सेना में ऑफिसर बनने का मौका, NCC वालों के लिए सेना में सीधी भर्ती, बिना लिखित परीक्षा मिलेगा चयन
Indian Army NCC Special Entry 2026 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। ग्रेजुएट युवाओं के लिए शानदार अवसर है। इस भर्ती के तहत ट्रेनिंग के बाद सीधे अफसर की वर्दी मिलेगी।

देश की सेवा का सपना देखने वाले युवाओं के लिए भारतीय सेना ने बड़ा मौका दिया है। भारतीय सेना ने NCC Special Entry Scheme 2026 के तहत 70 पदों पर भर्ती का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस भर्ती की खास बात यह है कि इसमें कोई लिखित परीक्षा नहीं होती, बल्कि सीधे शॉर्टलिस्टिंग और SSB इंटरव्यू के जरिए उम्मीदवारों का चयन किया जाता है।
जो युवा NCC से जुड़े रहे हैं और अब सेना में अधिकारी बनना चाहते हैं, उनके लिए यह एंट्री सबसे आसान और प्रतिष्ठित रास्तों में से एक मानी जाती है। इच्छुक उम्मीदवार भारतीय सेना की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
कितने पदों पर होगी भर्ती
इस भर्ती के तहत कुल 70 पद भरे जाएंगे। इनमें से 63 पद NCC पुरुष उम्मीदवारों के लिए हैं। 7 पद युद्ध में शहीद या घायल सैनिकों के परिवारों के लिए आरक्षित हैं। यह भर्ती Short Service Commission (SSC) के तहत होगी, जिसमें चयनित उम्मीदवार 10 से 14 साल तक सेवा दे सकते हैं।
कब से कब तक कर सकते हैं आवेदन
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 12 फरवरी 2026 से शुरू हो चुकी है। आवेदन करने की अंतिम तिथि 16 मार्च 2026 (दोपहर 3 बजे तक) निर्धारित की गई है। जो उम्मीदवार आवेदन करना चाहते हैं, उन्हें अंतिम तारीख का इंतजार नहीं करना चाहिए क्योंकि अंतिम समय में वेबसाइट पर दबाव बढ़ जाता है।
कौन कर सकता है आवेदन
इस भर्ती में आवेदन करने के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएट होना जरूरी है। फाइनल ईयर में पढ़ रहे छात्र भी आवेदन कर सकते हैं, लेकिन उन्हें अक्टूबर 2026 तक डिग्री पूरी करनी होगी। उम्मीदवार के पास NCC का ‘C’ सर्टिफिकेट कम से कम ‘B’ ग्रेड के साथ होना अनिवार्य है। साथ ही NCC की सीनियर डिवीजन या विंग में कम से कम 2-3 साल की सेवा जरूरी है। युद्ध में शहीद सैनिकों के बच्चों के लिए NCC सर्टिफिकेट जरूरी नहीं रखा गया है।
उम्र सीमा क्या है
उम्मीदवार की आयु 1 जुलाई 2026 को 19 से 25 वर्ष के बीच होनी चाहिए। यानि अभ्यर्थी का जन्म 2 जुलाई 2001 से 1 जुलाई 2007 के बीच होना चाहिए।
कैसे होगा चयन
इस भर्ती में चयन की प्रक्रिया कई चरणों में होती है, लेकिन इसमें लिखित परीक्षा नहीं होती। सबसे पहले उम्मीदवारों की शॉर्टलिस्टिंग उनके NCC ग्रेड और ग्रेजुएशन के अंकों के आधार पर होती है। इसके बाद चयनित उम्मीदवारों को SSB इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है, जो लगभग 5 दिनों तक चलता है। इसमें मानसिक, शारीरिक, नेतृत्व क्षमता और व्यक्तित्व का पूरा परीक्षण किया जाता है। SSB पास करने के बाद मेडिकल जांच होती है और फिर मेरिट लिस्ट जारी की जाती है।
NCC और ग्रेजुएशन के नंबर से मिलता है बोनस
भारतीय सेना शॉर्टलिस्टिंग के समय अधिकतम 100 बोनस अंक देती है। इसमें NCC ‘C’ सर्टिफिकेट के ग्रेड और ग्रेजुएशन प्रतिशत के आधार पर अंक जोड़े जाते हैं। जिन उम्मीदवारों के अंक ज्यादा होते हैं, उनकी SSB के लिए चयन की संभावना बढ़ जाती है।
ट्रेनिंग कहां और कितने समय की होगी
चयनित उम्मीदवारों को ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (OTA), चेन्नई भेजा जाएगा। यह ट्रेनिंग लगभग 49 सप्ताह यानी करीब एक साल की होती है। ट्रेनिंग अक्टूबर 2026 से शुरू होगी।
ट्रेनिंग के दौरान और बाद में कितनी मिलेगी सैलरी
ट्रेनिंग के दौरान उम्मीदवारों को 56,100 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड दिया जाएगा। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद कमीशन मिलने पर वे लेफ्टिनेंट बनते हैं और सैलरी लेवल 10 के अनुसार वेतन मिलता है। शुरुआती कुल सालाना पैकेज लगभग 17 से 18 लाख रुपये तक पहुंच जाता है, जिसमें कई तरह के भत्ते शामिल होते हैं। इसके अलावा मेडिकल सुविधा, यात्रा सुविधा, राशन, ड्रेस अलाउंस और बच्चों की शिक्षा सहायता जैसी सुविधाएं भी मिलती हैं।
फिजिकल फिटनेस भी जरूरी
ट्रेनिंग जॉइन करने से पहले उम्मीदवारों को निर्धारित शारीरिक मानकों को पूरा करना होता है। इसमें दौड़, पुशअप, स्क्वैट, लंजेस और तैराकी जैसी गतिविधियां शामिल होती हैं। सेना अधिकारी बनने के लिए मानसिक ही नहीं, शारीरिक रूप से भी मजबूत होना जरूरी है।
आवेदन कैसे करना है
उम्मीदवारों को भारतीय सेना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर Officer Entry Application सेक्शन में रजिस्ट्रेशन करना होगा। फिर लॉगिन करके NCC Special Entry के तहत आवेदन फॉर्म भरना होगा। फॉर्म भरते समय व्यक्तिगत जानकारी, शिक्षा विवरण और NCC से जुड़ी जानकारी सही-सही भरना जरूरी है क्योंकि आवेदन सबमिट होने के बाद उसमें कोई बदलाव नहीं किया जा सकता।
किन शहरों में होगा SSB इंटरव्यू
SSB इंटरव्यू देश के चार प्रमुख केंद्रों प्रयागराज, भोपाल, बेंगलुरु और जालंधर में आयोजित होगा। उम्मीदवार अपनी सुविधा के अनुसार केंद्र चुन सकते हैं।

लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
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काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
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