IPS Anjali Vishwakarma: UPSC के लिए छोड़ी 48 लाख की नौकरी, कौंन हैं लेडी सिंघम IPS अंजलि विश्वकर्मा
UPSC Success Story: आईआईटी कानपुर से पढ़ाई और न्यूजीलैंड में 48 लाख की नौकरी छोड़ने वाली अंजलि विश्वकर्मा ने UPSC पास कर IPS बनने का सपना पूरा किया। उनकी कहानी हर युवा के लिए प्रेरणा है।

IPS Anjali Vishwakarma Success Story: कहते हैं कि अगर मन में अपने देश के लिए कुछ करने का जज्बा हो, तो बड़ी से बड़ी सुख-सुविधाएं और लाखों का पैकेज भी छोटा लगने लगता है। इस बात को 2021 बैच की आईपीएस अधिकारी अंजलि विश्वकर्मा ने सच साबित किया है। मूल रूप से उत्तराखंड के देहरादून की रहने वालीं अंजलि ने एक समय में न्यूजीलैंड में 48 लाख रुपये सालाना के मोटे पैकेज वाली नौकरी को अलविदा कहकर संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की राह चुनी थी।
स्कूल की टॉपर से लेकर IIT कानपुर का शानदार सफर
अंजलि का सफर शुरुआत से ही प्रेरणादायक रहा है। देहरादून में 12वीं की परीक्षा में 97.7 प्रतिशत अंक लाकर उन्होंने टॉप किया था। जेईई (JEE) परीक्षा पास कर उन्होंने प्रतिष्ठित IIT कानपुर से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में बी.टेक किया।
48 लाख की नौकरी छोड़ी
IIT कानपुर से नेविगेशन इंजीनियरिंग में बी.टेक करने के बाद अंजलि विश्वकर्मा को एक विदेशी ऑयल कंपनी में करीब 48 लाख रुपये सालाना के भारी-भरकम पैकेज पर नौकरी मिल गई। अपने काम के सिलसिले में उन्होंने मेक्सिको, नॉर्वे, यूके, मलेशिया, सिंगापुर और अबू धाबी जैसे 6 देशों में सेवाएं दीं और एक बेहद आरामदायक जिंदगी जी। हालांकि, न्यूजीलैंड में पोस्टिंग के दौरान उनका मन बदला और उन्होंने अपने देश वापस लौटकर समाज के लिए कुछ बड़ा करने का फैसला लिया।
उन्होंने लाखों का पैकेज और तमाम सुख-सुविधाएं छोड़कर अपने देश लौटने का कड़ा कदम उठाया और सीधे UPSC की कठिन तैयारी में जुट गईं। उनकी यह लगन और देश सेवा का जज्बा साबित करता है कि जब मन में बड़ा लक्ष्य हो, तो इंसान बड़े से बड़े ऐशो-आराम को भी बिना किसी झझक के छोड़ देता है।
असफलता से नहीं हारीं हिम्मत, दूसरे प्रयास में बनीं IPS
यूपीएससी की तैयारी का सफर धैर्य और निरंतरता की मांग करता है। अंजलि ने अपनी गलतियों से सीखा, अपनी कमजोरियों पर काम किया और एक सटीक रणनीति के साथ रोजाना पढ़ाई की। उनकी दिन-रात की मेहनत रंग लाई और उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा 2020 पास कर भारतीय पुलिस सेवा (IPS) का पद हासिल किया। उन्हें यूपीएससी में 158 रैंक हासिल की थी।
लव लाइफ और लेडी सिंघम के नाम से बनाई पहचान
आईआईटी और यूपीएससी की तैयारी के दौरान उनकी मुलाकात अपने क्लासमेट उदित पुष्कर से हुई। उदित पुष्कर भी आईपीएस अधिकारी हैं। दोनों ने वर्ष 2024 में विवाह किया।
एक पुलिस अधिकारी के रूप में अंजलि ने चार साल के करियर में कई जटिल साइबर अपराधों और बाल अपराधों से जुड़े मामलों को सुलझाया है। हाल ही में उन्होंने साइबर क्राइम यूनिट में डिजिटल सुरागों के आधार पर संवेदनशील मामलों का पर्दाफाश कर खूब प्रशंसा बटोरी। अंजलि को उनके बेहतर काम के लिए लेडी सिंघम के नाम से भी जाना जाता है।
छात्रों के लिए प्रेरणा
अंजलि विश्वकर्मा की यह सफलता की कहानी देश के उन तमाम छात्रों और युवाओं के लिए एक बड़ी सीख है जो अपने सपनों को पूरा करने के लिए जोखिम उठाने से डरते हैं। अंजलि का मानना है कि यदि आपकी नीयत साफ है और आप अपने लक्ष्य के प्रति पूरी तरह से ईमानदार हैं, तो कोई भी मंजिल कठिन नहीं होती।


