Agniveer CEE Result 2026: अग्निवीर सीईई भर्ती परीक्षा की मेरिट लिस्ट में ऐसे चेक करें अपना नाम, देखें PDF
भारतीय सेना ने अग्निवीर CEE 2026 के परिणाम जारी कर दिए हैं। उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट joinindianarmy.nic.in पर जाकर अपने क्षेत्र की मेरिट सूची देख सकते हैं।

देश की सेवा का सपना देखने वाले युवाओं के लिए राहत की खबर सामने आई है। भारतीय सेना ने अग्निवीर कॉमन एंट्रेंस एग्जाम (CEE) 2026 के परिणाम घोषित कर दिए हैं। परीक्षा के नतीजों के साथ ही उन उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला हो गया है, जिन्होंने जून महीने के बीच अपनी मेहनत से इस पहली बड़ी बाधा को पार किया था। भारतीय सेना द्वारा आधिकारिक वेबसाइट पर एआरओ (Army Recruitment Office) वार मेरिट सूची जारी कर दी गई है। जिन उम्मीदवारों ने इस परीक्षा को पास कर लिया है वे नीचे दिए तरीके के जरिए मेरिट लिस्ट में अपना नाम देख सकते हैं।
ऐसे देखें मेरिट लिस्ट में अपना नाम
अगर आपने भी यह परीक्षा दी है, तो इन स्टेप्स को फॉलो करके अपना रिजल्ट चेक करें -
- सबसे पहले भारतीय सेना की आधिकारिक वेबसाइट joinindianarmy.nic.in पर जाएं।
- होमपेज पर चमकते हुए 'Agniveer CEE Result 2026' लिंक पर क्लिक करें।
- अपने संबंधित एआरओ (ARO) या क्षेत्र का चयन करें।
- मेरिट लिस्ट की पीडीएफ डाउनलोड करें और 'Ctrl + F' दबाकर अपना नाम या रोल नंबर चेक करें।
अग्निपरीक्षा अभी बाकी है
सीईई (CEE) पास करना निश्चित रूप से एक बड़ी उपलब्धि है, लेकिन याद रहे कि यह अंतिम मंजिल नहीं है। भारतीय सेना में भर्ती की राह अभी और कठिन और रोमांचक होने वाली है। मेरिट लिस्ट में जगह बनाने वाले बहादुरों को अब फिजिकल और मेडिकल की अग्निपरीक्षा से गुजरना होगा। भर्ती के अगले चरणों का विवरण इस प्रकार है -
शारीरिक फिटनेस टेस्ट (PFT): आपकी सहनशक्ति और फुर्ती की असली परख यहाँ होगी। इसमें 1.6 किलोमीटर की दौड़, पुल-अप्स, पुश-अप्स और सिट-अप्स जैसे चुनौतीपूर्ण शारीरिक परीक्षण शामिल हैं।
शारीरिक माप परीक्षण (PMT): सेना के सख्त मानकों के अनुसार आपकी ऊंचाई, वजन और छाती के माप की बारीकी से जांच की जाएगी।
डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन: आपके शैक्षणिक प्रमाण पत्रों से लेकर पहचान पत्र और अन्य जरूरी दस्तावेजों की गहन पड़ताल होगी, ताकि प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।
मेडिकल टेस्ट: एक फौजी का शरीर स्वस्थ और दुरुस्त होना अनिवार्य है, इसलिए डॉक्टरों की टीम स्वास्थ्य का विस्तृत परीक्षण करेगी।
अनुकूलनशीलता परीक्षण: पद विशेष के नियमों के अनुसार कुछ उम्मीदवारों को अतिरिक्त परीक्षणों से भी गुजरना पड़ सकता है।
फिटनेस टेस्ट: दौड़ और ताकत का खेल
अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया में फिजिकल टेस्ट के अंक बहुत मायने रखते हैं। दौड़ के लिए अंक प्रणाली भी बहुत मायने रखती है। अगर आप 5 मिनट 30 सेकंड के भीतर 1.6 किमी की दौड़ पूरी कर लेते हैं, तो आपको 60 अंक मिलेंगे। इसके बाद, 5 मिनट 31 सेकंड से 5 मिनट 45 सेकंड के बीच दौड़ पूरी करने पर 48 अंक, 5 मिनट 46 सेकंड से 6 मिनट तक 36 अंक और 6 मिनट 1 सेकंड से 6 मिनट 15 सेकंड तक 24 अंक दिए जाएंगे।
दौड़ के अलावा, 10 पुल-अप्स लगाने पर 40 अंक मिलते हैं। ध्यान रहे कि 9 फीट की लंबी कूद और जिग-जैग बैलेंस टेस्ट सिर्फ पास (क्वालिफाइंग) करने के लिए हैं, इनके लिए अलग से कोई अंक नहीं दिए जाएंगे, लेकिन इन्हें क्लियर करना अनिवार्य है।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
- नीट, जेईई और राज्यवार बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों, बदलावों और परिणामों पर गहन फोकस
- UPSC, UPPSC, MPPSC, BPSC, RPSC और JPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी, पैटर्न और नीतिगत पहलुओं पर पैनी नजर
- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव


