IPS Shailja Das: कौन हैं Gen Z लेडी सिंघम IPS शैलजा दास, 23 की उम्र में UPSC पास कर आज हैं SP
UPSC Success Story: नीट प्रदर्शन के दौरान ‘फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन है, बोलने दो!’ बयान से वायरल हुईं पटना की सिटी SP IPS शैलजा दास की सहरसा से UPSC क्रैक करने तक की प्रेरक कहानी जानिए।

IPS Shailja Das Success Story: बिहार में नीट (NEET) पेपर लीक और छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान पटना की सड़कों से आया एक वीडियो सोशल मीडिया पर जबरदस्त तरीके से ट्रेंड कर रहा है। इस वीडियो में तनावपूर्ण स्थिति के बीच कानून-व्यवस्था संभाल रहीं 2022 बैच की युवा आईपीएस अधिकारी शैलजा दास पुलिसकर्मियों को संयम बरतने की सीख देती नजर आ रही हैं। उन्होंने कहा, "फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन है। जिसको जो बोलना है, बोले। और जब तक वे हम पर बल प्रयोग नहीं करेंगे, हम उन पर बल प्रयोग नहीं करेंगे।"
उनके इस शांत, परिपक्व और लोकतांत्रिक रुख की सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ हो रही है और लोग उन्हें 'Gen Z लेडी सिंघम' कहकर बुला रहे हैं। आइए जानते हैं कि सहरसा की यह बेटी आखिर कौन हैं और उनका यूपीएससी (UPSC) तक का सफर कैसा रहा।
कौन हैं IPS शैलजा दास?
बिहार की यह धाकड़ आईपीएस अधिकारी मूल रूप से सहरसा जिले के कायस्थ टोला की रहने वाली हैं। 7 नवंबर 1997 को डॉ. अजय दास और अर्चना दास के घर जन्मीं शैलजा दास ‘Gen Z’ पीढ़ी में आती हैं। उनके पिता पेशे से डॉक्टर हैं और परिवार में हमेशा से ही शिक्षा को पहली प्राथमिकता दी गई।
सहरसा से दिल्ली तक: पढ़ाई में हमेशा रहीं अव्वल
शैलजा की शुरुआती स्कूली शिक्षा उनके गृह जिले सहरसा में ही हुई। उन्होंने वर्ष 2013 में सहरसा के बुधा पब्लिक स्कूल से प्रथम श्रेणी में 10वीं की परीक्षा पास की। इसके बाद वे उच्च शिक्षा के लिए दिल्ली आ गईं।
दिल्ली के प्रतिष्ठित दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS), आर. के. पुरम से उन्होंने 12वीं बोर्ड परीक्षा में 96.8 प्रतिशत अंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। 12वीं के बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के फेमस सेंट स्टीफेंस कॉलेज में दाखिला लिया और स्नातक की डिग्री पूरी की।
23 की उम्र में UPSC क्रैक कर हासिल की 83वीं रैंक
कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद शैलजा ने देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की। वर्ष 2020 में अपने पहले ही प्रयास में वे इंटरव्यू तक पहुंचने में सफल रहीं। इसके बाद सिविल सेवा परीक्षा 2021 में उन्होंने ऑल इंडिया 83वीं रैंक हासिल की।
महज 23 साल की उम्र में यूपीएससी क्रैक कर उन्हें अपना होम कैडर (बिहार) मिला और वे भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में शामिल हो गईं।
लालगंज थाना से पटना सिटी SP तक का प्रशासनिक सफर
बिहार कैडर में योगदान देने के बाद IPS शैलजा दास ने अपनी कार्यशैली से हर जगह अमिट छाप छोड़ी है। वे बतौर ट्रेनी IPS वैशाली जिले के लालगंज थाने की इंचार्ज रहीं और इसके बाद नालंदा जिले के हिलसा अनुमंडल में एसडीपीओ (SDPO-1) के पद पर तैनात रहीं। वर्तमान में वे पटना (पूर्वी) की सिटी SP के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं।
संयम, अनुशासन और जनता के प्रति संवेदनशीलता के साथ ड्यूटी निभाने वाली IPS शैलजा दास आज देश भर के युवाओं और विशेषकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए एक बड़ी प्रेरणा बन चुकी हैं।


