भारतीय सेना और वायुसेना की 2 बेटियों का कमाल: भावना कंठ बनीं पहली महिला 'टॉप गन', कैप्टन शिवानी पहली महिला ADC

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भारतीय वायुसेना की स्क्वाड्रन लीडर भावना कंठ ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने वायुसेना के सबसे कठिन माने जाने वाले फाइटर कॉम्बैट लीडर (FCL) कोर्स को सफलतापूर्वक पूरा कर भारत की पहली महिला 'टॉप गन' कॉम्बैट पायलट बनने का गौरव हासिल किया है।

bhawana kanth and Shivani Sehrawat
भावना कंठ बनीं पहली महिला 'टॉप गन', कैप्टन शिवानी पहली महिला ADC

भारतीय सेना और वायुसेना की 2 बेटियों ने कमाल किया है। भारतीय वायुसेना की स्क्वाड्रन लीडर भावना कंठ ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने वायुसेना के सबसे कठिन माने जाने वाले फाइटर कॉम्बैट लीडर (FCL) कोर्स को सफलतापूर्वक पूरा कर भारत की पहली महिला 'टॉप गन' कॉम्बैट पायलट बनने का गौरव हासिल किया है। वहीं, महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का एक और उदाहरण पेश करते हुए कैप्टन शिवानी सहरावत को भारतीय सेना प्रमुख की पहली महिला एड-डी-कैंप नियुक्त किया गया है।

2016 में मिला था कमीशन

बता दें कि भावना कंठ को जून 2016 में अवनी चतुर्वेदी और मोहना सिंह के साथ भारतीय वायुसेना की पहली तीन महिला फाइटर पायलटों के रूप में कमीशन मिला था। इसके बाद उन्होंने इस महीने ग्वालियर स्थित टैक्टिक्स एंड एयर कॉम्बैट डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट (TACDE) में आयोजित 20 सप्ताह लंबे FCL कोर्स को सफलतापूर्वक पूरा किया।

बड़ी सफलता

यह कोर्स इतना कठिन और प्रतिष्ठित माना जाता है कि इसकी तुलना अमेरिकी नौसेना (US Navy) के प्रसिद्ध 'टॉप गन' कार्यक्रम से की जाती है। भारतीय वायुसेना के केवल लगभग 1% पायलटों को ही इस कोर्स में शामिल होने का मौका मिलता है। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि करीब 10 साल पहले ही भारतीय वायुसेना ने महिलाओं के लिए फाइटर पायलट बनने का रास्ता खोला था। अब भावना कंठ का 'टॉप गन' बनना इस क्षेत्र में महिलाओं की बड़ी सफलता माना जा रहा है।

क्या करते हैं अधिकारी

इस कोर्स को पूरा करने वाले अधिकारी हवाई युद्ध की रणनीति तैयार करने, ऑपरेशन की योजना बनाने, हथियारों के प्रभावी इस्तेमाल और लड़ाकू अभियानों के लिए नई रणनीतियां विकसित करने जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में विशेषज्ञ की भूमिका निभाते हैं।

भावना कंठ और कैप्टन शिवानी ने कैसे रचा इतिहास?

फाइटर कॉम्बैट लीडर (FCL) कोर्स के दौरान पायलटों को हवाई युद्ध की आधुनिक रणनीतियां, ऑपरेशन की योजना, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और बदलती सैन्य चुनौतियों से निपटने का प्रशिक्षण दिया जाता है। इसमें ड्रोन के साथ संचालन और नेटवर्क-सेंट्रिक ऑपरेशंस जैसी आधुनिक युद्ध तकनीकों की भी ट्रेनिंग शामिल होती है।

भावना कंड की उपब्धियां

'टॉप गन' बनने से पहले भी स्क्वाड्रन लीडर भावना कंठ कई उपलब्धियां अपने नाम कर चुकी हैं। मई 2019 में वह मिग-21 बाइसन (MiG-21 Bison) पर दिन के समय लड़ाकू मिशन के लिए पूरी तरह योग्य घोषित होने वाली भारत की पहली महिला फाइटर पायलट बनी थीं। इसके बाद उन्होंने भारतीय वायुसेना के अत्याधुनिक सुखोई Su-30 MKI लड़ाकू विमान को भी उड़ाना शुरू किया।

बिहार के दरंभगा में हुआ था जन्म

भावना कंठ का जन्म 1 दिसंबर 1992 को बिहार के दरभंगा में हुआ था। उन्होंने बरौनी रिफाइनरी डीएवी पब्लिक स्कूल से स्कूली शिक्षा पूरी की और बेंगलुरु के बीएमएस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक्स में बीई (BE) की डिग्री हासिल की। वायुसेना में शामिल होने से पहले उन्होंने कुछ समय टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में भी काम किया। उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए 8 मार्च 2020 को उन्हें नारी शक्ति पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

इसी वर्ष मई में भारतीय वायुसेना की स्क्वाड्रन लीडर सान्या भी इतिहास रचते हुए टॉप कैटेगरी क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर बनने वाली पहली महिला अधिकारी बनीं।

कैप्टन शिवानी सहरावत की उपलब्धि

वहीं, भारतीय सेना में कैप्टन शिवानी सहरावत ने भी नई मिसाल कायम की है। वह भारतीय सेना प्रमुख की पहली महिला एड-डी-कैंप (ADC) नियुक्त हुई हैं। उन्होंने जुलाई के मध्य में यह जिम्मेदारी संभाली और अब सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ के साथ कार्य कर रही हैं।

ADC एक विशेष रूप से चुना गया सैन्य अधिकारी होता है, जो किसी वरिष्ठ सैन्य अधिकारी या संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के निजी स्टाफ अधिकारी (Personal Staff Officer) के रूप में कार्य करता है। इस पद के लिए केवल उन्हीं अधिकारियों का चयन किया जाता है, जिनका सेवा रिकॉर्ड उत्कृष्ट हो, अनुशासन बेहतरीन हो और जिन्हें सैन्य प्रोटोकॉल की गहरी समझ हो। भावना कंठ और कैप्टन शिवानी की ये उपलब्धियां भारतीय सशस्त्र बलों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और नेतृत्व क्षमता का मजबूत उदाहरण हैं।

Dheeraj Pal

लेखक के बारे में

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संक्षिप्त विवरण: धीरज पाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में 7 साल का अनुभव है। लाइव हिन्दुस्तान में काम करते हुए इन्हें 4 साल हो गए हैं। धीरज एजुकेशन रिपोर्टर के तौर पर काम कर चुके हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने राजनीति समाचार, एजुकेशन बीट के लिए ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। हिंदुस्तान लाइव में यूपी बोर्ड से लेकर उन्होंने लोकसभा चुनाव कवर करने साथ-साथ खेल जैसे बीट पर काम किया। अब इनका एकमात्र उद्देश्य करियर और एजुकेशन से जुड़ी रुचिगत, सरल, प्रमाणिक और पाठक-हितैषी रूप में प्रस्तुत करना है।

व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।

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