ISRO Recruitment 2026: 336 रेगुलर जॉब और 410 अप्रेंटिसशिप, जानिए कौन कर सकता है आवेदन
ISRO Recruitment 2026: इसरो ने 746 पदों पर बंपर भर्ती निकाली है। इसमें 336 रेगुलर और 410 अप्रेंटिस पद शामिल हैं। वैज्ञानिक और प्रशासनिक पदों पर नौकरी पाने का यह शानदार मौका है।

अगर आप भी भारत की शान इसरो (ISRO) के साथ जुड़कर देश के लिए कुछ कर गुजरने का सपना देखते हैं, तो आपके लिए एक बेहद अच्छी खबर है। अंतरिक्ष की दुनिया में भारत का परचम लहराने वाले भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) और अंतरिक्ष विभाग (DoS) ने एक बड़े भर्ती अभियान का ऐलान किया है। यह पिछले कुछ सालों में इसरो की तरफ से निकाली गई सबसे बड़ी भर्तियों में से एक है। इसरो ने कुल 746 पदों पर वैकेंसी निकाली है। हाल ही में 27 जुलाई से लेकर 29 जुलाई के बीच तीन अलग-अलग नोटिफिकेशन जारी किए गए हैं। इन नोटिफिकेशंस के जरिए 336 रेगुलर पदों और 410 अप्रेंटिसशिप की जगहों को भरा जाएगा। दरअसल, इसरो इन दिनों अपने मौजूदा स्टाफ की कमी को पूरा करने और भविष्य के प्रोजेक्ट्स के लिए एक मजबूत टैलेंट पूल तैयार करने पर जोर दे रहा है। यह बंपर हायरिंग उसी अहम रणनीति का हिस्सा है।
रेगुलर पदों का क्या है गणित?
अगर हम 336 परमानेंट यानी रेगुलर पदों की बात करें, तो इसमें सबसे ज्यादा हिस्सेदारी प्रशासनिक (एडमिनिस्ट्रेटिव) नौकरियों की है। इसरो सेंट्रलाइज्ड रिक्रूटमेंट बोर्ड (ICRB) के जरिए कुल 244 एडमिनिस्ट्रेटिव पद भरे जाने हैं। इनमें असिस्टेंट, जूनियर पर्सनल असिस्टेंट, अपर डिवीजन क्लर्क (UDC), स्टेनोग्राफर और ऑटोनोमस संस्थाओं के लिए एडमिन स्टाफ जैसी नौकरियां शामिल हैं। ऑफिस के कामकाज को संभालने में दिलचस्पी रखने वालों के लिए यह एक बेहतरीन मौका है।
इसके अलावा, 92 पद साइंटिस्ट और इंजीनियर 'SC' के लिए आरक्षित हैं, जो पे-मैट्रिक्स के लेवल-10 के तहत आते हैं। अगर आपने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है, तो आपके लिए कई दरवाजे खुले हैं। ये भर्तियां इलेक्ट्रॉनिक्स, मैकेनिकल, कंप्यूटर साइंस, सिविल, इलेक्ट्रिकल, रेफ्रिजरेशन और एयर कंडीशनिंग के साथ-साथ आर्किटेक्चर जैसे विभागों में की जाएंगी।
चुने गए उम्मीदवारों को कहां मिलेगी पोस्टिंग?
जिन युवाओं का सिलेक्शन साइंटिस्ट या इंजीनियर के पद पर होगा, उन्हें देश भर में मौजूद इसरो के अलग-अलग और बेहद अहम सेंटर्स में काम करने का मौका मिलेगा। इन सेंटर्स की लिस्ट काफी शानदार है। इनमें बेंगलुरु का यूआर राव सैटेलाइट सेंटर (URSC), ह्यूमन स्पेस फ्लाइट सेंटर (HSFC) और इसरो हेडक्वार्टर शामिल है। इसके अलावा, तिरुवनंतपुरम स्थित विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर (VSSC), श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर (SDSC), अहमदाबाद के स्पेस एप्लिकेशन सेंटर (SAC) और हैदराबाद के नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर (NRSC) में भी पोस्टिंग दी जा सकती है। वलियामाला के LPSC, महेंद्रगिरी के IPRC और ISTRAC में भी सिलेक्टेड कैंडिडेट्स को तैनात किया जाएगा।
युवाओं के लिए 410 अप्रेंटिसशिप के मौके
परमानेंट नौकरियों के साथ-साथ, बेंगलुरु के URSC ने साल 2026-27 के लिए 410 अप्रेंटिसशिप पदों का भी ऐलान किया है। फ्रेशर्स के लिए यह इंडस्ट्री का सीधा तजुर्बा हासिल करने का एक शानदार जरिया है। इनमें 220 पद ग्रेजुएट अप्रेंटिस, 120 पद टेक्नीशियन अप्रेंटिस और 70 पद कमर्शियल प्रैक्टिस में डिप्लोमा वालों के लिए रखे गए हैं। ग्रेजुएट अप्रेंटिस में सबसे ज्यादा सीटें इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग वालों के लिए हैं। इसके बाद मैकेनिकल और कंप्यूटर साइंस का नंबर आता है। वहीं, टेक्नीशियन अप्रेंटिस के पद इलेक्ट्रॉनिक्स, कंप्यूटर साइंस, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, सिविल, इंस्ट्रूमेंटेशन और ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग के छात्रों के लिए उपलब्ध हैं।
अप्रेंटिसशिप को लेकर क्या हैं नियम?
यह अप्रेंटिसशिप प्रोग्राम, अप्रेंटिस एक्ट 1961 के तहत चलाया जाता है। इसका सीधा मकसद नए ग्रेजुएट्स और डिप्लोमा होल्डर्स को इंडस्ट्री की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग देना है। ट्रेनिंग के दौरान चुने गए उम्मीदवारों को हर महीने एक तय स्टाइपेंड (वजीफा) मिलेगा और कोर्स पूरा होने पर सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा। हालांकि, इसरो ने यह बिल्कुल साफ कर दिया है कि अप्रेंटिसशिप पूरी करने का यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि आपको संस्था में परमानेंट नौकरी मिल ही जाएगी।
स्टाफ की कमी को दूर करने की कवायद
गौरतलब है कि यह बड़ी भर्ती ऐसे समय में आई है जब हाल ही में कई रिपोर्ट्स में अंतरिक्ष विभाग में स्टाफ की भारी कमी की बात सामने आई थी। भले ही 336 रेगुलर पदों पर विज्ञापन निकाला गया हो, लेकिन यह विभाग के कुल खाली पदों का एक छोटा सा हिस्सा ही है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस नई भर्ती से न सिर्फ इसरो के अहम वैज्ञानिक काम तेज होंगे, बल्कि देश के अंतरिक्ष प्रोग्राम से जुड़ने का सपना देखने वाले हजारों युवाओं को अपनी काबिलियत साबित करने का मंच भी मिलेगा।


