
IIIT : एमटेक के सभी कोर्स अपडेट, अब नए नाम और नई खासियतें, 3 नए BTech MTech इंटीग्रेटेड कोर्स भी
ट्रिपलआईटी में संचालित सभी एमटेक पाठ्यक्रम अब नए कलेवर में होंगे। उद्योग की मौजूदा जरूरतों, उभरती तकनीकों और राष्ट्रीय–अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक रुझानों को ध्यान में रखते हुए एमटेक पाठ्यक्रमों को अपडेट किया गया है।
भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपलआईटी) में संचालित सभी एमटेक पाठ्यक्रम अब नए कलेवर में होंगे। उद्योग की मौजूदा जरूरतों, उभरती तकनीकों और राष्ट्रीय–अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक रुझानों को ध्यान में रखते हुए एमटेक पाठ्यक्रमों को अपडेट किया गया है। अलग-अलग विभागों के एमटेक कार्यक्रमों के नाम बदलकर उन्हें विशेषज्ञता आधारित बनाया गया है, जिसे नए शैक्षणिक सत्र से प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा। इस प्रस्ताव को सीनेट से मंजूरी मिल चुकी है।
संस्थान में तीन विभाग आईटी, ईसीई और अप्लाइड साइंस के अंतर्गत कुल 12 प्रकार के एमटेक कार्यक्रम संचालित हैं। सीनेट के सदस्य प्रो. विक्रम एम. गदरे की सलाह पर ‘रिव्यू ऑफ एकेडमिक प्रोग्राम्स’ के तहत सभी पाठ्यक्रमों की समीक्षा कर उनके नामों में बदलाव किया गया है। इस पहल से विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों में दक्षता के साथ उद्योग से बेहतर जुड़ाव के अवसर मिलने की उम्मीद है।
इन पाठ्यक्रमों के बदले गए नाम
ईसीई विभाग में कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग, कम्युनिकेशन एंड सिग्नल प्रोसेसिंग तथा माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स एंड वीएलएसआई जैसे आधुनिक स्पेशलाइजेशन जोड़े गए हैं। आईटी विभाग में एआई और मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ह्यूमन-मशीन इंटरैक्शन एंड इमर्सिव टेक्नोलॉजी, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग एंड ऑटोमेशन, नेटवर्क्स, सिस्टम्स एंड कंप्यूटिंग जैसे नामों को मंजूरी मिली है। एप्लाइड साइंसेज में बायोमेडिकल एनालिटिक्स एंड इंजीनियरिंग और क्वांटम इंफॉर्मेशन एंड टेक्नोलॉजीज जैसे नए और उभरते क्षेत्रों को शामिल किया गया है। बायोइन्फॉर्मेटिक्स कोर्स का नाम यथावत रखा गया है।
नए सत्र से तीन नए इंटीग्रेटेड कोर्स की होगी पढ़ाई
भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपलआईटी) में सत्र 2026 से तीन नए इंटीग्रेटेड पाठ्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया गया है। संस्थान में अब बीटेक–एमटेक (आईटी), बीटेक–एमटेक (ईसीई) और बीटेक–एमबीए जैसे आधुनिक और रोजगारोन्मुखी कोर्स पढ़ाए जाएंगे। संस्थान प्रशासन के अनुसार, इन तीनों इंटीग्रेटेड कोर्स के लिए कुल 58 सीटें निर्धारित की गई हैं। बीटेक–एमटेक (आईटी) में 25 सीटें, बीटेक–एमटेक (ईसीई) में 11 सीटें और बीटेक–एमबीए में 22 सीटों पर दाखिला दिया जाएगा। दाखिला केंद्रीय सीट आवंटन बोर्ड (सीएसएबी) की काउंसिलिंग के स्कोर के आधार पर होगा। इंटीग्रेटेड कोर्स से छात्र-छात्राओं को समय की बचत के साथ-साथ उच्चस्तरीय तकनीकी और प्रबंधन शिक्षा एक साथ प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
देश-विदेश के 11 संस्थानों से होगी रियल टाइम क्लास
भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपलआईटी) ने बीटेक छात्रों के लिए वैश्विक स्तरीय शिक्षा के नए द्वार खोल दिए हैं। संस्थान के वैज्ञानिकों ने एक उन्नत ऑनलाइन इनेबल्ड एक्टिव लर्निंग टेक्नोलॉजी सॉफ्टवेयर विकसित किया है, जिसकी मदद से विद्यार्थी देश-विदेश के नामी शिक्षण संस्थानों के विशेषज्ञों से रियल टाइम में जुड़कर कक्षाएं ले सकेंगे।
इस प्रोजेक्ट पर ट्रिपलआईटी, यूरोपियन यूनियन देशों के चार संस्थानों तथा थाईलैंड और श्रीलंका के एक-एक संस्थान ने मिलकर संयुक्त रूप से कार्य किया है। यूरोपियन यूनियन के सात करोड़ के इस प्रोजेक्ट में ट्रिपलआईटी ने अहम योगदान दिया है, जिसके लिए आईटी विभाग को 65 लाख रुपये की ग्रांट भी मिली थी।
प्रोजेक्ट की पीआई एवं आईटी विभाग की डॉ. सोनाली अग्रवाल ने बताया कि इसमें कुल 11 शिक्षण संस्थान शामिल हैं। छात्र कैंपस, हॉस्टल या घर कहीं से भी विशेषज्ञों के किसी भी विषय पर रियल टाइम लेक्चर में मौजूद रह सकते हैं और यदि किसी टॉपिक पर भ्रम हो तो सीधे प्रश्न भी पूछ सकते हैं। इस प्रोजेक्ट में ट्रिपलआईटी प्रयागराज के साथ इटली की यूनिवर्सिटी ऑफ बोलोगना, यूरोपियन यूनियन के अन्य तीन देश, थाईलैंड और श्रीलंका के संस्थान शामिल हैं।





