
IIT बॉम्बे या IIT मद्रास, कौन सा कैंपस है लड़कियों की पहले पसंद; खूब हुए हैं दाखिले
भारतीय इंजीनियरिंग संस्थानों में लड़कियों की भागीदारी बढ़ रही है। IIT बॉम्बे और IIT मद्रास के बीच प्रतिस्पर्धा जारी है, लेकिन IIT बॉम्बे ने ज्यादा महिला छात्रों को आकर्षित किया है। जानिए यह बदलाव कैसे हो रहा है और इसके पीछे की वजहें क्या हैं।
भारत की इंजीनियरिंग की दुनिया में एक पुरानी जद्दोजहद नए मोड़ पर पहुंच गई है कि आखिर कौन-सा आईआईटी लड़कियों की पहली पसंद बनकर उभर रहा है? इंटरव्यू रूम से लेकर लैब्स तक, दशकों तक इन संस्थानों में लड़कियों की मौजूदगी बेहद सीमित रही थी। हालात ऐसे थे कि 2018 में पहली बार सुपरन्यूमेरी सीट्स जोड़ना पड़ा जिसका मतलब सिर्फ महिला विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त सीटें देना था। यह कदम इसलिए लिया गया ताकि तकनीकी शिक्षा के इन प्रतिष्ठित गलियारों में लैंगिक संतुलन बहाल हो सके।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट की मानें तो आज तस्वीर बदल रही है। जेईई एडवांस पास करने वाली लड़कियों की संख्या में कभी देखी गई गिरावट अब सुधार की तरफ बढ़ रही है। देशभर के आईआईटी में यह मिशन चल रहा है कि लड़कियों की भागीदारी सिर्फ बढ़े ही नहीं, बल्कि टिकाऊ भी बने। इसी बदलते दौर में सबसे बड़ा सवाल उठता है कि महिला मौजूदगी ज्यादा कहां बढ़ रही है? तो जवाब है आईआईटी बॉम्बे। जी हां, इस महिलाओं की पसंद की होड़ में आईआईटी बॉम्बे और आईआईटी मद्रास में प्रतिस्पर्धा रही है मगर आईआईटी बॉम्बे ने बाजी मारी है।
आईआईटी मद्रास में कितनी महिला छात्रा?
आईआईटी मद्रास में कुल महिला छात्राएं 1587 हैं। आईआईटी मद्रास लंबे समय से अपने रिसर्च-फोकस्ड माहौल के लिए जाना जाता है, और यहां विभिन्न प्रोग्राम्स में महिला विद्यार्थियों की संख्या इस प्रकार है - ग्रोजुएट प्रोग्राम (4 वर्षीय): 765, ग्रोजुएट प्रोग्राम (5 वर्षीय): 225, पोस्ट ग्रोजुएट प्रोग्राम (1 वर्षीय): 14, पोस्ट ग्रोजुएट प्रोग्राम (2 वर्षीय): 376, पोस्ट ग्रोजुएट प्रोग्राम (3 वर्षीय): 84, एकीकृत: 123। यह आंकड़े दिखाते हैं कि ग्रोजुएट प्रोग्राम और पोस्ट ग्रोजुएट प्रोग्राम दोनों स्तरों पर लड़कियों की मौजूदगी निरंतर बढ़ रही है, और मद्रास का कैंपस अब पहले की तुलना में कहीं अधिक समावेशी माना जा रहा है।
आईआईटी बॉम्बे में कितनी महिला छात्रा?
आईआईटी बॉम्बे में कुल महिला छात्राएं 1677 हैं। दूसरी तरफ, आईआईटी बॉम्बे, जिसे अक्सर देश का सबसे ग्लैमरस और प्रोग्रेसिव इंजीनियरिंग कैंपस कहा जाता है, इस समय महिला विद्यार्थियों की संख्या के मामले में मद्रास से आगे नजर आता है। यहां ग्रेजुएट प्रोग्राम (4-वर्ष): 994, ग्रेजुएट प्रोग्राम (5-वर्ष): 208 और पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम (2-वर्ष): 475 में छात्राएं हैं। सबसे उल्लेखनीय बात यह है कि 4-साल वाले ग्रेजुएट प्रोग्राम्स में लगभग 1000 लड़कियां पढ़ रही हैं। यही वजह है कि आईआईटी बॉम्बे राष्ट्रीय स्तर पर महिलाओं के लिए एक मजबूत अकादमिक डेस्टिनेशन की तरह उभर रहा है।
आईआईटी बॉम्बे में बढ़ रहा लड़कियों का रुझान
जब दोनों संस्थानों की तुलना सामने रखी जाती है, तो साफ दिखता है कि आईआईटी बॉम्बे, आईआईटी मद्रास से कुल 90 अधिक महिला छात्राओं की मेजबानी कर रहा है। यह बढ़त आईआईटी बॉम्बे के ग्रेजुएट प्रोग्राम्स की लोकप्रियता से आती है, जहां लड़कियों का रुझान हर साल तेजी से बढ़ रहा है।





