IIT इंजीनियर से MIT के ब्रेन साइंटिस्ट तक, कौन हैं ब्रेन साइंस के 'न्यूटन' प्रोफेसर मृगांक सुर

Apr 07, 2026 04:51 pm ISTPankaj Vijay लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share

प्रो. मृगांक सुर की यात्रा सुनने में तो बेहद साधारण सी लगती है। लेकिन ये याद रखने लायक है। उन्होंने तारों और वोल्टेज से शुरुआत की। और आखिर में वे विचारों को दुनिया को समझने में जुट गए।

IIT इंजीनियर से MIT के ब्रेन साइंटिस्ट तक, कौन हैं ब्रेन साइंस के 'न्यूटन' प्रोफेसर मृगांक सुर

भारत के कई होनहार युवाओं की तरह ही मृगांग सुर ने अपने करियर की शुरुआत की। 1974 में उन्होंने IIT कानपुर से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में B.Tech की डिग्री हासिल की। ​​उस जमाने में सर्किट और सिस्टम बनाना ही उनकी दुनिया थी। इसके बाद उन्होंने अमेरिका की वेंडरबिल्ट यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में MS और PhD की डिग्री हासिल की। कागजी तौर पर उनका रास्ता बिल्कुल साफ था- इंजीनियर, रिसर्चर और इंजीनियरिंग के प्रोफेसर।

लेकिन लैब के काम के बीच उनका फोकस दूसरी तरफ चला गया। उन्हें एहसास हुआ कि मस्तिष्क प्रकृति की बनाई सबसे ताकतवर कंप्यूटिंग मशीन है। और इंसान की बनाई किसी भी दूसरी मशीन के उलट यह खुद को बदल सकता है, हालात के हिसाब से ढाल सकता है और खुद को फिर से नया कर सकता है।

यही विचार - जिसे 'ब्रेन प्लास्टिसिटी' (मस्तिष्क का लचीलीपन) कहते हैं , उनकी लाइफ का मुख्य काम बन गया।

प्रोसेसर डिजाइन करने के बजाय प्रो. सुर ने इस बात का अध्ययन करना शुरू किया कि दिमाग का 'सेरेब्रल कॉर्टेक्स' खुद को कैसे बनाता है। जीन और इलेक्ट्रिकल एक्टिविटी मिलकर हमारे विचारों, यादों और सीखने की प्रक्रिया को कैसे आकार देते हैं?

आज MIT में प्रोफेसर

उन्होंने अपने नए काम में इंजीनियरिंग को पीछे नहीं छोड़ा। बल्कि वे उसे अपने साथ ही लेकर आगे चले गए। आज MIT में वे 'न्यूटन प्रोफेसर ऑफ न्यूरोसाइंस' और 'साइमन्स सेंटर फॉर द सोशल ब्रेन' के डायरेक्टर हैं। लेकिन उनके पास एक और भी खास पद है। वो IIT मद्रास के 'कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग' में 'विजिटिंग फैकल्टी है। साथ ही वे IIT मद्रास के ही 'सेंटर फॉर कंप्यूटेशनल ब्रेन रिसर्च' में 'एन. आर. नारायण मूर्ति डिस्टिंग्विश्ड चेयर इन कंप्यूटेशनल ब्रेन रिसर्च' हैं।

आसान शब्दों में कहें तो वे हार्डवेयर और बायोलॉजी के बीच, IIT और MIT के बीच और जो कुछ हम जानते हैं और जो कुछ हमें अभी जानना बाकी है, इन सबके बीच पुल बनाने का काम करते हैं।

मस्तिष्क का अध्ययन

उनकी लैब में सिर्फ यह सवाल नहीं पूछा जाता कि मस्तिष्क क्या है? बल्कि वे यह पूछते हैं कि मस्तिष्क खुद को दोबारा कैसे बनाता है? वे इस बात का अध्ययन करते हैं कि एक नवजात शिशु का दिमाग खुद को कैसे व्यवस्थित करता है, और कैसे एक वयस्क का दिमाग भी तब लगातार बदलता रहता है, जब हम कुछ नया सीखते हैं या कोई नई याद बनाते हैं।

यह सिर्फ विज्ञान नहीं है। यह एक उम्मीद भी है। दिमाग की चोटों, सीखने से जुड़ी दिक्कतों या ऑटिज्म जैसी समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए, 'ब्रेन प्लास्टिसिटी' को समझना नई तरह की थेरेपी के दरवाजे खोल देता है।

IIT कानपुर ने दिया अवॉर्ड

साल 2002 में IIT कानपुर ने उन्हें 'डिस्टिंग्विश्ड एलुम्नस अवॉर्ड' से सम्मानित किया। लेकिन भारत को उनका असली तोहफा उनकी यह सोच है कि आपको उसी रास्ते पर चलने की जरूरत नहीं है जिससे आपने शुरुआत की थी।

