झमाझम बारिश बनी आफत, IMD का रेड अलर्ट; देश के कई राज्यों के स्कूलों में छुट्टी का ऐलान
देशभर में भारी बारिश और मानसून के चलते कई राज्यों में स्कूलों की छुट्टी का ऐलान कर दिया गया है, आईएमडी ने भी मौसम का रेड अलर्ट जारी किया।

मानसून की झमाझम बारिश ने एक बार फिर पूरे भारत में अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। आज 9 जुलाई 2026 की सुबह कई शहरों और कस्बों के लिए एक नई आसमानी आफत लेकर आई। आसमान से बरसते पानी ने सड़कों को दरिया बना दिया है, और आम जनजीवन पूरी तरह से बेपटरी हो गया है। बच्चों की हिफाजत को सबसे ऊपर रखते हुए, कई राज्यों की सरकारों और स्थानीय प्रशासन ने आज स्कूलों में छुट्टी का ऐलान कर दिया है। हर साल की तरह इस बार भी मानसून की दस्तक के साथ ही जलभराव, भूस्खलन और घंटों लगने वाले ट्रैफिक जाम जैसी वही पुरानी मुसीबतें लोगों का कड़ा इम्तिहान ले रही हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने हालात की नजाकत को समझते हुए कई राज्यों में मौसम का रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है। प्रशासन किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहता, इसलिए जहां एक तरफ एहतियातन स्कूल बंद किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बच्चों की पढ़ाई का कोई नुकसान न हो, इसके लिए एक बार फिर से ऑनलाइन क्लास और वर्चुअल टीचिंग का सहारा लिया जा रहा है।
बड़े शहरों का वही पुराना और बेहाल मंजर
उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, नई दिल्ली और एनसीआर से लेकर दक्षिण में केरल और कर्नाटक तक, मूसलाधार बारिश ने हर जगह अपना गहरा असर छोड़ा है। अगर बात बड़े और स्मार्ट शहरों की करें, तो मुंबई, पुणे और गुरुग्राम (गुड़गांव) का हाल सबसे ज्यादा खराब नजर आ रहा है। जैसे ही मानसून की पहली मजबूत फुहार इन शहरों पर गिरती है, इनकी चमचमाती सड़कें तालाब में तब्दील हो जाती हैं। जलभराव के चलते गाड़ियां रेंगती हुई नजर आती हैं, और हादसों का खतरा भी कई गुना बढ़ जाता है। ऐसे खराब हालातों में प्रशासन ने बच्चों को घर पर ही महफूज रखने की सख्त हिदायत दी है। कई स्कूलों ने तो अगले कुछ दिनों तक के लिए क्लासरूम की पढ़ाई को पूरी तरह रोक दिया है और हालात सुधरने तक वर्चुअल प्लैटफॉर्म के जरिए ही क्लासेज चलाने का फैसला किया है ताकि बच्चे सुरक्षित रहें।
किन-किन राज्यों और जिलों में लगा स्कूलों पर ताला?
अगर हम खास तौर पर उन जिलों की बात करें जहां आज स्कूलों पर ताला लगा है, तो उसमें केरल का वायनाड सबसे ऊपर है। मौसम विभाग ने वायनाड जिले के लिए बेहद भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। इस बड़े खतरे को देखते हुए वहां के जिला कलेक्टर ने आंगनवाड़ी, ट्यूशन सेंटर, प्रोफेशनल कॉलेज और सभी छोटे-बड़े स्कूलों को फौरन बंद करने का आदेश दे दिया है।
वहीं उत्तर भारत का भी कुछ ऐसा ही डराने वाला मिजाज है। पहाड़ों की रानी कहे जाने वाले उत्तराखंड और उससे सटे उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में फिलहाल ऑरेंज अलर्ट लागू है। देहरादून, उधम सिंह नगर और नैनीताल जैसे पहाड़ी जिलों में तो एहतियातन स्कूलों की छुट्टी कर ही दी गई है, साथ ही एनसीआर के गाजियाबाद में भी शिक्षण संस्थान आज बंद रखे गए हैं। दक्षिण भारत के कर्नाटक राज्य में भी तेज हवाओं और लगातार हो रही बारिश ने लोगों का घरों से निकलना मुहाल कर दिया है। बारिश के इस कहर को देखते हुए शिवमोगा जिले के सागर और होसानगर तालुक में स्कूल-कॉलेजों को बंद रखने का बड़ा फैसला लिया गया है।
मौसम विभाग का हाई अलर्ट और आगे का क्या है अनुमान?
आईएमडी की मानें तो यह आफत अभी थमी नहीं है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी लगातार बनी हुई है। इसके अलावा महाराष्ट्र के कोंकण और गोवा इलाके, गुजरात, और दक्षिण के कई राज्यों में भी झमाझम बारिश के आसार जताए गए हैं। मौसम महकमा हर पल बदलते हालात पर पैनी नजर बनाए हुए है और लोगों से बार-बार अपील कर रहा है कि वे बेवजह घरों से बाहर न निकलें और सतर्क रहें।
आम लोगों के लिए बचाव और सुरक्षा की जरूरी हिदायतें
प्रशासन और मौसम विभाग ने आम जनता, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए कुछ बेहद जरूरी हिदायतें भी जारी की हैं। अगर आप ऐसे इलाके में रहते हैं जहां भारी बारिश का अलर्ट है, तो टीवी न्यूज या ऑनलाइन रिपोर्ट्स के जरिए मौसम की पल-पल की जानकारी से खुद को अपडेट रखें। बहुत ज्यादा जरूरी काम होने पर ही घर की दहलीज पार करें।
तेज हवाओं, आंधी और बिजली चमकने के दौरान पेड़ों, खुले मैदानों, छतों और बिजली के खंभों से दूर रहना ही सबसे बड़ी समझदारी है। इसके अलावा, उन निचले इलाकों की तरफ बिल्कुल न जाएं जहां पानी भरा हो, क्योंकि जलभराव वाले इलाके अक्सर बड़े हादसों को न्योता देते हैं। मानसून के मौसम में सबसे बड़ा खतरा बीमारियों का भी होता है। जलजनित बीमारियां जैसे टाइफाइड, डेंगू और मलेरिया इस मौसम में तेजी से पांव पसारती हैं। ऐसे में हमेशा उबला हुआ और साफ पानी ही पिएं। अपने घर के आस-पास गंदा पानी इकट्ठा न होने दें। आपकी थोड़ी सी समझदारी और जागरूकता आपको और आपके पूरे परिवार को इस मानसूनी आफत से महफूज रख सकती है।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
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- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव


