सेना ने जारी किए अग्निवीर CEE 2026 के नतीजे, अब आगे क्या; वर्दी का सपना कैसे होगा पूरा
भारतीय सेना ने अग्निवीर कॉमन एंट्रेंस एग्जाम (CEE) 2026 के नतीजे घोषित कर दिए हैं। इस चयन प्रक्रिया में आगे और कौन-कौन से पड़ाव हैं, आइए जानते हैं।

फौज की वर्दी पहनने और देश की सरहदों की हिफाजत करने का सपना देखने वाले लाखों नौजवानों के लिए आज का दिन बेहद खास है। भारतीय सेना ने आज अग्निवीर कॉमन एंट्रेंस एग्जामिनेशन (CEE) 2026 के नतीजे घोषित कर दिए हैं। अगर आपने भी इस साल सेना में जाने के लिए यह लिखित परीक्षा दी थी, तो अब आपकी धड़कनें यकीनन तेज हो गई होंगी। आपके सब्र का इम्तिहान अब खत्म हो चुका है। आप अपना रिजल्ट और क्वालीफाइंग स्टेटस भारतीय सेना की आधिकारिक वेबसाइट joinindianarmy.nic.in पर जाकर बड़ी आसानी से चेक कर सकते हैं। इस बार जो नतीजे आए हैं, वो रीजन-वाइज यानी क्षेत्रीय भर्ती कार्यालयों के हिसाब से पीडीएफ फॉर्मेट में वेबसाइट पर अपलोड किए गए हैं। जिन नौजवानों का रोल नंबर इस मेरिट लिस्ट में शामिल है, उनके लिए सेना के दरवाजे का पहला ताला खुल गया है और अब वे चयन प्रक्रिया के अगले पड़ाव में जाने के लिए पूरी तरह से योग्य माने जाएंगे। गौरतलब है कि भारतीय सेना ने रिजल्ट तो जारी कर दिया है, ऐसे में वर्दी का सपना कैसे पूरा होगा और किन कड़ियों से इस भर्ती प्रक्रिया को गुजरना है, आइए जानते हैं।
25,000 से ज्यादा पदों पर होनी है बंपर भर्ती
इस बार की भर्ती प्रक्रिया काफी बड़े स्तर पर हो रही है। सेना की तरफ से दी गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, इस वक्त अलग-अलग कैटेगरीज में 25,000 से भी ज्यादा पद खाली हैं, जिन्हें भरने के लिए यह पूरी कवायद चल रही है। इन पदों में जनरल ड्यूटी (GD), टेक्निकल, क्लर्क/स्टोरकीपर टेक्निकल, ट्रेड्समैन, सोल्जर फार्मा, सोल्जर टेक्निकल नर्सिंग असिस्टेंट और वुमेन मिलिट्री पुलिस जैसे अहम पद शामिल हैं। यानी हर उस युवा के लिए मौका है, जिसने अपनी काबिलियत के हिसाब से फॉर्म भरा था।
क्या है अग्निवीर कॉमन एंट्रेंस एग्जामिनेशन की चयन प्रक्रिया
फौज में जाना कोई आसान काम नहीं है; इसके लिए जिस्म और दिमाग, दोनों का मजबूत होना जरूरी है। आधिकारिक नोटिफिकेशन के मुताबिक, अग्निवीर बनने का यह सफर तीन मुख्य पड़ावों (फेज) से होकर गुजरता है -
कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT): यह पहला पड़ाव है, जिसके नतीजे आज आए हैं। अलग-अलग पदों के हिसाब से इस परीक्षा में जनरल नॉलेज, जनरल साइंस, गणित, लॉजिकल रीजनिंग, फिजिक्स, केमिस्ट्री, कंप्यूटर साइंस और जनरल इंग्लिश जैसे विषयों से जुड़े सवाल पूछे गए थे।
रिक्रूटमेंट रैली (फिजिकल टेस्ट): लिखित परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों को अब असली पसीना बहाना होगा। रैली के मैदान में 1.6 किलोमीटर की दौड़ लगानी होगी, पुल-अप्स करने होंगे, 9 फीट का गड्ढा (ditch) फांदना होगा और जिग-जैग बैलेंसिंग का भी टेस्ट देना होगा। इसके बाद फिजिकल मेजरमेंट टेस्ट (नाप-तौल) और मेडिकल जांच की जाएगी।
डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन (कागजातों की जांच): फिजिकल और मेडिकल में फिट होने वाले उम्मीदवारों के सभी जरूरी कागजातों की बारीकी से जांच की जाएगी।
कैसी होगी सैलरी और क्या है आर्थिक ढांचा?
अग्निपथ स्कीम के तहत भर्ती होने वाले इन अग्निवीरों की सैलरी का ढांचा भी काफी स्पष्ट रूप से तय किया गया है। सरकारी गाइडलाइंस के मुताबिक, जब कोई नौजवान भर्ती होगा, तो पहले साल उसे हर महीने 30,000 रुपये की सैलरी मिलेगी। इसमें से इन-हैंड यानी कट-पिट कर हाथ में 21,000 रुपये आएंगे। बाकी का 30 फीसदी हिस्सा 'अग्निवीर कॉर्पस फंड' में जमा होगा। खास बात यह है कि जितना पैसा सैनिक की सैलरी से कटेगा, ठीक उतनी ही रकम भारत सरकार भी अपनी तरफ से उस फंड में मिलाएगी। सैलरी में हर साल 5,000 रुपये का इजाफा होगा। इस तरह चौथे साल तक पहुंचते-पहुंचते कुल सैलरी 40,000 रुपये हो जाएगी, जिसमें से हर महीने 28,000 रुपये नकद मिला करेंगे।
कुछ और जरूरी बातें जो आपको जाननी चाहिए
आपको याद दिला दें कि इस भर्ती के लिए ऑनलाइन फॉर्म 13 फरवरी 2026 से भरने शुरू हुए थे और आवेदन की आखिरी तारीख 1 अप्रैल 2026 थी। पूरे देश में एक साथ चलाई गई यह भर्ती प्रक्रिया अग्निपथ योजना का हिस्सा है, जिसके तहत चुने गए नौजवानों को 4 साल तक देश की सेवा करने का गौरव हासिल होगा।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
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शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
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काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
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- UPSC, UPPSC, MPPSC, BPSC, RPSC और JPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी, पैटर्न और नीतिगत पहलुओं पर पैनी नजर
- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव


