AI नौकरियां खा रहा... लेकिन नहीं लें टेंशन; इस IIM के 50+ फ्री कोर्स से बनाएं अपना भविष्य
AI के बढ़ते खतरे के बीच सरकार ने IIM बैंगलोर के साथ 50+ फ्री ऑनलाइन कोर्स लॉन्च किए। इनमें जेनरेटिव AI, मशीन लर्निंग, डीप लर्निंग जैसे कोर्स शामिल।

कंपनियों में AI की एंट्री ने माहौल पूरी तरह बदल दिया है। जिन कामों को कभी सुरक्षित माना जाता था, वही अब ऑटोमेशन के सबसे आसान निशाने बन चुके हैं। रोज कहीं न कहीं छंटनी की खबर आती है और मशीनें इंसानी नौकरियों की जगह लेती दिख रही हैं। डेटा एंट्री हो या मार्केटिंग, रिपोर्ट तैयार करना हो या डिजाइन AI दिन-रात बिना रुके काम करता है और यही उसकी ताकत है। इन बदलावों ने प्रोफेशनल्स के सामने ये सख्त हकीकत रख दी है कि नौकरी बचानी है तो स्किल्स अपडेट करना अब मजबूरी नहीं, जरूरत है।
ऐसे समय में सरकार ने मदद का दरवाजा खोला है। भारत सरकार ने IIM बैंगलोर के साथ मिलकर SWAYAM Portal पर 50 से अधिक फ्री ऑनलाइन कोर्स लॉन्च किए हैं। जनवरी 2026 से शुरू होने वाले ये कोर्स उन लोगों के लिए खास हैं, जो महंगे संस्थानों में पढ़ने का खर्च नहीं उठा सकते या नौकरी छोड़कर पूरा समय पढ़ाई में नहीं देना चाहते। सभी कोर्स फ्री हैं, बस सर्टिफिकेट चाहिए तो 750 रुपये की परीक्षा फीस देनी होगी। सबसे बड़ी सुविधा यह है कि इन्हें घर या ऑफिस में रहकर भी पूरा किया जा सकता है। यानी रोजमर्रा की नौकरी के साथ ही भविष्य के लिए तैयारी मुमकिन है।
कैसे काम करते हैं ये कोर्स
इनमें सबसे ध्यान खींचने वाला कोर्स जेनरेटिव AI पर आधारित है। यही टेक्नोलॉजी आज चैटबॉट, इमेज जनरेशन, वीडियो क्रिएशन और ऑटोमेटेड कंटेंट बनाने का आधार है। इस कोर्स में जेनरेटिव AI की बेसिक समझ से लेकर डीप लर्निंग फ्रेमवर्क तक सब सिखाया जाएगा। केस स्टडीज के जरिए यह भी बताया जाएगा कि कंपनियां AI मॉडल को बिजनेस में कैसे इस्तेमाल करती हैं। उद्योगों में जिस रफ्तार से AI अपनाया जा रहा है, उस हिसाब से यह स्किल भविष्य की नौकरी तय कर सकती है।
यहां हैं कोर्स की लिस्ट
बाकी कोर्स की सूची भी काफी विस्तृत है जिसमें मशीन लर्निंग, मार्केटिंग में AI, फाइनेंस के लिए पायथन, AI-पावर्ड CRM, बिजनेस कम्युनिकेशन, इंजीनियरिंग इकोनॉमिक्स, मार्केटिंग 5.0, सप्लाई चेन बेसिक्स, सॉफ्टवेयर टेस्टिंग में AI, डेटा-ड्रिवन मार्केटिंग और डीप लर्निंग जैसे कई विकल्प उपलब्ध हैं। डीप लर्निंग कोर्स विशेष रूप से उन्नत स्तर के लिए तैयार किया गया है, जिसमेंन्यूरल नेटवर्क, CNN, मॉडर्न आर्किटेक्चर और उनकी इमेज प्रोसेसिंग में भूमिका को विस्तार से पढ़ाया जाएगा। यह वही ज्ञान है जिसकी मांग आज कंपनियों में सबसे तेजी से बढ़ रही है।
कुल मिलाकर, आने वाला समय उन्हीं का होगा जो AI के साथ चलना सीख लेंगे। स्किल ही अब नई करेंसी हैं। ये कोर्स सिर्फ सीखने का मौका नहीं, बल्कि नौकरी बचाने, बेहतर पद पाने और इंटरव्यू में मजबूती से खड़े होने का साधन हैं। मशीनें तेज हैं, पर इंसान सीखकर उससे आगे निकल सकता है। यह पहल उसी जीत की दिशा में एक मजबूत कदम है।


