नॉर्वे में ज्यादा काम करने पर भारतीय को बॉस ने डांटा, कहा- 'वर्क-लाइफ बैलेंस' है जरूरी

By Prachi
लाइव हिन्दुस्तान
Follow us on Google News
share

Norway Work Culture: नॉर्वे में काम कर रहे भारतीय प्रोफेशनल्स के अनुभव सोशल मीडिया पर वायरल हैं। वहां ज्यादा काम करने और वीकेंड पर ईमेल का जवाब देने पर तारीफ नहीं, बल्कि बॉस से डांट पड़ती है।

नॉर्वे में ज्यादा काम करने पर भारतीय को बॉस ने डांटा, कहा- 'वर्क-लाइफ बैलेंस' है जरूरी

Norway Work Culture: क्या आपने कभी सुना है कि किसी व्यक्ति को ऑफिस में जरूरत से ज्यादा मेहनत करने, वीकेंड पर काम करने या ऑफिस के लिए अपनी छुट्टियां कैंसिल करने पर बॉस से डांट खानी पड़ी हो? भारत के 'हसल कल्चर' दिन-रात भागदौड़ वाली कॉर्पोरेट लाइफ में जहां देर रात तक काम करने वालों को बेहद मेहनती माना जाता है, वहीं दुनिया के सबसे खुशहाल देशों में शुमार नॉर्वे से एक बिल्कुल उलट और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर भारतीय मूल के प्रोफेशनल्स विनोद द्वारा साझा किए गए वहां के वर्क कल्चर के अनुभवों ने इंटरनेट पर एक नई बहस छेड़ दी है।

सोचा था तारीफ होगी, लेकिन मिल गई बॉस की डांट!

लगभग 15 साल पहले भारत से नॉर्वे शिफ्ट हुए विनोद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर अपने शुरुआती दिनों का एक बेहद दिलचस्प वाकया साझा किया। विनोद ने बताया कि जब वे भारत से नॉर्वे गए थे, तब उनके भीतर वही पुराना 'भारतीय वर्क एथिक' मौजूद था, यानी वीकेंड पर भी काम करना, लंच ब्रेक छोड़ देना, देर शाम तक ऑफिस में बैठना और बीमार होने पर भी खुद को काम के लिए झोंक देना।

एक बार उन्होंने एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करने के लिए अपने मैनेजर को बिना बताए अपनी तय छुट्टियां कैंसिल कर दी थी और शनिवार को भी ऑफिस के ईमेल का जवाब दिया। अगले हफ्ते जब उनके बॉस ने उन्हें अपने केबिन में बुलाया, तो विनोद को लगा कि उनकी इस लगन के लिए उनकी पीठ थपथपाई जाएगी। लेकिन बॉस का रिएक्शन देखकर वे दंग रह गए।

बॉस ने बेहद गंभीर होकर उनसे कहा, "तुमने शनिवार को मेरे ईमेल का जवाब क्यों दिया? और बिना मुझे बताए प्रोजेक्ट के लिए अपनी छुट्टियां क्यों कैंसिल कीं? मैं जानता हूं कि तुम्हारी मंशा अच्छी थी, लेकिन यह बिल्कुल भी सही नहीं है। यहां छुट्टियां जरूरी हैं और तुम इन्हें छोड़ नहीं सकते। तुम्हारे जूनियर्स तुम्हें देख रहे हैं, अगर वे ऐसा देखेंगे तो सोचेंगे कि इसी का नाम समर्पण है और वे भी अपनी निजी जिंदगी कुर्बान करने लगेंगे।" विनोद कहते हैं कि यह बात सुनकर उनकी आंखों में आंसू आ गए और उन्हें अहसास हुआ कि इस सफलता की दौड़ में उन्होंने अपनी जिंदगी में क्या-क्या खोया है।

'काम जीवन का हिस्सा है, पूरा जीवन नहीं'

