
IIT Delhi: आईआईटी दिल्ली के पासआउट छात्रों ने तोड़ा डोनेशन का हर रिकॉर्ड, गुरुदक्षिणा में दिए 70 करोड़ रुपये
IIT Delhi Silver Jubilee: आईआईटी दिल्ली के 2000 बैच के पूर्व छात्रों ने अपनी ग्रैजुएशन के 25 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित 'सिल्वर जुबली रीयूनियन' के दौरान इंस्टीट्यूट को 70 करोड़ रुपये से अधिक की राशि दान देने की घोषणा की है।
IIT Delhi Silver Jubilee: इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) दिल्ली के पूर्व छात्रों ने अपने संस्थान के प्रति अटूट प्रेम और कृतज्ञता का एक अनोखा उदाहरण पेश किया है। संस्थान के 2000 बैच के पूर्व छात्रों ने अपनी ग्रैजुएशन के 25 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित 'सिल्वर जुबली रीयूनियन' के दौरान इंस्टीट्यूट को 70 करोड़ रुपये से अधिक की राशि दान देने की घोषणा की है।
किसी एक बैच द्वारा अब तक का सबसे बड़ा दान
आईआईटी दिल्ली के अनुसार, यह किसी भी एक पासिंग आउट बैच द्वारा संस्थान को दिया गया अब तक का सबसे बड़ा दान है। इस घोषणा ने न केवल संस्थान के इतिहास में एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है, बल्कि यह भविष्य के बैचों के लिए भी एक प्रेरणा बन गया है। इस रीयूनियन में देश-विदेश से 2000 बैच के पूर्व छात्र कैंपस पहुंचे थे, जहां उन्होंने अपनी पुरानी यादों को ताजा किया और फैकल्टी व वर्तमान छात्रों के साथ समय बिताया।
इन महत्वपूर्ण कार्यों में होगा राशि का उपयोग
संस्थान ने स्पष्ट किया है कि दान की गई इस बड़ी राशि का अधिकांश हिस्सा 'आईआईटी दिल्ली जनरल एंडोमेंट' फंड में जाएगा। यह फंड संस्थान को भविष्य की विभिन्न रणनीतिक और शैक्षणिक जरूरतों को पूरा करने के लिए वित्तीय लचीलापन प्रदान करेगा। इस राशि का मुख्य उपयोग इन क्षेत्रों में किया जाएगा।
अकादमिक कार्यक्रमों का सुदृढ़ीकरण: नए कोर्सेज और आधुनिक शैक्षणिक तकनीकों को बढ़ावा देना।
रिसर्च और इनोवेशन: रिसर्च कार्यों के लिए एडवांस्ड लैबोरेट्री और संसाधनों का विकास।
स्टूडेंट स्कॉलरशिप: आर्थिक रूप से कमजोर और मेधावी छात्रों को वित्तीय सहायता प्रदान करना।
फैकल्टी एक्सीलेंस: विश्वस्तरीय शिक्षकों को आकर्षित करना और फैकल्टी डेवलपमेंट को बढ़ावा देना।
पूर्व छात्रों का संदेश
'पे इट फॉरवर्ड' बैच की ओर से फंड जुटाने का नेतृत्व करने वाले पूर्व छात्र रोहित दुबे ने कहा, "आईआईटी दिल्ली ने हमें बदलते हुए परिवेश में लगातार सीखते रहना सिखाया है। अब समय है कि हम संस्थान को वापस लौटाएं (Pay it forward) और साइंटिस्ट, इंटरप्रेन्योर व तकनीकविदों की अगली पीढ़ी को तैयार करने में मदद करें। यह केवल एक संख्या (70 करोड़) के बारे में नहीं है, बल्कि यह संस्थान के प्रति हमारी साझा जिम्मेदारी और स्वामित्व की भावना है।"
आईआईटी दिल्ली के 'डीन ऑफ एलुमनी रिलेशंस' प्रो. नीलांजन सेनराय ने इस दान का स्वागत करते हुए कहा कि यह योगदान रिसर्च और इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

लेखक के बारे में
Prachiदिल्ली की रहने वाली प्राची लाइव हिन्दुस्तान में ट्रेनी कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। पिछले 1.5 वर्षों से वे करियर और शिक्षा क्षेत्र की बारीकियों को कवर कर रही हैं। प्राची ने प्रतिष्ठित भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC) से इंग्लिश जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा और दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिस्ट्री ऑनर्स में ग्रेजुएशन किया है। लाइव हिन्दुस्तान से 2024 में जुड़ने से पहले, उन्होंने 'नन्ही खबर', 'सी.वाई. फ्यूचर लिमिटेड' और 'कुटुंब' जैसे संस्थानों में कंटेंट लेखक के रूप में अपनी लेखनी को निखारा है। इतिहास की समझ और पत्रकारिता के जुनून के साथ, प्राची को खाली समय में उपन्यास पढ़ना और विश्व सिनेमा देखना पसंद है।
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