IPS Simala Prasad: मां पद्मश्री और पिता IAS, अब बेटी 'लेडी सिंघम' को मिलेगा ये सम्मान; पहले अटेम्प्ट में UPSC क्रैक
मध्य प्रदेश पुलिस की तेज-तर्रार और चर्चित IPS अधिकारी सिमाला प्रसाद एक बार फिर सुर्खियों में हैं। राज्य के 20 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पदक और सराहनीय सेवा पदक के लिए चुना गया है।

मध्य प्रदेश पुलिस की तेज-तर्रार और चर्चित IPS अधिकारी सिमाला प्रसाद एक बार फिर सुर्खियों में हैं। राज्य के 20 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पदक और सराहनीय सेवा पदक के लिए चुना गया है। इनमें 2011 बैच की IPS अधिकारी सिमाला प्रसाद का नाम भी शामिल है। उन्हें सराहनीय सेवा पदक के लिए नामित किया गया है। यहां तक उनकी जर्नी बेहद खास रही है, जो दूसरों को काफी प्रेरित करती है। खास बात यह है कि सिमाला प्रसाद ने बिना किसी कोचिंग के अपने पहले ही प्रयास में UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास की और ऑल इंडिया 51वीं रैंक हासिल कर IPS बनने का सपना पूरा किया था। उन्हें कड़क पुलिसिंग के चलते ‘लेडी सिंघम’ के नाम से भी जाना जाता है।
कौन हैं सिमाला प्रसाद
सिमाला प्रसाद का जन्म 8 अक्टूबर 1980 को भोपाल में हुआ था। करीब एक महीने पहले उन्हें खरगोन रेंज का नया उप पुलिस महानिरीक्षक (DIG) नियुक्त किया गया। इससे पहले वह भोपाल पुलिस मुख्यालय की महिला सुरक्षा शाखा में DIG के पद पर जिम्मेदारी संभाल रही थीं। पुलिस सेवा में रहते हुए सिमाला प्रसाद ने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। उनकी पहचान एक सख्त और सक्रिय पुलिस अधिकारी के तौर पर बनी है।
बिना कोचिंग पहले प्रयास में पास की UPSC
सिमाला प्रसाद की UPSC सफलता की कहानी उन युवाओं के लिए खास है, जो सीमित संसाधनों में सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करते हैं। भोपाल में पढ़ी-बढ़ीं सिमाला ने कॉमर्स में स्नातक करने के बाद समाजशास्त्र में स्नातकोत्तर की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग यानी MPPSC की परीक्षा पास की और पुलिस उपाधीक्षक (DSP) बनीं। DSP के रूप में काम करते हुए उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की।
खास बात यह रही कि उन्होंने इसके लिए किसी कोचिंग संस्थान का सहारा नहीं लिया। अपनी मेहनत और स्व-अध्ययन के दम पर उन्होंने पहले ही प्रयास में UPSC सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया 51वीं रैंक हासिल की और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में चयनित हुईं।
IAS पिता और पद्म श्री मां से मिली प्रेरणा
सिमाला प्रसाद का परिवार भी शिक्षा और सार्वजनिक जीवन से जुड़ा रहा है। उनके पिता डॉ. भागीरथ प्रसाद 1975 बैच के पूर्व IAS अधिकारी रहे हैं। वह पूर्व सांसद होने के साथ-साथ दो विश्वविद्यालयों के कुलपति की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। उनकी मां मेहरुन्निसा परवेज जानी-मानी साहित्यकार हैं। साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें 2005 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया था।
ऐसे परिवार में पली-बढ़ी सिमाला को प्रशासन और समाज से जुड़े काम को करीब से समझने का अवसर मिला। हालांकि, UPSC में अपनी पहचान बनाने के लिए उन्होंने खुद भी कड़ी मेहनत की और बिना कोचिंग परीक्षा पास कर मिसाल कायम की।
फिल्मों में भी दिखा चुकी हैं दम
सिमाला प्रसाद की पहचान केवल पुलिस सेवा तक सीमित नहीं है। वह फिल्मों में भी अभिनय कर चुकी हैं। उनकी पहली फिल्म ‘अलिफ’ वर्ष 2016 में रिलीज हुई थी। इसके बाद वह ‘नक्काश’ में नजर आईं, जो 2019 में आई थी। जून 2026 में रिलीज हुई क्राइम थ्रिलर फिल्म ‘द नर्मदा स्टोरी’ में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। दिलचस्प बात यह है कि इस फिल्म में उन्होंने सब-इंस्पेक्टर का किरदार निभाया है, जबकि वास्तविक जिंदगी में वह IPS अधिकारी के तौर पर DIG के पद पर तैनात हैं।
इस तरह बिना कोचिंग पहले प्रयास में UPSC में 51वीं रैंक हासिल करने वाली सिमाला प्रसाद ने पुलिस सेवा में अपनी अलग पहचान बनाने के बाद अब एक और सम्मान अपने नाम करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।


