IPS Vinay Tiwari : पतले दुबले पर कलेजा बाघ जैसा, अपने ही SHO को भेजा जेल, क्या थी UPSC रैंक, IES भी किया क्रैक
IPS Vinay Tiwari : बिहार के दबंग आईपीएस अफसर विनय तिवारी एक बार फिर चर्चा में हैं। उन्होंने न सिर्फ यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा बल्कि यूपीएससी इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा भी पास की थी। वह मूल रूप से यूपी के रहने वाले हैं।

IPS Vinay Tiwari : कड़क पुलिसिंग और बाहुबलियों पर एक्शन के लिए लोकप्रिय बिहार के दबंग आईपीएस अफसर विनय तिवारी एक बार फिर चर्चा में हैं। बिहार के गोपालगंज में एसपी विनय कुमार ने इस बार अपने ही SHO को जेल भेज दिया है। कड़ी कार्रवाई के कारण सोशल मीडिया पर लोग उनकी एक बार फिर काफी तारीफ कर रहे हैं और उन्हें एक नो-नॉनसेंस आईपीएस (No-Nonsense IPS) अधिकारी कह रहे हैं, जो कानून के सामने किसी भी नाम को बड़ा नहीं समझते। लोग कह रहे हैं कि ऐसे निडर IPS की केवल बिहार नहीं बल्कि पूरे देश को जरूरत है। अपनी पोस्टिंग के दौरान कई बड़े बाहुबलियों और प्रभावशाली राजनेताओं के खिलाफ बिना किसी राजनीतिक दबाव के कड़ी कानूनी कार्रवाई की है। यहां जानते हैं कौन हैं आईपीएस विनय तिवारी
कौन हैं IPS विनय तिवारी?
आईपीएस विनिय तिवारी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले के रहने वाले हैं। वे एक साधारण किसान परिवार से आते हैं। उनकी शुरुआती पढ़ाई सरकारी स्कूल और सरस्वती शिशु मंदिर से हुई और उन्होंने 10वीं व 12वीं की पढ़ाई हिंदी माध्यम से पूरी की। साल 2008 में उन्होंने आईआईटी-जेईई (IIT JEE) परीक्षा पास की और इसके बाद आईआईटी बीएचयू (IIT BHU) से सिविल इंजीनियरिंग में बी.टेक की डिग्री ली। बीटेक पूरा करने के बाद उन्होंने कुछ समय कॉर्पोरेट सेक्टर में भी काम किया। काम करने के दौरान समाज के लिए कुछ करने की ठानी तो यूपीएससी की तैयारी करनी शुरू की। विनय तिवारी ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2014 में 193 रैंक हासिल की और आईपीएस बन गए। उन्होंने बिहार कैडर को चुना। इसी बीच उन्होंने इंडियन यूपीएससी इंजीनियरिंग सर्विसेज (IES) परीक्षा 2014 में भी ऑल इंडिया 50वीं रैंक हासिल की थी।
वर्तमान में गोपालगंज जिले के पुलिस अधीक्षक हैं। इसके पहले बेगूसराय, पटना, भोजपुर सहित कई अन्य जिलों में भी काम कर चुके हैं।
क्या है ताजा मामला
बिहार के गोपालगंज में एसपी विनय कुमार की सख्त कार्रवाई ने एक बार फिर थानों में चल रहे वसूली और फर्जीवाड़े के रैकेट का पर्दाफाश कर दिया है। बिहार के गोपालगंज जिले में जादोपुर थानेदार अनिल कुमार राम और उनके सहयोगियों ने गांजे की बरामदगी की आड़ में बेतिया से गाय खरीदने आई एक महिला और उसकी बेटी समेत निर्दोषों को करीब 36 घंटे तक गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में रखा और 1.80 लाख रुपये की अवैध उगाही की। इस मामले में शिकायत मिलने पर एसपी साहब ने डीएसपी से निष्पक्ष जांच कराई और आरोप साबित होते ही अपने ही थानेदार, चालक, चौकीदार और बिचौलिये को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया।
इससे पहले भी चर्चा में रहे
यह पहली बार नहीं है कि पतले दुबले से दिखने वाले विनय तिवारी अपनी सख्त कार्रवाई के चलते चर्चा में आए हैं। इससे पहले एसपी विनय तिवारी ने बाहुबली नेता अनंत सिंह पर खुलेआम अवैध और लाइसेंसी हथियारों को लहराने के लिए एफआईआर दर्ज की थी।
साल 2020 में पटना सिटी एसपी रहते हुए वे सुशांत सिंह राजपूत केस की जांच के लिए मुंबई जाने वाली बिहार पुलिस टीम का नेतृत्व कर रहे थे। मुंबई पहुंचने पर बीएमसी (BMC) द्वारा उन्हें कोरोना नियमों के तहत 14 दिनों के लिए क्वारंटाइन कर दिया गया था। उस समय उनका यह बयान बहुत चर्चित हुआ था: "मुझे नहीं बल्कि जांच को क्वारंटाइन किया गया है"
जेडीयू विधायक पप्पू पांडे के ठिकानों पर छापेमारी - एसपी विनय तिवारी की कड़ाई के चलते पुलिस ने एक बड़े भू-कब्जा (जमीन कब्जा) मामले में सत्तारूढ़ दल जेडीयू के विधायक अमरेंद्र कुमार उर्फ पप्पू पांडे और उनके भाई सतीश पांडे से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की।
समस्तीपुर में एसपी रहते हुए उन्होंने हत्या के मामले में चर्चित विधायक रामबालक सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
बाइक से रात में मॉडल सदर अस्पताल निरीक्षण के लिए पहुंच गए थे। मॉडल सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया और ICU, इमरजेंसी वार्ड, कैदियों के वार्ड, लेबोरेटरी, X-रे रूम और रजिस्ट्रेशन काउंटर का जायजा लिया।
अवॉर्ड
उन्हें केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जांच के क्षेत्र में सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों में से एक "होम मिनिस्टर्स मेडल ऑफ एक्सीलेंस इन इन्वेस्टिगेशन" से सम्मानित किया जा चुका है


