कलेक्टर की बेटी बनी IPS अफसर, तीसरे प्रयास में निकाला UPSC , देश के टॉप कॉलेज से पासआउट
IPS Poorva Choudhary Success Story : पूर्वा चौधरी की गिनती उन IPS ऑफिसर में होती है जो ब्यूटी विद ब्रेन के लिए जानी जाती हैं। उनकी खूबसूरत तस्वीरों को सोशल मीडिया पर लोग काफी पसंद करते हैं। पूर्वा को इंस्टाग्राम पर काफी लोग फॉलो करते हैं।

IPS Poorva Choudhary Success Story : यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा को देश की सबसे कठिन परीक्षा माना जाता है। हर साल करीब 8-9 लाख अभ्यर्थी सालों साल तैयारी कर इसमें बैठते हैं लेकिन अंत में 900 से 1000 का ही चयन हो पाता है। लाखों का कई साल की तैयारी के बाद भी प्रीलिम्स तक क्रैक नहीं पाते। जबकि कई ऐसे हैं जो इंटरव्यू तक पहुंचने के बावजूद अगले प्रयास में प्रीलिम्स या मेन्स में फेल होकर फिर से जीरो पर आ जाते हैं। इस परीक्षा में पास वहीं हो पाता है जो पूरी ताकत के साथ फिर से रीस्टार्ट करना जानता है। राजस्थान की पूर्वा चौधरी पहले प्रयास में वे यूपीएससी प्रीलिम्स क्लियर नहीं कर पाई थीं। दूसरे प्रयास में इंटरव्यू तक पहुंची लेकिन चयन नहीं हो सका। आखिर तीसरे प्रयास में उन्हें कामयाबी मिली। सिविल सेवा परीक्षा 2024 में पूर्वा ने ऑल इंडिया 533वीं रेंक हासिल की।
पूर्वा ने मुख्य लिखित परीक्षा में 771 अंक और साक्षात्कार में 165 अंक मिले, जिसके आधार पर कुल 936 अंकों के साथ उन्हें ऑल इंडिया रैंक 533 मिली। उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के लिए हुआ। इसके बाद उन्हें पंजाब कैडर अलॉट हुआ है। पूर्वा की यह सफलता बताती है कि अगर आपके पास सही नजरिया है, तो आप ग्लैमर और करियर के बीच एक परफेक्ट बैलेंस बना सकते हैं।
डीयू से पढ़ीं, पिता हैं आरएएस अधिकारी
पूर्वा राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के बोलावाली गांव की रहने वाली हैं। उनकी शुरुआती शिक्षा हनुमानगढ में ही हुई। बाद में देश के टॉप कॉलेज दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रतिष्ठित लेडी श्री राम कॉलेज से उन्होंने ग्रेजुएशन की। इसके बाद उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू की। पूर्वा के पिता ओमप्रकाश सहारण एक RAS अफसर हैं और मौजूदा समय में वो कोटपुतली में एडिशनल डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर के पद पर कार्यरत हैं।
खूबसूरत इतनी कि हीरोइन और मॉडल से होती है तुलना
आईपीएस पूर्वा चौधरी अपनी खूबसूरती को लेकर हमेशा सुर्खियों रहती हैं। लोग उनकी तुलना फिल्मी हीरोइन और मॉडल से करते हैं। हालांकि आईपीएस बनने से पहले वे मॉडलिंग के फील्ड में थी। बाद में मॉडलिंग से ब्रेक लेकर उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू की थी। उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर काफी पसंद की जा रही है। लोग उन्हें 'ब्यूटी विथ ब्रेन' के नाम से भी जानते हैं।
सोशल मीडिया पर फैन फोलोविंग
सोशल मीडिया पर जबरदस्त दीवानगी है। इंस्टाग्राम पर उनके 227000 से ज्यादा फोलोवर्स हैं।
ओबीसी कोटे के दुरुपयोग का आरोप
कुछ माह पहले पूर्वा पर ओबीसी एनसीएल कोटे का दुरुपयोग कर यूपीएससी परीक्षा में सफल होने का आरोप लगा था। दरअसल पूर्वा चौधरी ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा ओबीसी श्रेणी से उत्तीर्ण की है। पूर्वा के पिता ओमप्रकाश सहारण आरएएस अधिकारी है। वह कोटपुतली में अतिरिक्त जिला कलेक्टर हैं। उनके पिता के ओहदे और सोशल मीडिया पर पूर्वा की लग्जरी लाइफस्टाइल को देखकर लोगों ने उनके ओबीसी सर्टिफिकेट को फर्जी बताया। इंस्टाग्राम पर महंगी कार, महंगे हैंडबैग के साथ उनकी फोटो देखकर इन्हीं सब चीजों के आधार पर उनकी आर्थिक स्थिति और ओबीसी का लाभ लेने पर सवाल उठाए गए।
पिता ने आरोपों को गलत और आधारहीन करार दिया था। उनका कहना था कि वे आरएएस के पद पर प्रमोट हुए हैं। ओबीसी-NCL सर्टिफिकेट के लिए नियम कहता है कि अगर कोई व्यक्ति 40 साल की उम्र से पहले सीधे क्लास-1 या RAS पद पर भर्ती होता है तो उसका परिवार OBC-NCL का फायदा नहीं उठा सकता है। उन्होंने कहा कि वो 44 साल की उम्र में आरएएस अधिकारी बने, ऐसे में उनकी बेटी पूर्वा चौधरी को ओबीसी-एनसीएल का पूरा फायदा लेने का अधिकार बनता है।