एक इंजीनियर ब्रेन साइंटिस्ट बन सकता है। सर्किट का एक्सपर्ट न्यूरल नेटवर्क में पायनियर बन सकता है। और सिस्टम बनाने की ट्रेनिंग पाया हुआ इंसान अपनी पूरी जिंदगी सबसे मुश्किल सिस्टम को समझने में बिता सकता है- वह सिस्टम जो हमारे कानों के बीच है।

और इस सफर के दौरान, उन्होंने यह साबित कर दिया कि सबसे बेहतरीन इनोवेशन तब होते हैं, जब आप खुद को किसी एक ही पहचान या दायरे में बांधने से इनकार कर देते हैं।

Pankaj Vijay

लेखक के बारे में

Pankaj Vijay

पंकज विजय| वरिष्ठ पत्रकार

शॉर्ट बायो पंकज विजय एक वरिष्ठ डिजिटल पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 15 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में livehindustan.com में असिस्टेंट एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। वे करियर, स्कूल व हायर एजुकेशन, जॉब्स से जुड़े विषयों पर खबर लेखन और विश्लेषण में विशेषज्ञता रखते हैं। 9 वर्षों से यहां इसी भूमिका में हैं। सरकारी भर्तियों, बोर्ड व एंट्रेंस एग्जाम, प्रतियोगी परीक्षाओं, उनके परिणाम, बदलते दौर में करियर की नई राहों, कोर्स, एडमिशन एवं नए जमाने के रोजगार के लिए जरूरी स्किल्स से जुड़ी अपडेट तेजी से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं।


15 से अधिक सालों का अनुभव

पंकज विजय ने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की। अमर उजाला समाचार पत्र में रिसर्च, संपादकीय और करियर एजुकेशन जॉब्स डेस्क पर काम किया। यहां उन्हें फीचर लेखन व रिपोर्टिंग का भी मौका मिला। इसके बाद उन्होंने आज तक डिजिटल में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। आज तक वेबसाइट पर राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और एजुकेशन व रोजगार जगत से जुड़ी खबरें लिखीं। इसके बाद एनडीटीवी ऑनलाइन में एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर इस विषय में अपनी समझ को और व्यापक बनाया। एनडीटीवी की पारी के बाद वे लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े और बीते 9 वर्षों से करियर एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर रहे हैं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी), दिल्ली से हिन्दी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा, गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में एमए व दिल्ली यूनिवर्सिटी से इतिहास में बीए ऑनर्स किया है। एनसीसी सी सर्टिफिकेट होल्डर हैं जिसके चलते उन्हें रक्षा क्षेत्र जैसे पुलिस व सेनाओं की भर्तियों की बेहतर समझ है।


विजन

तमाम तरह के करियर, स्कूल एजुकेशन, हायर एजुकेशन, भर्तियों, प्रतियोगी परीक्षाओं, एंट्रेंस एग्जाम, नौकरी के लिए जरूरी स्किल्स एवं बेरोजगार युवाओं के मुद्दों को लेकर पंकज के पास गहरी समझ है। उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के कई टॉपरों के इंटरव्यू किए हैं। उनकी लिखी सक्सेस स्टोरीज युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को प्रेरित करती रही हैं। पंकज का मानना है कि विश्वसनीयता, पारदर्शिता और तथ्यपरकता ही पत्रकारिता की असली ताकत है। उनका लक्ष्य स्कूली छात्रों व बेहतर करियर एवं सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को आसान भाषा में सटीक, तेज और भरोसेमंद जानकारी देना है।


विशेषज्ञता

तमाम तरह की सरकारी भर्तियां, परीक्षाएं व उनके परिणाम
स्कूल एजुकेशन, हायर एजुकेशन, कोर्स, एडमिशन से जुड़े विषय
बोर्ड रिजल्ट लाइव कवरेज और शिक्षा एवं रोजगार जगत संबंधी ब्रेकिंग
स्कूलिंग के बाद करियर की राहें
यूपीएससी, जेईई मेन व नीट जैसी बड़ी परीक्षाओं के टॉपरों के इंटरव्यू
छात्रों के ज्ञान के लिए रिसर्च बेस्ड और एक्सप्लेनर स्टोरी

और पढ़ें
करियर सेक्शन में लेटेस्ट एजुकेशन न्यूज़, सरकारी जॉब , एग्जाम , एडमिशन और Board Results 2026 ( UP Board Result 2026, CBSE 10th Result 2026 Live) देखें और Live Hindustan App डाउनलोड करके सभी अपडेट सबसे पहले पाएं।