केंद्र सरकार के इंस्पायर अवार्ड के लिए यूपी के 7173 मेधावी चयनित, यहां देखें पूरी लिस्ट, कितने रु मिलेंगे
केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से संचालित इंस्पायर अवार्ड मानक योजना के तहत चयनित प्रतिभाओं की सूची जारी कर दी गई है। इस वर्ष उत्तर प्रदेश से कुल 7173 मेधावी छात्र-छात्राओं का चयन हुआ है

केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से संचालित इंस्पायर अवार्ड मानक योजना के तहत चयनित प्रतिभाओं की सूची जारी कर दी गई है। इस वर्ष उत्तर प्रदेश से कुल 7173 मेधावी छात्र-छात्राओं का चयन हुआ है, जिन्होंने अपने मौलिक वैज्ञानिक विचारों और नवाचारी मॉडल के आधार पर यह उपलब्धि हासिल की है। जनपदवार सूची में लखनऊ 370 चयनित प्रतिभाओं के साथ प्रदेश में पहले स्थान पर रहा, जबकि प्रयागराज 216 छात्रों के चयन के साथ दूसरे और कानपुर तीसरे स्थान पर है। कानपुर के 214 छात्रों का चयन हुआ है।
प्रतापगढ़ के 121, कौशाम्बी के 48 बच्चों का चयन हुआ है। वहीं आगरा के 119, अलीगढ़ के 69, गोरखपुर के 112, मुरादाबाद के 145, मेरठ के 117, वाराणसी 191 तथा बरेली के 129 छात्रों का चयन हुआ है। यह उपलब्धि न केवल विद्यार्थियों की वैज्ञानिक सोच को दर्शाती है, बल्कि प्रदेश में नवाचार और अनुसंधान के बढ़ते माहौल की भी पुष्टि करती है।
विज्ञान क्लब के समन्वयक डॉ. लालजी यादव ने बताया कि योजना के अंतर्गत कक्षा छह से 12वीं तक के विद्यार्थियों का चयन उनके मौलिक और रचनात्मक वैज्ञानिक विचारों के आधार पर किया गया है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने और उन्हें अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है।
क्या होती है इंस्पायर अवार्ड मानक योजना
INSPIRE-MANAK भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग की एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य कक्षा 6 से 12 के छात्रों में रचनात्मकता को बढ़ावा देना है। यह योजना स्कूली बच्चों से 10 लाख मौलिक आइडियाज को आमंत्रित करती है। चयनित छात्रों को उनके नवाचारों को विकसित करने के लिए 10,000 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में प्रदान की जाती है। जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के माध्यम से सर्वश्रेष्ठ परियोजनाओं को छांटा जाता है। स्कूल अपने छात्रों के 5 सर्वश्रेष्ठ मूल नवाचारों को किसी भी भारतीय भाषा में ई-मियास (E-MIAS) पोर्टल के माध्यम से नामांकित कर सकते हैं। एक स्कूल से कक्षा 11 या 12 (केवल विज्ञान संकाय) के अधिकतम दो छात्रों के विचार ही नामांकित किए जा सकते हैं
छात्रों को अपने नवाचारों को प्रदर्शित करने के लिए जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं (DLEPC, SLEPC, NLEPC) में भाग लेने का अवसर मिलता है। राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनी (NLEPC) में शीर्ष 1,000 नवाचारों को दिखाया जाता है।



