इग्नू ने बढ़ाई आवेदन की आखिरी तारीख, बीएड और नर्सिंग प्रवेश परीक्षा अब 29 मार्च को
इग्नू ने बीएड और बीएससी नर्सिंग (पोस्ट बेसिक) प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 10 मार्च 2026 तक बढ़ा दी है। परीक्षा 29 मार्च को होगी, जबकि यूजी और पीजी कार्यक्रमों में भी दाखिले जारी हैं।

उच्च शिक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बड़ी राहत की खबर है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय यानी इग्नू ने बीएड और बीएससी नर्सिंग (पोस्ट बेसिक) कार्यक्रमों की प्रवेश परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। अब इच्छुक अभ्यर्थी 10 मार्च 2026 शाम 6 बजे तक अपना आवेदन जमा कर सकते हैं।
विश्वविद्यालय की ओर से जारी सूचना के अनुसार इन कार्यक्रमों के साथ पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन रूरल एंड प्लांटेशन मैनेजमेंट के लिए भी यही विस्तारित समय सीमा लागू होगी। पहले तय समय में आवेदन न कर पाने वाले छात्रों के लिए यह एक अतिरिक्त अवसर माना जा रहा है।
29 मार्च को होगी प्रवेश परीक्षा
इन तीनों कार्यक्रमों के लिए प्रवेश परीक्षा 29 मार्च 2026 को आयोजित की जाएगी। विश्वविद्यालय ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार करने के बजाय समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि तकनीकी दिक्कतों से बचा जा सके।
जनवरी 2026 सत्र के लिए यूजी और पीजी में भी दाखिले जारी
इसी बीच विश्वविद्यालय ने जनवरी 2026 सत्र के लिए स्नातक और स्नातकोत्तर कार्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। ये दाखिले ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग और ऑनलाइन दोनों माध्यमों से किए जा रहे हैं, जिससे नौकरीपेशा और दूरदराज के विद्यार्थी भी आसानी से पढ़ाई कर सकें।
स्नातक स्तर पर बीए, बीबीए, बीकॉम, बीसीए, बीएससी और बीएसडब्ल्यू जैसे लोकप्रिय कार्यक्रम उपलब्ध हैं, जिनमें कई ऑनर्स और विशेष विषयों के विकल्प भी दिए गए हैं।
स्नातकोत्तर स्तर पर भी कई विकल्प
पोस्टग्रेजुएट पाठ्यक्रमों में एमबीए, विभिन्न विषयों में एमए, एमसीए और एमकॉम जैसे कार्यक्रम शामिल हैं। इसके अलावा विश्वविद्यालय ने ऐसे डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स भी शुरू किए हैं, जिनका उद्देश्य छात्रों के कौशल विकास और करियर उन्नति में मदद करना है।
भाषा अध्ययन, सूचना प्रौद्योगिकी, पर्यावरण अध्ययन और प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में लघु अवधि के कार्यक्रम भी उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि विद्यार्थी अपनी जरूरत के अनुसार पढ़ाई का चुनाव कर सकें।
लचीली शिक्षा प्रणाली है इग्नू की खासियत
इग्नू की शिक्षा व्यवस्था उन छात्रों के लिए खास तौर पर उपयोगी मानी जाती है जो नियमित कॉलेज नहीं जा सकते। विश्वविद्यालय का देशभर में 2000 से अधिक शिक्षार्थी सहायता केंद्र और क्षेत्रीय अध्ययन केंद्रों का नेटवर्क है।
छात्रों को डिजिटल प्लेटफॉर्म, ई कंटेंट और इंटरैक्टिव ऑनलाइन टूल्स की सुविधा भी मिलती है, जिससे वे अपनी गति और सुविधा के अनुसार पढ़ाई कर सकते हैं। यही वजह है कि कामकाजी लोगों, गृहिणियों और दूरदराज के विद्यार्थियों के बीच इस प्रणाली की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
- नीट, जेईई और राज्यवार बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों, बदलावों और परिणामों पर गहन फोकस
- UPSC, UPPSC, MPPSC, BPSC, RPSC और JPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी, पैटर्न और नीतिगत पहलुओं पर पैनी नजर
- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव


