IIT बॉम्बे 2027 में अमेरिका में शुरू करेगा अपना पहला सब-कैंपस, AI समेत शुरू होगें ये कोर्स
संस्थान ने अमेरिका में अपना पहला सब-कैंपस स्थापित करने की योजना बनाई है, जिसे 2027 तक शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इस पहल के तहत सबसे पहले अमेरिका में IIT Bombay केंद्र स्थापित किया जाएगा।

देश के प्रमुख तकनीकी संस्थानों में शामिल IIT बॉम्बे अब ग्लोबल लेवल पर अपनी मौजूदगी मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठा रहा है। संस्थान ने अमेरिका में अपना पहला सब-कैंपस स्थापित करने की योजना बनाई है, जिसे 2027 तक शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इस पहल के तहत सबसे पहले अमेरिका में IIT Bombay Centre स्थापित किया जाएगा। यह कैंपस स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ न्यूयॉर्क एट ओल्ड वेस्टबरी (SUNY Old Westbury) के साथ साझेदारी में उसके लॉन्ग आइलैंड कैंपस में स्थापित किया जाएगा।
इसे लेकर IIT बॉम्बे के निदेशक प्रो. शिरीष केदारे और SUNY ओल्ड वेस्टबरी के अध्यक्ष डॉ. टिमोथी ई. सैम्स ने एक लेटर ऑफ इंटेंट (LoI) पर हस्ताक्षर किए। इस दौरान भारत के महावाणिज्य दूत बिनय एस. प्रधान भी मौजूद रहे, जिन्होंने दोनों संस्थानों को साथ लाने में अहम भूमिका निभाई। अब दोनों संस्थान मिलकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे उभरते क्षेत्रों पर आधारित विज्ञान और इंजीनियरिंग के नए शैक्षणिक कार्यक्रम तैयार करेंगे।
सर्टिफिकेट कोर्स शुरू होंगे
प्रो. शिरीष केदारे ने एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि शुरुआत में अमेरिकी कैंपस में सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किए जाएंगे। इसके बाद लंबे अवधि के शैक्षणिक कार्यक्रम भी शुरू किए जाएंगे। शुरुआती कोर्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सस्टेनेबिलिटी (सतत विकास) और क्लीन टेक्नोलॉजी पर केंद्रित होंगे। इसके अलावा, IIT बॉम्बे इस कैंपस में रिसर्च लैब स्थापित करने की भी योजना बना रहा है।
IIT बॉम्बे के निदेशक प्रो. शिरीष केदारे ने कहा कि यह साझेदारी दोनों संस्थानों के लिए फायदेमंद होगी। उन्होंने बताया कि SUNY ओल्ड वेस्टबरी में फिलहाल इंजीनियरिंग विभाग नहीं है, इसलिए IIT बॉम्बे के लिए वहां अपना सब-कैंपस स्थापित करना आसान होगा। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका में IIT बॉम्बे का मजबूत पूर्व छात्र (एलुमनाई) नेटवर्क है, जो नए कैंपस के विकास में महत्वपूर्ण सहयोग करेगा।
वहीं, SUNY ओल्ड वेस्टबरी के अध्यक्ष डॉ. टिमोथी ई. सैम्स ने कहा कि वे इस साझेदारी को लेकर उत्साहित हैं। उनके अनुसार, यह सहयोग भौतिकी, इंजीनियरिंग और अन्य तकनीकी विषयों में शिक्षण, नवाचार और उत्कृष्टता को बढ़ावा देगा। साथ ही, उनका लक्ष्य अपने कैंपस में IIT बॉम्बे की मजबूत मौजूदगी स्थापित करना है, ताकि दोनों संस्थान मिलकर भविष्य के लीडर्स को तैयार कर सकें।
IIT मद्रास और दिल्ली के विदेशी कैंपस
आपको बता दें कि IIT संस्थानों में IIT मद्रास पहले ही जांजीबार में अपना अंतरराष्ट्रीय कैंपस शुरू कर चुका है, जबकि IIT दिल्ली का कैंपस अबू धाबी में संचालित हो रहा है। शुरुआती चरण में दोनों संस्थानों के बीच फैकल्टी और शोधकर्ताओं का आदान-प्रदान, संयुक्त शोध परियोजनाएं, तथा संयुक्त सम्मेलन और संगोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा। इसी दौरान नए डिग्री कार्यक्रमों को विकसित करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाएगी।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस साझेदारी का स्वागत करते हुए इसे भारत और अमेरिका के बीच ज्ञान का जीवंत सेतु बताया। उन्होंने कहा कि IIT बॉम्बे और SUNY ओल्ड वेस्टबरी के बीच यह सहयोग भारत और अमेरिका के छात्रों तथा शिक्षकों के लिए समान रूप से लाभदायक साबित होगा। साथ ही, यह साझेदारी विज्ञान और अत्याधुनिक तकनीकों के क्षेत्र में नए नवाचारों को भी बढ़ावा देगी।
SUNY ओल्ड वेस्टबरी कॉलेज के बारे में
SUNY ओल्ड वेस्टबरी में लिबरल आर्ट्स और प्रोफेशनल कोर्स संचालित किए जाते हैं, जहां वर्तमान में 4,700 से अधिक छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। पिछले 60 वर्षों में इस विश्वविद्यालय से 39,000 से अधिक छात्र स्नातक (ग्रेजुएट) होकर निकल चुके हैं।
लेखक के बारे में
Dheeraj Palसंक्षिप्त विवरण:
धीरज पाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में 7 साल का अनुभव है। लाइव हिन्दुस्तान में काम करते हुए इन्हें 4 साल हो गए हैं। धीरज एजुकेशन रिपोर्टर के तौर पर काम कर चुके हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने राजनीति समाचार, एजुकेशन बीट के लिए ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। हिंदुस्तान लाइव में यूपी बोर्ड से लेकर उन्होंने लोकसभा चुनाव कवर करने साथ-साथ खेल जैसे बीट पर काम किया। अब इनका एकमात्र उद्देश्य करियर और एजुकेशन से जुड़ी रुचिगत, सरल, प्रमाणिक और पाठक-हितैषी रूप में प्रस्तुत करना है।
व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।
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