इसी तरह इंस्टाग्राम पर भारतीय मरीन टेक प्रोफेशनल सचिन डोगरा ने भी नॉर्वे के वर्क मॉडल का एक शानदार वीडियो शेयर किया है, जिसे लाखों लोग देख चुके हैं। सचिन बताते हैं कि नॉर्वे में लोग रोजाना केवल 7.5 घंटे ही काम करते हैं। वहां का कॉर्पोरेट सिस्टम पूरी तरह से ‘भरोसे’ पर चलता है। कोई भी मैनेजर यह निगरानी नहीं करता कि आप कितने घंटे सीट पर बैठे हैं या आपकी आईडी को सर्विलांस टूल की तरह इस्तेमाल नहीं किया जाता। अगर कोई बीमार है या उसे किसी काम से बाहर जाना है, तो बस एक छोटा सा मैसेज ही काफी होता है।

वहां काम को केवल आजीविका का साधन माना जाता है, इंसान की पूरी पहचान नहीं। शाम होते ही लोग बिना किसी पछतावे के ऑफिस बंद कर देते हैं और अपना पूरा समय परिवार, हेल्थ, ट्रेवल और अपनी हॉबीज को देते हैं।

Prachi

लेखक के बारे में

Prachi

शॉर्ट बायो: प्राची लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। पिछले 2 वर्षों से वे करियर, शिक्षा और सरकारी नौकरियों से जुड़े विषयों पर लिख रही हैं। मुश्किल खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी विशेषता है। वे 2024 से लाइव हिन्दुस्तान की करियर टीम का हिस्सा हैं।

अनुभव और करियर का सफर
प्राची ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत 'नन्ही खबर' से की थी, जहां उन्होंने जमीनी स्तर पर खबरों के महत्व को समझा। इसके बाद, उन्होंने 'सी.वाई. फ्यूचर लिमिटेड' और 'कुटुंब' जैसे प्लेटफॉर्म्स पर बतौर कंटेंट राइटर काम करते हुए अपनी लेखनी और रिसर्च स्किल्स को निखारा। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने के बाद, वे करियर डेस्क पर सक्रिय हैं और छात्रों के लिए करियर विकल्पों, बोर्ड परीक्षाओं, जॉब और प्रतियोगी परीक्षाओं की बारीकियों को कवर कर रही हैं।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
प्राची ने देश के प्रतिष्ठित भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC) से इंग्लिश जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा किया है। उनकी शैक्षणिक नींव दिल्ली यूनिवर्सिटी से है, जहां से उन्होंने इतिहास में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। इतिहास की अच्छी जानकारी होने के कारण, वे आज की खबरों को बेहतर तरीके से समझ और समझा पाती हैं। यही वजह है कि उनके लेखों में जानकारी पूरी तरह सटीक और अधिक भरोसेमंद होती है।

विजन
प्राची का मानना है कि करियर चुनना केवल एक नौकरी पाना नहीं, बल्कि सही दिशा में अपना भविष्य सुरक्षित करना है। उनका उद्देश्य है कि हर छात्र और अभ्यर्थी तक बिना किसी भ्रम के, सटीक और सही समय पर जानकारी पहुंचे। वे पारदर्शिता और विश्वसनीयता को डिजिटल पत्रकारिता की सबसे बड़ी ताकत मानती हैं।

रुचियां
इतिहास की समझ और पत्रकारिता के जुनून के साथ, प्राची को खाली समय में उपन्यास पढ़ना और विश्व सिनेमा देखना पसंद है, जो उनके लेखन में एक नया दृष्टिकोण जोड़ता है।

विशेषज्ञता
बोर्ड परीक्षा अपडेट्स और रिजल्ट एनालिसिस
करियर काउंसलिंग और नए जमाने के कोर्सेज
सरकारी और प्राइवेट सेक्टर में जॉब अपडेट
एडमिशन प्रक्रिया और कॉम्पिटिटिव एग्जाम गाइडेंस
छात्रों के लिए सॉफ्ट स्किल्स और मोटिवेशनल स्टोरीज
छात्रों के लिए JEE, NEET, UPSC जैसी परीक्षा की तैयारी के लिए टिप्स

और पढ़ें
करियर सेक्शन में लेटेस्ट एजुकेशन न्यूज़, सरकारी जॉब , एग्जाम , एडमिशन , CBSE 12th Result 2026 Live के साथ सभी Board Results 2026 देखें। सबसे पहले अपडेट पाने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।