Indian Army Internship 2025: भारतीय सेना में हाई-टेक इंटर्नशिप का शानदार मौका, 1,000 रुपये रोजाना स्टाइपेंड
Indian Army Internship 2025: भारतीय सेना ने अपने 'हाई-टेक इंटर्नशिप प्रोग्राम 2026' (IAIP) के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि 21 दिसंबर 2025 निर्धारित की गई है।

Indian Army Internship 2025: अगर आप इंजीनियरिंग के छात्र हैं और आपके मन में देश सेवा के साथ-साथ अत्याधुनिक तकनीक पर काम करने का जुनून है, तो भारतीय सेना आपके लिए एक सुनहरा अवसर लेकर आई है। भारतीय सेना ने अपने 'हाई-टेक इंटर्नशिप प्रोग्राम 2025' (IAIP) के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह कार्यक्रम न केवल युवाओं को सेना के अनुशासन को समझने का मौका देगा, बल्कि उन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सैन्य स्तर के सॉफ्टवेयर पर काम करने का अनुभव भी प्रदान करेगा।
21 दिसंबर तक कर सकते हैं आवेदन
इस इंटर्नशिप के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 12 दिसंबर 2025 से शुरू हो चुकी है। इच्छुक उम्मीदवारों के पास आवेदन करने के लिए बहुत कम समय बचा है, क्योंकि फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि 21 दिसंबर 2025 निर्धारित की गई है। सेना ने स्पष्ट किया है कि यह एक पायलट प्रोजेक्ट है जो युवाओं को तकनीक के माध्यम से राष्ट्र रक्षा से जोड़ने का एक अनूठा प्रयास है।
कौन-कौन है पात्र?
भारतीय सेना की इस इंटर्नशिप के लिए शैक्षणिक योग्यता के कड़े मानक तय किए गए हैं। इसमें कंप्यूटर साइंस, डेटा साइंस, सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन (ECE) स्ट्रीम के BE या B.Tech के अंतिम वर्ष के छात्र या डिग्री धारक आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा, AI, मशीन लर्निंग (ML), और सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में M.Tech कर रहे छात्र या डिग्री धारक भी इसके योग्य हैं। सेना ने रिसर्चर (पीएचडी स्कॉलर) के लिए भी दरवाजे खोले हैं, जो AI, बिग डेटा या DevSecOps जैसे क्षेत्रों में स्पेशलाइजेशन रखते हैं।
आकर्षक स्टाइपेंड और सुविधाएं
प्रतियोगिता के इस दौर में यह इंटर्नशिप आर्थिक रूप से भी काफी आकर्षक है। चुने गए अभ्यर्थियों को रोजाना 1,000 रुपये का स्टाइपेंड दिया जाएगा। यह 75 दिनों का एक प्रोग्राम है, जो 12 जनवरी 2026 से शुरू होकर 27 मार्च 2026 तक चलेगा। इस दौरान ट्रेनी को नई दिल्ली और बेंगलुरु जैसे प्रमुख केंद्रों में सेना के एक्सपर्ट की देखरेख में काम करने का अवसर मिलेगा।
भविष्य की तकनीकों पर होगा काम
इस इंटर्नशिप का सबसे रोमांचक हिस्सा इसका तकनीकी दायरा है। ट्रेनी को केवल सैद्धांतिक ज्ञान नहीं, बल्कि 'लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स' (LLMs), ऑटोनॉमस सिस्टम्स, क्लाउड कंप्यूटिंग और साइबर सुरक्षा जैसे विषयों पर प्रैक्टिकल अनुभव मिलेगा। इसके साथ ही रिएक्ट, पायथन, जावा और रुस्त जैसी प्रोग्रामिंग भाषाओं और फ्रेमवर्क्स पर भी सैन्य ग्रेड के प्रोजेक्ट्स तैयार करने का मौका मिलेगा।
देश सेवा और करियर का संगम
यह अनुभव किसी भी प्राइवेट कंपनी की इंटर्नशिप से कहीं बढ़कर है। भारतीय सेना का हिस्सा बनकर तकनीक पर काम करना किसी भी युवा के रिज्यूमे में चार चांद लगा सकता है। इंटर्नशिप पूरी होने पर मिलने वाला प्रमाण-पत्र भविष्य में करियर के कई बंद दरवाजे खोल सकता है।
यदि आप भी इस चुनौतीपूर्ण और गर्व महसूस कराने वाले सफर का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो तुरंत भारतीय सेना के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर आवेदन करें। याद रखें, अंतिम समय की तकनीकी दिक्कतों से बचने के लिए 21 दिसंबर से पहले अपनी प्रक्रिया पूरी कर लेना ही समझदारी है। यह मौका केवल तकनीक सीखने का नहीं, बल्कि अपनी काबिलियत से सेना को और भी स्मार्ट बनाने का है।



