IPS Monika Shukla : कौन हैं IPS मोनिका शुक्ला, चलती बस के आगे बनीं चट्टान, बिना UPSC कैसे बनीं ACP
IPS Monika Shukla Success story: भोपाल में लेडी सिंघम के नाम से मशहूर आईपीएस मोनिका शुक्ला एक चलती बस के सामने सीना तान कर खड़ी हो गईं। यह वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है।

IPS Monika Shukla : लेडी सिंघम के नाम से मशहूर भोपाल की एसीपी मोनिका शुक्ला एक बार फिर चर्चा में हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में वह प्रदर्शन कर रहे किसानों से घिरी एक बस के सामने चट्टान की तरह खड़ी नजर आ रही हैं। वीडियो में वह चलती बस को अपने दोनों हाथों से रोकती देखी जा सकती है। यह घटना उस समय की है, जब किसान मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च कर रहे थे और रास्ते में खड़ी बस को हटाने का प्रयास कर रहे थे। आंदोलन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारी स्कूल बस को धक्का दे रहे थे। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद लोग 57 की उम्र में उनके साहस, जज्बे और बहादुरी को सलाम कर रहे हैं।
कौन हैं आईपीएस मोनिका शुक्ला
ऐसे समय में जब ज्यादातर सरकारी अफसर अपने रिटायरमेंट का इंतजार कर रहे होते हैं और कंफर्ट जोन में रहते बचे कुचे साल निकालना पसंद करते हैं, आईपीएस मोनिका शुक्ला ने अपनी कर्तव्यनिष्ठा और काम के प्रति समर्पण की शानदार मिसाल दी है। भोपाल में लेडी सिंघम के नाम से लोकप्रिय मोनिका शुक्ला की कहानी युवाओं खासतौर पर महिलाओं के लिए काफी प्रेरणादायी है। पुलिस विभाग में उन्हें उनकी हिम्मत, तेज फैसले लेने की क्षमता व कार्रवाई और कठिन परिस्थितियों में भी डटकर मुकाबला करने के लिए जाना जाता है। आईपीएस सेवा में मोनिका शुक्ला की एंट्री यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा से होने वाली सीधी भर्ती से नहीं हुई। मूल रूप से नर्मदापुरम की रहने वाली मोनिका शुक्ला का पुलिस सेवा में एक लंबा और शानदार अनुभव रहा। साल 1994 में मध्य प्रदेश राज्य पुलिस सेवा से अपने करियर की शुरुआत करने वाली मोनिका शुक्ला को बाद में उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के आधार पर भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में पदोन्नति मिली थी। उनके पति शशिकांत शुक्ला भी भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के वरिष्ठ अधिकारी हैं। वर्तमान में एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) में निदेशक के पद पर कार्यरत हैं।
पहले भी उपद्रवियों से भिड़ चुकी हैं मोनिका शुक्ला
एसीपी मोनिका शुक्ला के साहस के वाकये पहले भी कई बार चर्चा में रह चुके हैं। इससे पहले भी कई संवेदनशील और हिंसक हालात में अपनी बहादुरी का परिचय दे चुकी हैं। करीब एक दशक पहले भोपाल के काजी कैंप इलाके में एक सड़क हादसे के बाद हालात बेकाबू हो गए थे। घटना से नाराज भीड़ ने हिंसक रूप ले लिया और इलाके में जमकर उत्पात मचाया। उस समय मोनिका शुक्ला बिना किसी हिचकिचाहट के पुलिस जीप लेकर अकेले ही उग्र भीड़ के बीच पहुंच गईं। उन्होंने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हवाई फायरिंग की और कानून-व्यवस्था बहाल कराई।
कई जिलों में एसपी के तौर पर दे चुकी हैं सेवाएं
अपने कार्यकाल के दौरान वह विदिशा समेत प्रदेश के कई महत्वपूर्ण जिलों में पुलिस अधीक्षक (SP) के रूप में अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। वर्तमान में वह भोपाल में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त के रूप में कानून-व्यवस्था की कमान संभाल रही हैं। वर्ष 1994 में करीब 25 साल की उम्र में मध्य प्रदेश राज्य पुलिस सेवा (SPS) जॉइन की थी। वर्ष 2009 में पदोन्नत (Promote) होकर वह IPS बनीं।
मोनिका ने एमएससी किया है। वर्ष 2006-07 में उन्होंने भोपाल में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (क्राइम ब्रांच) के रूप में जिम्मेदारी संभाली। आईपीएस में प्रमोशन के बाद वह रायसेन, शाजापुर और विदिशा जिलों में एसपी रहीं। डीआईजी के रूप मे मोनिका शुक्ला ने भोपाल रेंज (ग्रामीण), सीहोर, राजगढ़ और विदिशा जिलों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वर्ष 2023 में उन्हें रतलाम रेंज का डीआईजी (DIG) नियुक्त किया गया। 2025 में भोपाल में एसीपी बनीं।


