JEE Advanced वालों के लिए बड़ी खबर, IISc ने लॉन्च किए 3 धांसू BTech प्रोग्राम
आईआईएससी बेंगलुरु ने 2026 से तीन नए बीटेक कोर्स शुरू किए हैं। इनमें एयरोस्पेस, मैटेरियल साइंस और मैकेनिक्स एंड कंप्यूटिंग शामिल हैं। जानिए दाखिले से जुड़ी पूरी जानकारी।

Indian Institute of Science यानी आईआईएससी बेंगलुरु ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए बड़ा ऐलान किया है। संस्थान ने 2026 शैक्षणिक सत्र से तीन नए बीटेक कोर्स शुरू करने का फैसला लिया है। इन पाठ्यक्रमों का मकसद ऐसे छात्र तैयार करना है जो आने वाले समय में नई तकनीक, शोध और खोज के क्षेत्र में देश का नेतृत्व कर सकें। अब तक आईआईएससी में विज्ञान शोध स्नातक और गणित व कंप्यूटिंग में बीटेक जैसे पाठ्यक्रम चल रहे थे। लेकिन अब संस्थान ने इंजीनियरिंग के क्षेत्र में अपने विकल्प और बढ़ा दिए हैं।
कौन-कौन से नए कोर्स शुरू हुए
आईआईएससी ने जिन तीन नए बीटेक पाठ्यक्रमों की घोषणा की है, उनमें शामिल हैं:
- मैटेरियल साइंस और इंजीनियरिंग
- मैकेनिक्स और कंप्यूटिंग
- एयरोस्पेस इंजीनियरिंग
इन कोर्सों में छात्रों को विज्ञान, इंजीनियरिंग और आधुनिक कंप्यूटर तकनीक को साथ जोड़कर पढ़ाया जाएगा। संस्थान का कहना है कि पढ़ाई सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि छात्रों को असली समस्याओं पर काम करने का अनुभव भी मिलेगा।
दाखिला कैसे मिलेगा
इन नए बीटेक कोर्सों में प्रवेश जेईई एडवांस 2026 के अंकों के आधार पर होगा। इसके बाद जोसा काउंसलिंग के जरिए सीटें आवंटित की जाएंगी। पहले आईआईएससी अपने गणित और कंप्यूटिंग बीटेक कोर्स में अलग पोर्टल के जरिए दाखिला देता था, लेकिन अब नए कोर्सों के लिए राष्ट्रीय स्तर की काउंसलिंग प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
पढ़ाई में क्या होगा खास
संस्थान के मुताबिक शुरुआती सेमेस्टर में छात्रों की बुनियाद मजबूत करने पर जोर रहेगा। इसके तहत इंजीनियरिंग, गणित और कंप्यूटर आधारित तरीकों की पढ़ाई कराई जाएगी। इसके बाद छात्रों को विशेष विषयों और शोध से जुड़ी पढ़ाई की तरफ बढ़ाया जाएगा। आईआईएससी का कहना है कि आने वाले समय में ऐसे इंजीनियरों की जरूरत होगी जो तकनीक और शोध दोनों को समझते हों।
छात्रों को क्या फायदा होगा
संस्थान का दावा है कि इन कोर्सों से निकलने वाले छात्रों के पास सोचने, नई तकनीक समझने और व्यावहारिक काम करने की मजबूत क्षमता होगी। इससे उन्हें देश और दुनिया की बड़ी कंपनियों, शोध संस्थानों और विश्वविद्यालयों में अच्छे मौके मिल सकते हैं। गौरतलब है कि अंतरिक्ष तकनीक, नई सामग्री और कंप्यूटर आधारित इंजीनियरिंग आने वाले वर्षों में तेजी से बढ़ने वाले क्षेत्र होंगे। ऐसे में आईआईएससी के ये कोर्स छात्रों के लिए बड़ा अवसर माने जा रहे हैं।
जेईई एडवांस 2026 से जुड़ी अहम बातें
इस साल जेईई एडवांस 2026 का आयोजन Indian Institute of Technology Roorkee यानी आईआईटी रुड़की कर रहा है। परीक्षा 17 मई 2026 को होगी। इस परीक्षा में आवेदन करने के लिए छात्रों का जेईई मेन 2026 के बीई और बीटेक पेपर में शीर्ष 2.5 लाख सफल अभ्यर्थियों में शामिल होना जरूरी है।
कौन छात्र आवेदन कर सकते हैं
उम्मीदवार का जन्म 1 अक्टूबर 2001 या उसके बाद होना चाहिए। आरक्षित वर्ग के छात्रों को आयु सीमा में छूट मिलेगी। साथ ही छात्र ने पहली बार 2025 या 2026 में 12वीं की परीक्षा भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित विषयों के साथ दी हो। एक छात्र लगातार दो वर्षों में अधिकतम दो बार ही जेईई एडवांस परीक्षा दे सकता है।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
- नीट, जेईई और राज्यवार बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों, बदलावों और परिणामों पर गहन फोकस
- UPSC, UPPSC, MPPSC, BPSC, RPSC और JPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी, पैटर्न और नीतिगत पहलुओं पर पैनी नजर
- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव


