तुरंत डिलीट करो... जंतर-मंतर के समर्थन वाले वीडियो पर IIT मद्रास सख्त, छात्रों को दिया निर्देश
आईआईटी मद्रास प्रशासन ने छात्रों को जंतर-मंतर प्रदर्शन और सोनम वांगचुक के समर्थन में बनाए गए इंस्टाग्राम वीडियो हटाने का निर्देश दिया है।
कॉकरोच जनता पार्टी और सोनम वांगचुक से जुड़ा एक वीडियो पोस्ट करने के पर छात्र को आईआईटी मद्रास की तरफ से सख्त निर्देश मिले हैं। आईआईटी मद्रास के प्रशासन ने अपने छात्रों को साफ हिदायत दी है कि वे अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से वो तमाम वीडियो फौरन हटा लें, जो मौजूदा छात्र प्रदर्शनों के समर्थन में डाले गए हैं। मामला तब गरमाया जब सोशल मीडिया पर एक छोटा सा वीडियो तेजी से वायरल होने लगा। इस वीडियो में कुछ छात्र एक बैनर पकड़े हुए नजर आ रहे थे। बैनर पर साफ-साफ लफ्जों में लिखा था, "जंतर-मंतर प्रदर्शन के साथ एकजुटता। भूख हड़ताल पर बैठे वांगचुक और छात्रों के साथ एकजुटता। स्टूडेंट्स लाइव्स मैटर।" जैसे ही यह वीडियो इंटरनेट पर वायरल हुआ और लोगों के स्मार्टफोन की स्क्रीन्स तक पहुंचा, आईआईटी मद्रास प्रशासन हरकत में आ गया। प्रशासन ने इस मामले का तुरंत संज्ञान लिया।
एनडीटीवी की रिपोर्ट की मानें तो नाम न छापने की शर्त पर आईआईटी मद्रास के एक छात्र ने इस पूरी कार्रवाई की जानकारी दी। छात्र ने बताया कि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने उन पर दबाव डाला है। उसने कहा, "यूनिवर्सिटी ने हमसे साफ तौर पर कहा है कि हम छात्र प्रदर्शनों के समर्थन में डाले गए इंस्टाग्राम वीडियो को अपने अकाउंट से हटा लें।" यह सिर्फ एक जुबानी आदेश नहीं था, बल्कि छात्रों के बीच बाकायदा मैसेज भी सर्कुलेट किए गए।
कैंपस के भीतर छात्रों के एक ग्रुप में जो मैसेज भेजा गया, वह यह बताने के लिए काफी है कि प्रशासन इस मुद्दे को लेकर कितना सख्त है। मैसेज में लिखा था, "गाइज, हमें डीन की तरफ से जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़े पोस्ट हटाने के लिए कहा गया है। हमारे फैकल्टी एडवाइजर को भी बुलाया गया था। हम उन पोस्ट्स को हटा रहे हैं, जिनमें सॉलिडेरिटी (एकजुटता) वाला वीडियो भी शामिल है। चूंकि आप लोगों ने इस वीडियो को बनाने में अपना योगदान दिया था, इसलिए हमें लगा कि आपको यह बात बताना जरूरी है।"
कहां से शुरू हुआ पूरा प्रकरण
अब सवाल यह उठता है कि आखिर यह पूरा प्रदर्शन है क्या और इसकी शुरुआत कैसे हुई? दरअसल, इस विरोध की चिंगारी कॉकरोच जनता पार्टी नाम के एक व्यंग्यात्मक इंस्टाग्राम हैंडल से भड़की थी। इस हैंडल को अभिजीत डिपके ने बनाया था, जिसका मकसद मौजूदा सिस्टम पर तंज कसना था। धीरे-धीरे यह डिजिटल विरोध जमीन पर उतरने लगा। इस मुहिम को तब एक बड़ी ताकत मिली, जब मशहूर शिक्षाविद् और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक इसमें शामिल हो गए। सोनम वांगचुक राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे हैं और उनके इस कदम ने पूरे देश के छात्रों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
आंदोलन ने लिया बड़ा रूप
इस आंदोलन का असर सिर्फ दिल्ली या चेन्नई तक सीमित नहीं है। 20 जुलाई को इस प्रदर्शन ने एक बड़ा रूप ले लिया, जब देश के अलग-अलग हिस्सों से हजारों की तादाद में छात्र इस मुहिम से जुड़ गए। युवाओं का हुजूम सड़कों पर और सोशल मीडिया पर अपनी मांगों को लेकर मुखर हो गया। इस कड़ी में बुधवार को मुंबई में भी छात्रों का एक बहुत बड़ा और जबरदस्त प्रदर्शन देखने को मिला। मुंबई की सड़कों पर उतरे छात्रों ने भी जंतर-मंतर पर बैठे लोगों के साथ अपनी एकजुटता दिखाई।


