IIT : 5 वर्षों में बीटेक कोर्स की संख्या 9 से बढ़कर 32 हुई
आईआईटी पटना में 2020 के बाद से बीटेक प्रोग्राम की संख्या साढ़े तीन गुना तो विद्यार्थियों की संख्या दो गुना से अधिक बढ़ी है। पटना के पाटलिपुत्र कॉलोनी स्थित पॉलिटेक्निक कॉलेज कैंपस में 2008 में महज 3 बीटेक प्रोग्राम में 92 विद्यार्थियों के साथ सफर शुरू हुआ था

आईआईटी पटना में 2020 के बाद से बीटेक प्रोग्राम की संख्या साढ़े तीन गुना तो विद्यार्थियों की संख्या दो गुना से अधिक बढ़ी है। पटना के पाटलिपुत्र कॉलोनी स्थित पॉलिटेक्निक कॉलेज कैंपस में 2008 में महज 3 बीटेक प्रोग्राम में 92 विद्यार्थियों के साथ सफर शुरू हुआ था। पिछले पांच वर्षों में सेकेंड जनरेशन के आईआईटी में पटना का ग्रोथ रेट काफी तेज रहा है।
2020 में जहां आईआईटी पटना में नौ बीटेक, छह एमटेक व तीन बीएससी प्रोग्राम में पढ़ाई होती थी, वहीं अब बीटेक के 32, एमटेक के 15 व बीएससी के तीन प्रोग्राम संचालित हैं। कोर्स बढ़ने के साथ विद्यार्थियों की संख्या में भी क्वांटम वृद्धि हुई। 2018 में एक हजार 621 विद्यार्थी कैंपस में थे। अब इनकी संख्या बढ़कर चार हजार 347 हो गई है।
कुलसचिव प्रो. एके ठाकुर ने बताया कि यह बदलाव निदेशक प्रो. टीएन सिंह के नेतृत्व में दूसरे फेज के कार्य को पूरा कराने के साथ योजनागत तरीके से हॉस्टल, मेस, क्लासरूम, आदि के साधन उपलब्ध कराने से हुआ है।
इनके मार्गदर्शन में यहां संचालित आधे से अधिक प्रोग्राम प्रारंभ किए गए हैं। यह का पहला आईआईटी है, जहां राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 पूरी तरह दो वर्षों से प्रभावी है।
फैकल्टी की संख्या छह वर्षों में डेढ़ गुना बढ़ी
आईआईटी पटना की वेबसाइट पर उपलब्ध डेटा के अनुसार 2008 में महज सात कर्मचारी और 46 शिक्षक थे। 10 वर्षों में यह संख्या लगभग दोगुनी से अधिक हुई, तो पिछले छह वर्षों में शिक्षकों की संख्या तीन गुनी से अधिक हो गई है। 2013 में 37 कर्मचारी और 63 शिक्षक थे, यह संख्या 2018 में बढ़कर क्रमश: 100 और 108 हो गई। 2023 में कर्मचारियों की संख्या 121 व शिक्षकों की संख्या 156 हो गई। 2025 में कर्मचारी बढ़कर 150 और शिक्षक 165 हो गए।
आइआइएम मुंबई, बोधगया में भी करते हैं पढ़ाई
आईआईटी पटना में बीटेक-बीएस, एमबीए में नामांकन लेने वाले विद्यार्थी सात सेमेस्टर के बाद अंतिम तीन सेमेस्टर की पढ़ाई आईआईएम मुंबई और बोधगया में करते हैं। ड्यूल डिग्री का प्रोग्राम छात्रों को कुछ वर्षों में काफी आकर्षित कर रहा है। इनमें नामांकन लेने वाले विद्यार्थियों को बगैर कॉमन एडमिशन टेस्ट (कैट) में शामिल हुए आईआईएम से प्रबंधन की उपाधि मिल रही है। आईआईटी पटना का आईआईएम मुंबई और बोधगया के साथ ड्यूल डिग्री के लिए एमओयू है।
स्थापना से अब तक विद्यार्थियों की संख्या
वर्ष विद्यार्थियों की संख्या
2008 92
2013 770
2018 1621
2023 3447
2025 4214
2026 4347
स्थापना से अब तक प्रोग्राम की संख्या
वर्ष बीटेक एमटेक एमएससी
2008 3 - -
2012 3 3 -
2016 5 5 3
2020 9 6 3
2024 32 15 3
2026 32 15 3


