IIT BHU ने लगाई ऊंची छलांग, 4 साल में हासिल किए 529 करोड़ के रिसर्च प्रोजेक्ट; 900 से अधिक शोध को मिली मंजूरी
वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2025-26 के बीच संस्थान को विभिन्न सरकारी विभागों, अनुसंधान एजेंसियों और उद्योगों से ₹529.74 करोड़ रुपये मूल्य की प्रायोजित शोध परियोजनाएं प्राप्त हुई हैं।

आईआईटी बीएचयू ने प्रायोजित अनुसंधान, उद्योग सहयोग, अंतरराष्ट्रीय साझेदारी, बौद्धिक संपदा और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण में पिछले कुछ वर्षों में ऊंची छलांग लगाई है। चार वर्ष में आईआईटी को 529.74 करोड़ रुपये की परियोजनाएं मिली हैं। इनमें 900 से ज्यादा प्रायोजित शोध शामिल हैं। इस अवधि में आईआईटी ने 94 राष्ट्रीय और 38 अंतरराष्ट्रीय संस्थानों संग शैक्षणिक और तकनीकी आदान-प्रदान के लिए एमओयू भी किए हैं।
पिछले कुछ सालों में कितने प्रोजेक्ट
आईआईटी बीएचयू में डीन अनुसंधान एवं विकास प्रो. राजेश कुमार ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2025-26 के बीच संस्थान को विभिन्न सरकारी विभागों, अनुसंधान एजेंसियों और उद्योगों से ₹529.74 करोड़ रुपये मूल्य की प्रायोजित शोध परियोजनाएं प्राप्त हुई हैं। 2025-26 में संस्थान को 175.39 करोड़ रुपये की नई अनुसंधान परियोजनाएं मिलीं। इससे पहले 2022-23 में 81.98 करोड़, 2023-24 में 147.75 करोड़ और 2024-25 में 124.62 करोड़ की परियोजनाएं मिली थीं।
प्रो. राजेश कुमार ने बताया वर्ष 2022-23 में 90 परियोजनाएं थीं जो 2023-24 में 93, 2024-25 में 113 और 2025-26 में बढ़कर 198 हो गईं। उद्योग जगत के साथ सहयोग बढ़ाने के क्रम में संस्थान को वर्ष 2025-26 में 36.74 करोड़ रुपये के कंसल्टेंसी प्रोजेक्ट मिले। यह राशि वर्ष 2022-23 में 20.94 करोड़, 2023-24 में 30.58 करोड़ और 2024-25 में 36.78 करोड़ थी। डीन ने बताया कि संस्थान ने वर्ष 2020-21 से 2025-26 के दौरान 94 राष्ट्रीय समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
47 प्रमुख अनुसंधान योजनाएं
इनमें 2025-26 में 44 नए राष्ट्रीय एमओयू हुए। इसके साथ ही संस्थान के 38 अंतरराष्ट्रीय एमओयू विभिन्न देशों के विवि, अनुसंधान संस्थानों एवं औद्योगिक संगठनों के साथ संचालित हैं। आईआईटी में इस समय 47 प्रमुख अनुसंधान योजनाएं चल रही हैं जिनका कुल मूल्य 446 करोड़ रुपये है। इनमें प्रमुख राष्ट्रीय संस्थानों के साथ इसरो, डीआरडीओ के प्रोजेक्ट हैं।
वहीं, आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रो. अमित पात्रा ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य केवल उच्च गुणवत्ता वाला शोध करना नहीं, बल्कि ऐसे नवाचार विकसित करना है जो उद्योग, समाज और राष्ट्र की वास्तविक आवश्यकताओं का समाधान प्रस्तुत करें। पिछले कुछ वर्षों में प्रायोजित अनुसंधान, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, बौद्धिक संपदा, स्टार्टअप संस्कृति और उद्योग सहभागिता में हुई उल्लेखनीय वृद्धि संस्थान की अनुसंधान क्षमता को नई पहचान दे रही है। आने वाले वर्षों में आईआईटी बीएचयू वैश्विक स्तर पर अनुसंधान एवं नवाचार के अग्रणी संस्थानों में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराएगा।
अंडरग्रेजुएट रिसर्च एवेन्यू पहल शुरू
आईआईटी बीएचयू के इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग ने स्नातक छात्रों में रिसर्च, इनोवेशन और नई तकनीकी स्किल्स को बढ़ावा देने के लिए अंडरग्रेजुएट रिसर्च एवेन्यू पहल शुरू की है। इसका उद्देश्य छात्रों को खासतौर पर सेमीकंडक्टर और चिप डिजाइन के क्षेत्र में आधुनिक लैब और व्यावहारिक रिसर्च का अनुभव देना है।
विभागाध्यक्ष प्रो. अमृतांशु पाण्डेय ने बताया कि वर्टिव इंडिया के सहयोग से विभाग में एडवांस्ड हार्डवेयर इनोवेशन लैब बनाई जा रही है। इस लैब में अत्याधुनिक उपकरण और मूल्यांकन प्लेटफॉर्म होंगे, जहां छात्र हार्डवेयर डिजाइन, टेस्टिंग और प्रोटोटाइप तैयार करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण ले सकेंगे।
लेखक के बारे में
Dheeraj Palसंक्षिप्त विवरण:
धीरज पाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में 7 साल का अनुभव है। लाइव हिन्दुस्तान में काम करते हुए इन्हें 4 साल हो गए हैं। धीरज एजुकेशन रिपोर्टर के तौर पर काम कर चुके हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने राजनीति समाचार, एजुकेशन बीट के लिए ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। हिंदुस्तान लाइव में यूपी बोर्ड से लेकर उन्होंने लोकसभा चुनाव कवर करने साथ-साथ खेल जैसे बीट पर काम किया। अब इनका एकमात्र उद्देश्य करियर और एजुकेशन से जुड़ी रुचिगत, सरल, प्रमाणिक और पाठक-हितैषी रूप में प्रस्तुत करना है।
व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।
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