आईआईटी छात्र ने साउथ एशिया स्टूडेंट पेपर कॉन्टेस्ट जीता, अब अमेरिका में गाड़ेंगे झंडे
आईआईटी के पेट्रोलियम इंजीनियरिंग के एमटेक छात्र पी विष्णु तेजा ने 2026 सोसाइटी ऑफ पेट्रोलियम इंजीनियर्स साउथ एशिया रीजनल स्टूडेंट पेपर कॉन्टेस्ट के मास्टर्स डिवीजन में पहला स्थान हासिल किया है।

आईआईटी के पेट्रोलियम इंजीनियरिंग के एमटेक छात्र पी विष्णु तेजा ने 2026 सोसाइटी ऑफ पेट्रोलियम इंजीनियर्स (एसपीई) साउथ एशिया रीजनल स्टूडेंट पेपर कॉन्टेस्ट के मास्टर्स डिवीजन में पहला स्थान हासिल किया है। इस उपलब्धि के साथ अब उन्हें अमेरिका के ह्यूस्टन में होने वाले एसपीई इंटरनेशनल स्टूडेंट पेपर कॉन्टेस्ट के फाइनल में हिस्सा लेने का मौका मिला है। विष्णु तेजा ने यह सफलता अपने रिसर्च पेपर सिंथेसिस ऑफ बायो-बेस्ड ज्विटेरियोनिक सर्फैक्टेंट फॉर यूज इन एनहांस्ड ऑयल रिकवरी (ईओआर) एट हाई-टेम्परेचर रिजर्वॉयर कंडीशंस के लिए हासिल की।
उनका रिसर्च हाई-टेम्परेचर रिजर्वॉयर कंडीशंस में एनहांस्ड ऑयल रिकवरी के लिए बायो-बेस्ड ज्विटेरियोनिक सर्फैक्टेंट तैयार करने पर केंद्रित है। साउथ एशिया रीजनल कॉन्टेस्ट में टॉप करने के बाद विष्णु तेजा को 2026 एसपीई इंटरनेशनल स्टूडेंट पेपर कॉन्टेस्ट के फाइनल के लिए चुना गया है। यह फाइनल 21 अक्तूबर को अमेरिका के ह्यूस्टन स्थित जॉर्ज आर ब्राउन कन्वेंशन सेंटर में होगा।
इसके अलावा वे एसपीई एनुअल टेक्निकल कॉन्फ्रेंस एंड एग्जिबिशन (एटीसीई) 2026 में भी अपना रिसर्च पेपर पेश करेंगे। यह कॉन्फ्रेंस 21 से 23 अक्तूबर तक ह्यूस्टन में होगी। तेजा ने कहा कि साउथ एशिया लेवल पर अपने रिसर्च को पहचान मिलना उनके लिए खुशी की बात है।
आईआईटी की डॉ. शालू एडिटोरियल बोर्ड में शामिल
धनबाद, मुख्य संवाददाता। आईआईटी के इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ शालू रानी को प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय रिसर्च जर्नल केमिकल इंजीनियरिंग जर्नल के एडिटोरियल बोर्ड में शामिल किया गया है। जर्नल के एडिटोरियल बोर्ड में भारत के मात्र छह सदस्य शामिल हैं। महत्वपूर्ण यह है कि वे भारत से संपादकीय बोर्ड में चयनित होने वाली एकमात्र महिला हैं। डॉ रानी का चयन एनर्जी स्टोरेज, एडवांस्ड मैटेरियल्स और नई इलेक्ट्रॉनिक टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में उनके रिसर्च और अकादमिक योगदान की मान्यता है। उनका यह दायित्व आईआईटी के रिसर्च प्रोफाइल को मजबूत करते हुए संस्थान के फैकल्टी की इंटरनेशनल अकादमिक प्लेटफॉर्म पर बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है। डॉ रानी ने कहा कि प्रतिष्ठित जर्नल के एडिटोरियल बोर्ड का हिस्सा बनना सम्मान की बात है।


