IIT Delhi Placement : 1300 से ज्यादा छात्रों को मिली नौकरी, किस स्ट्रीम ने मारी बाजी
आईआईटी दिल्ली में प्लेसमेंट सीजन 2024-25 का शानदार रिकॉर्ड रहा। 1300 से ज्यादा छात्रों को नौकरी मिली, वहीं कोर इंजीनियरिंग में सबसे ज्यादा भर्तियां हुईं

हर साल देश भर के लाखों युवा आईआईटी में दाखिला पाने का सपना देखते हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह है यहां की बेहतरीन पढ़ाई और डिग्री पूरी होने के बाद मिलने वाला शानदार करियर। अगर आप भी जानना चाहते हैं कि देश के सबसे नामी इंजीनियरिंग संस्थानों में से एक, आईआईटी दिल्ली में इस साल नौकरियों का क्या माहौल रहा, तो ये ताजा प्लेसमेंट रिपोर्ट आपके लिए ही है। साल 2024-25 के प्लेसमेंट सीजन में आईआईटी दिल्ली के छात्रों ने एक बार फिर अपना परचम लहराया है। इस बार न सिर्फ बंपर नौकरियां मिली हैं, बल्कि युवाओं ने करियर के अलग-अलग रास्तों को भी पूरे भरोसे के साथ चुना है। आइए विस्तार से समझते हैं कि इस बार का प्लेसमेंट सीजन कैसा रहा और किन कंपनियों ने छात्रों के टैलेंट पर सबसे ज्यादा भरोसा जताया।
इंटर्नशिप के शानदार आंकड़े
आईआईटी दिल्ली की 'एनुअल रिपोर्ट 2024-25' के मुताबिक, इस प्लेसमेंट सीजन में कुल 1,359 छात्रों ने सफलतापूर्वक नौकरी हासिल की है। इन होनहार छात्रों को 378 कंपनियों की तरफ से कुल 1,481 जॉब ऑफर मिले हैं। कैंपस में रिक्रूटमेंट के लिए कुल 622 कंपनियों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया था, जिन्होंने 534 अलग-अलग जॉब प्रोफाइल्स के लिए छात्रों की तलाश की। प्लेसमेंट ड्राइव की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 240 छात्रों को प्री-प्लेसमेंट ऑफर (PPOs) मिले, जबकि 86 छात्रों के पास एक से ज्यादा कंपनियों के जॉब ऑफर थे।
नौकरियों के अलावा इंटर्नशिप के मोर्चे पर भी नतीजे शानदार रहे। कुल 821 छात्रों ने इंटर्नशिप हासिल की, और उन्हें कुल 902 इंटर्नशिप ऑफर्स मिले। इस पूरी प्लेसमेंट और इंटर्नशिप प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने का काम संस्थान के 'ऑफिस ऑफ करियर सर्विसेज' (OCS) ने साल भर बखूबी किया।
नौकरी के अलावा क्या हैं छात्रों की पसंद?
अगस्त 2024 में ग्रेजुएट होने वाले 2,656 छात्रों के बीच एक खास एग्जिट सर्वे किया गया। इस सर्वे से जो तस्वीर उभर कर सामने आई, वह बेहद दिलचस्प है। इससे साफ हो गया कि आईआईटी के छात्र अब सिर्फ कॉरपोरेट नौकरियों के पीछे नहीं भागते, बल्कि वे अपने लिए अलग रास्ते भी तलाश रहे हैं। सर्वे के आंकड़े कुछ इस तरह हैं -
- 1411 ग्रेजुएट्स ने नौकरी के ऑफर्स स्वीकार किए।
- 359 छात्रों ने आगे की उच्च शिक्षा को चुना।
- 321 युवाओं ने सिविल सर्विसेज (यूपीएससी) और दूसरी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का रास्ता अपनाया।
- 224 छात्र सेल्फ-एम्प्लॉयड बने, जबकि 66 ने आंत्रप्रेन्योरशिप (अपना व्यवसाय) का रुख किया।
- 45 छात्रों ने स्टार्टअप्स से जुड़ना पसंद किया।
- 47 पीएचडी ग्रेजुएट्स ऐसे थे जिन्होंने पोस्टडॉक्टरल रिसर्च या फैकल्टी पोजीशन का इंतजार करने का फैसला किया।
इनके अलावा, करीब 5 प्रतिशत छात्रों ने बताया कि वे अभी भी अपने लिए सही करियर के विकल्पों की तलाश कर रहे हैं।
कोर इंजीनियरिंग का दबदबा बरकरार
आमतौर पर माना जाता है कि आईटी और सॉफ्टवेयर का दौर है, लेकिन आईआईटी दिल्ली के आंकड़ों ने कोर इंजीनियरिंग की ताकत का अहसास कराया है। अगर सेक्टर के हिसाब से नौकरियों को देखें, तो कोर इंजीनियरिंग सबसे बड़ी रिक्रूटर बनकर उभरी है।
- कोर इंजीनियरिंग: 472 प्लेसमेंट
- आईटी: 246 प्लेसमेंट
- मैनेजमेंट: 165 प्लेसमेंट
- कंसल्टिंग: 151 प्लेसमेंट
- अन्य: 156 प्लेसमेंट
- एनालिटिक्स: 90 प्लेसमेंट
- फाइनेंस: 79 प्लेसमेंट


