2030 से सिर्फ ITEP डिग्री पर मिलेगी शिक्षक की नौकरी, लेकिन फ्रेमवर्क अब तक नहीं हुआ जारी
वर्ष 2030 से स्कूलों में शिक्षक भर्ती के लिए चार वर्षीय इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम (ITEP) ही मान्य डिग्री होगी। इस अनिवार्यता के बावजूद इस कोर्स के लिए जरूरी राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा पाठ्यक्रम ढांचा (NCFTE) अब तक जारी नहीं किया गया है।

साल 2030 से स्कूलों में शिक्षक भर्ती के लिए चार वर्षीय इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम (ITEP) ही मान्य डिग्री होगी। इस अनिवार्यता के बावजूद इस कोर्स के लिए जरूरी राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा पाठ्यक्रम ढांचा (NCFTE) अब तक जारी नहीं किया गया है। ऐसे में हजारों छात्र बिना आधिकारिक कोर्स ढांचे के इस कोर्स में पढ़ाई कर रहे हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुसार NCFTE को वर्ष 2021 तक तैयार कर जारी किया जाना था। हालांकि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) ने 2023-24 में 42 संस्थानों और 3,950 सीटों के साथ शुरू हुए ITEP को बढ़ाकर इस शैक्षणिक सत्र में 300 से अधिक संस्थानों और 24,000 से ज्यादा सीटों तक पहुंचा दिया है।
बताया जा रहा है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की 12 सदस्यीय समिति ने अप्रैल 2024 में NCFTE का मसौदा सरकार को सौंप दिया था, लेकिन इसे अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। मंत्रालय के एक अधिकारी ने माना कि पाठ्यक्रम ढांचा अधिसूचित किए बिना कार्यक्रम चलाना "सैद्धांतिक रूप से गलत" है, हालांकि उन्होंने कहा कि इसे जल्द जारी किया जाएगा।
NCTE का क्या कहना है?
एचटी की रिपोर्ट के मुताबिक NCTE के अध्यक्ष पंकज अरोड़ा का कहना है कि ITEP पूरी तरह नई शिक्षा नीति, राष्ट्रीय उच्च शिक्षा योग्यता ढांचा और राष्ट्रीय क्रेडिट फ्रेमवर्क के अनुरूप है। उनके अनुसार यह कहना गलत है कि कार्यक्रम बिना पाठ्यक्रम ढांचे के चल रहा है। NCFTE जारी होने के बाद ITEP को उसके अनुरूप समायोजित कर दिया जाएगा।
विशेषज्ञों ने जताई चिंता
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि किसी कार्यक्रम की हैंडबुक राष्ट्रीय पाठ्यक्रम ढांचे का विकल्प नहीं हो सकती। उनका मानना है कि बिना NCFTE के यह स्पष्ट नहीं है कि अलग-अलग स्कूली स्तरों—फाउंडेशनल, प्रिपरेटरी, मिडिल और सेकेंडरी के लिए शिक्षकों को किस प्रकार तैयार किया जाए।
दिल्ली विश्वविद्यालय के एक ITEP शिक्षक ने बताया कि शिक्षक शिक्षा के लिए अलग पाठ्यक्रम ढांचा न होने से संस्थानों को यह समझने में कठिनाई हो रही है कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप प्रशिक्षण कैसे दिया जाए। कई संस्थानों में अलग फैकल्टी की नियुक्ति भी नहीं हुई है और मौजूदा शिक्षक अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे हैं।
2030 से ITEP ही बनेगी शिक्षक बनने की अनिवार्य डिग्री
NEP 2020 के अनुसार वर्ष 2030 के बाद स्कूल शिक्षकों की नियुक्ति केवल ITEP डिग्री के आधार पर होगी। इस चार वर्षीय कोर्स में प्रवेश के लिए 12वीं के बाद राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित नेशनल कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (NCET) पास करना होगा।
ITEP में मल्टीपल एंट्री और एग्जिट की सुविधा भी है। छात्र एक वर्ष बाद प्रमाणपत्र, दो वर्ष बाद डिप्लोमा, तीन वर्ष बाद स्नातक डिग्री और चार वर्ष पूरे करने पर ड्यूल मेजर बैचलर डिग्री प्राप्त कर सकते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि NCFTE जल्द जारी नहीं किया गया तो नई शिक्षा नीति के अनुरूप सक्षम शिक्षक तैयार करने का लक्ष्य प्रभावित हो सकता है और इसका असर आने वाले वर्षों में स्कूल शिक्षा की गुणवत्ता पर भी पड़ सकता है।
लेखक के बारे में
Pankaj Vijayपंकज विजय| वरिष्ठ पत्रकार
शॉर्ट बायो पंकज विजय एक वरिष्ठ डिजिटल पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 15 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में livehindustan.com में असिस्टेंट एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। वे करियर, स्कूल व हायर एजुकेशन, जॉब्स से जुड़े विषयों पर खबर लेखन और विश्लेषण में विशेषज्ञता रखते हैं। 9 वर्षों से यहां इसी भूमिका में हैं। सरकारी भर्तियों, बोर्ड व एंट्रेंस एग्जाम, प्रतियोगी परीक्षाओं, उनके परिणाम, बदलते दौर में करियर की नई राहों, कोर्स, एडमिशन एवं नए जमाने के रोजगार के लिए जरूरी स्किल्स से जुड़ी अपडेट तेजी से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं।
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पंकज विजय ने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की। अमर उजाला समाचार पत्र में रिसर्च, संपादकीय और करियर एजुकेशन जॉब्स डेस्क पर काम किया। यहां उन्हें फीचर लेखन व रिपोर्टिंग का भी मौका मिला। इसके बाद उन्होंने आज तक डिजिटल में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। आज तक वेबसाइट पर राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और एजुकेशन व रोजगार जगत से जुड़ी खबरें लिखीं। इसके बाद एनडीटीवी ऑनलाइन में एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर इस विषय में अपनी समझ को और व्यापक बनाया। एनडीटीवी की पारी के बाद वे लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े और बीते 9 वर्षों से करियर एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर रहे हैं।
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भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी), दिल्ली से हिन्दी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा, गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में एमए व दिल्ली यूनिवर्सिटी से इतिहास में बीए ऑनर्स किया है। एनसीसी सी सर्टिफिकेट होल्डर हैं जिसके चलते उन्हें रक्षा क्षेत्र जैसे पुलिस व सेनाओं की भर्तियों की बेहतर समझ है।
विजन
तमाम तरह के करियर, स्कूल एजुकेशन, हायर एजुकेशन, भर्तियों, प्रतियोगी परीक्षाओं, एंट्रेंस एग्जाम, नौकरी के लिए जरूरी स्किल्स एवं बेरोजगार युवाओं के मुद्दों को लेकर पंकज के पास गहरी समझ है। उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के कई टॉपरों के इंटरव्यू किए हैं। उनकी लिखी सक्सेस स्टोरीज युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को प्रेरित करती रही हैं। पंकज का मानना है कि विश्वसनीयता, पारदर्शिता और तथ्यपरकता ही पत्रकारिता की असली ताकत है। उनका लक्ष्य स्कूली छात्रों व बेहतर करियर एवं सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को आसान भाषा में सटीक, तेज और भरोसेमंद जानकारी देना है।
विशेषज्ञता
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