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Indian Army Day 2026 : 15 जनवरी को क्यों मनाया जाता है इंडियन आर्मी डे , जानें क्या है इस बार खास

Indian Army Day 2026 : 15 जनवरी को क्यों मनाया जाता है इंडियन आर्मी डे , जानें क्या है इस बार खास

संक्षेप:

Indian Army Day 2025 : हर साल देश में 15 जनवरी का दिन भारतीय थल सेना दिवस के तौर पर मनाया जाता है। इस बार 15 जनवरी को इंडियन आर्मी 78वां सेना दिवस मना रही है। इस बार की आर्मी डे परेड जयपुर में हो रही है।

Jan 15, 2026 06:57 am ISTPankaj Vijay लाइव हिन्दुस्तान
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Indian Army Day 2026 : हर साल देश में 15 जनवरी का दिन भारतीय थल सेना दिवस के तौर पर मनाया जाता है। इस बार 15 जनवरी को इंडियन आर्मी 78वां सेना दिवस मना रही है। इस दिवस को मनाने के पीछे की वजह है- फील्ड मार्शल केएम करियप्पा (Field Marshal KM Cariappa)। 15 जनवरी, 1949 को करीब 200 साल के ब्रिटिश राज के बाद पहली बार किसी भारतीय को इंडियन आर्मी की कमान सौंपी गई थी। फील्ड मार्शल केएम करियप्पा ने जनरल फ्रांसिस बुचर से भारतीय सेना की कमान ली थी। फ्रांसिस बुचर भारत के अंतिम ब्रिटिश कमांडर इन चीफ थे। जबकि करियप्पा आजाद भारत के पहले कमांडर-इन-चीफ थे। करियप्पा के भारतीय थल सेना के शीर्ष कमांडर का पदभार ग्रहण करने के उपलक्ष्य में हर साल यह दिन मनाया जाता है। हालांकि अब यह पद देश के राष्ट्रपति के पास है। इस पद पर करियप्पा के अलावा फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ भी रहे। कमांडर-इन-चीफ तीन सेनाओं के प्रमुख को कहा जाता है। करियप्पा को 'किपर' के नाम से भी जाना जाता है।

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सेना दिवस का महत्व

सेना दिवस पर हम अपने सैन्य कर्मियों के असाधारण साहस, अटूट प्रतिबद्धता और बलिदान का सम्मान करते हैं। हमारे राष्ट्र की रक्षा करने और हमारी संप्रभुता को बनाए रखने में उनका अथक समर्पण उनकी बहादुरी का प्रमाण है।

जानें केएम करियप्पा के बारे में

- 1899 में कर्नाटक के कुर्ग में जन्मे फील्ड मार्शल करिअप्पा ने महज 20 वर्ष की उम्र में ब्रिटिश इंडियन आर्मी में नौकरी शुरू की थी।

- करिअप्पा ने वर्ष 1947 के भारत-पाक युद्ध में पश्चिमी सीमा पर सेना का नेतृत्व किया था।

- भारत-पाक आजादी के वक्त उन्हें दोनों देशों की सेनाओं के बंटवारे की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। करियप्पा को 'किपर' के नाम से भी जाना जाता था।

- वर्ष 1953 में करिअप्पा सेना से रिटायर हो गए थे।

- भारतीय सेना में फील्ड मार्शल का पद सर्वोच्च होता है। ये पद सम्मान स्वरूप दिया जाता है। भारतीय इतिहास में अभी तक यह रैंक सिर्फ दो अधिकारियों को दिया गया है। देश के पहले फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ हैं। उन्हें जनवरी 1973 में राष्ट्रपति ने फील्ड मार्शल पद से सम्मानित किया था। एम करिअप्पा देश के दूसरे फील्ड मार्शल थे। उन्हें 1986 में फील्ड मार्शल बनाया गया था।

भारतीय सेना में फील्ड मार्शल पांच सितारा रैंक वाला सर्वोच्च पद होता है। इसे कमांडर-इन-चीफ भी कहा जाता है।

जयपुर में होगा इस बार का भव्य आर्मी डे समारोह

इस बार इंडियन आर्मी सेना दिवस पर अपनी भव्य आर्मी परेड का आयोजन जयपुर में करेगी। आर्मी डे परेड में भारतीय सेना के साहस, शक्ति और तकनीकी प्रगति का प्रदर्शन किया जाएगा। परंपरागत रूप से दिल्ली में आयोजित होने वाली परेड 2023 से अलग-अलग शहरों में आयोजित की जाने लगी, जिसकी शुरुआत बेंगलुरु से हुई और उसके बाद 2024 में लखनऊ में हुई। 2025 में यह पुणे में हुई थी।

क्या होगा पहली बार

इस आर्मी डे पर पहली बार नई बनी भैरव बटालियन के सैनिक अपनी ताकत दिखाएंगे। भारतीय सेना ने आधुनिक युद्ध के लिए भैरव बटालियन तैयार की है। एके AK-203 से लैस यह फोर्स चीन-पाक सीमा और हाई रिस्क ऑपरेशन के लिए पूरी तरह सक्षम है। करीब 250 सैनिकों की इस टीम में इंफेंट्री, आर्टिलरी, एयर डिफेंस, सिग्नल और अन्य सपोर्ट यूनिट्स के जवान शामिल हैं। इसके अलावा परेड में लद्दाख, कुमाऊं, सिक्किम, डोगरा और गढ़वाल स्काउट्स बटालियन के जांबाज पहली बार एक साथ मार्च करेंगे। यह देश की एकता को दिखाएंगे।

Pankaj Vijay

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Pankaj Vijay

पंकज विजय| वरिष्ठ पत्रकार

शॉर्ट बायो पंकज विजय एक वरिष्ठ डिजिटल पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 15 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में livehindustan.com में असिस्टेंट एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। वे करियर, स्कूल व हायर एजुकेशन, जॉब्स से जुड़े विषयों पर खबर लेखन और विश्लेषण में विशेषज्ञता रखते हैं। 9 वर्षों से यहां इसी भूमिका में हैं। सरकारी भर्तियों, बोर्ड व एंट्रेंस एग्जाम, प्रतियोगी परीक्षाओं, उनके परिणाम, बदलते दौर में करियर की नई राहों, कोर्स, एडमिशन एवं नए जमाने के रोजगार के लिए जरूरी स्किल्स से जुड़ी अपडेट तेजी से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं।


15 से अधिक सालों का अनुभव

पंकज विजय ने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की। अमर उजाला समाचार पत्र में रिसर्च, संपादकीय और करियर एजुकेशन जॉब्स डेस्क पर काम किया। यहां उन्हें फीचर लेखन व रिपोर्टिंग का भी मौका मिला। इसके बाद उन्होंने आज तक डिजिटल में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। आज तक वेबसाइट पर राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और एजुकेशन व रोजगार जगत से जुड़ी खबरें लिखीं। इसके बाद एनडीटीवी ऑनलाइन में एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर इस विषय में अपनी समझ को और व्यापक बनाया। एनडीटीवी की पारी के बाद वे लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े और बीते 9 वर्षों से करियर एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर रहे हैं।


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भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी), दिल्ली से हिन्दी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा, गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में एमए व दिल्ली यूनिवर्सिटी से इतिहास में बीए ऑनर्स किया है। एनसीसी सी सर्टिफिकेट होल्डर हैं जिसके चलते उन्हें रक्षा क्षेत्र जैसे पुलिस व सेनाओं की भर्तियों की बेहतर समझ है।


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