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू किया जाएगा।
स्कूलों में जिस विषय की पढ़ाई होती है, परीक्षा में उसी विषय का आवेदन (फॉर्म) भर सकेंगे। जो विषय स्कूल में पढ़ाया नहीं जाता है उसका परीक्षा फॉर्म नहीं भरा जाएगा। झारखंड में मैट्रिक और इंटर समेत नौवीं-11वीं में यह व्यवस्था 2026 की परीक्षाओं से ही लागू होगा। जैक बोर्ड की बैठक में गुरुवार को यह निर्णय लिया गया। जैक के अध्यक्ष डॉ नटवा हांसदा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में स्पष्ट किया गया कि परीक्षाओं में स्कूलों में पढ़ाई नहीं होने वाले विषयों को आवेदन में अंकित कर दिया जाता है। ऐसे में स्कूल में जो विषय पढ़ाए जा रहे हैं उसी का परीक्षा फॉर्म भरा जाए।

वहीं, जैक बोर्ड ने नौवीं से 12वीं के लिए एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम को लागू करने की भी सहमति दी। इसमें नई शिक्षा नीति के तहत देश भर में नौवीं से 12वीं एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू किया जाएगा। बैठक में परीक्षाओं के शुल्क में वृद्धि करने पर सहमति बनी व जैक का बजट पास किया गया। वहीं, 34 संस्थानों को स्थायी प्रस्वीकृति और स्थापना अनुमति की मान्यता दी गई। जैक के दैनिक वेतन भोगी कर्मियों के मानदेय में 35% की बढ़ोतरी की गई। जैक कर्मियों के एमएसीपी पर भी सहमति बनी।
वित्त पदाधिकारी पर हंगामा: बैठक में सदस्यों ने वित्त पदाधिकारी की कार्यशैली और व्यवहार पर हंगामा किया। सदस्यों ने उनकी नियुक्ति, डिग्री पर सवाल उठाए। जैक अध्यक्ष के बीच-बचाव के बाद मामला शांत हुआ।
डिप्लोमा इन प्री-स्कूल एजुकेशन को मंजूरी
बैठक में जेसीईआरटी द्वारा तैयार डिप्लोमा इन प्री-स्कूल एजुकेशन (डीपीएसई) पाठ्यक्रम को भी मंजूरी दी गई। यह दो वर्ष की पूर्णकालिक शैक्षणिक अवधि का होगा। इसकी अधिकतम समय-सीमा प्रवेश की तिथि से तीन वर्ष निर्धारित की गई है। प्रवेश के लिए उम्मीदवार को इंटरमीडिएट में कम से कम 50% अंक (अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग या दिव्यांग के लिए 45 प्रतिशत) प्राप्त करना अनिवार्य होगा। आयु सीमा 30 वर्ष है, जबकि आरक्षित वर्गों के लिए पांच वर्ष की छूट दी जाएगी। कोर्स का वार्षिक शुल्क 30 हजार रुपये (परीक्षा शुल्क ₹ 1,100 अतिरिक्त) निर्धारित किया गया।





