IGNOU जनवरी 2026 सेशन के लिए रजिस्ट्रेशन की तारीख बढ़ी, फटाफट ऐसे करें अप्लाई
ignou admission january 2026 : इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी (IGNOU) ने जनवरी 2026 सेशन के लिए रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख बढ़ाकर 10 अप्रैल 2026 कर दी है। इसलिए इच्छुक उम्मीदवार वेबसाइट पर जल्द आवेदन करें।

ignou admission january 2026 : क्या आप भी किसी वजह से इग्नू (IGNOU) में एडमिशन लेने से चूक गए थे? अगर हां तो आपके लिए एक बेहद पते की और सुकून देने वाली खबर है। इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी यानी इग्नू ने अपने जनवरी 2026 सेशन के लिए रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख को आगे खिसका दिया है। इग्नू ने छात्रों को एक और शानदार मौका देते हुए ओडीएल (ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग) और ऑनलाइन मोड वाले प्रोग्राम्स में दाखिले की डेडलाइन बढ़ाकर 10 अप्रैल 2026 कर दी है।
किन कोर्सेज पर लागू होगा यह नियम?
इग्नू की तरफ से दी गई इस मोहलत का फायदा लगभग सभी नोटिफाइड प्रोग्राम्स के लिए उठाया जा सकता है। यह छूट सेमेस्टर बेस्ड कोर्सेज और सर्टिफिकेट कोर्सेज पर लागू नहीं होगी। इसलिए अपना फॉर्म भरने से पहले कोर्स की डिटेल्स जरूर चेक कर लें।
TEE जून 2026 परीक्षा के लिए भी अहम अपडेट
अगर आप जून 2026 के टर्म एंड एग्जामिनेशन (TEE) में बैठने का मन बना रहे हैं तो आपके लिए भी एक जरूरी खबर है। टीईई जून 2026 के लिए बिना लेट फीस के रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख भी 10 अप्रैल, 2026 ही तय की गई है। अगर आप इस तारीख तक फॉर्म नहीं भर पाते हैं तो फिर जेब ढीली करने के लिए तैयार रहिए। 11 अप्रैल से 24 अप्रैल 2026 के बीच फॉर्म भरने पर आपको 1100 रुपये की भारी भरकम लेट फीस चुकानी पड़ेगी।
एडमिशन के लिए ये डॉक्यूमेंट्स रखें तैयार
अब जब आपने अप्लाई करने का मन बना ही लिया है तो अपने डॉक्यूमेंट्स भी तैयार कर लीजिए। इग्नू के जनवरी 2026 ओडीएल प्रोग्राम्स में दाखिला लेने वाले सभी योग्य उम्मीदवारों को कुछ जरूरी चीजें वेबसाइट पर अपलोड करनी होंगी। इनमें आपकी हाल ही में खींची गई एक साफ-सुथरी पासपोर्ट साइज फोटो और सिग्नेचर की स्कैन की हुई कॉपी शामिल है। ध्यान रहे इन दोनों फाइल्स का साइज 100 KB से ज्यादा न हो वरना फॉर्म सबमिट होने में अड़चन आ सकती है। इसके साथ ही आपको अपनी पढ़ाई लिखाई के सर्टिफिकेट्स, अगर कहीं काम किया है तो उसका एक्सपीरियंस सर्टिफिकेट और अगर आप एससी (SC), एसटी (ST) या ओबीसी (OBC) कैटेगरी से ताल्लुक रखते हैं तो अपना जाति प्रमाण पत्र भी अपलोड करना होगा।
इग्नू रजिस्ट्रेशन 2026 कैसे करें अप्लाई?
इग्नू के इस नए सेशन के लिए अप्लाई कैसे करना है। बस इन आसान से स्टेप्स को फॉलो करते जाइए।
1. पहला कदम: सबसे पहले अपना मोबाइल या लैपटॉप उठाइए और इग्नू की ऑफिशियल वेबसाइट ignou.ac.in पर जाइए।
2. दूसरा कदम: होम पेज पर ही आपको री रजिस्ट्रेशन (re registration) का लिंक चमकता हुआ दिख जाएगा, उस पर तुरंत क्लिक कर दें।
3. तीसरा कदम: अब यहां आपको अपना सही इग्नू यूजर आईडी, पासवर्ड और स्क्रीन पर दिख रहा सिक्योरिटी कोड (कैप्चा) डालकर लॉग इन करना है।
4. चौथा कदम: लॉग इन करते ही जनवरी 2026 का एप्लीकेशन फॉर्म आपके सामने खुल जाएगा। इसमें अपनी सारी जरूरी जानकारी भरें और जिस कोर्स में एडमिशन लेना है, उसे चुन लें।
5. पांचवां कदम: सारी जानकारी सही सही भरने के बाद, अपनी एप्लीकेशन फीस का ऑनलाइन पेमेंट कर दें।
6. छठा कदम: आखिर में फॉर्म को सबमिट करें और आगे के काम के लिए कन्फर्मेशन पेज का प्रिंट आउट निकालकर या पीडीएफ (PDF) सेव करके अपने पास जरूर रख लें।
एडमिशन कैंसल कराने पर क्या होगा?
अगर एडमिशन पक्का होने के बाद किसी भी वजह से कोई छात्र अपना एडमिशन कैंसल करवाता है तो इग्नू के नियम एकदम साफ हैं। ऐसी स्थिति में आपकी जमा की गई प्रोग्राम फीस में से 15% हिस्सा (जो कि ज्यादा से ज्यादा 2,000 रुपये तक हो सकता है) काट लिया जाएगा और बाकी रकम आपको वापस कर दी जाएगी। लेकिन यह बात गांठ बांध लें कि अगर आपने एडमिशन कन्फर्म होने के 60 दिनों के बाद एडमिशन कैंसल करने की अर्जी लगाई तो आपको धेला भी वापस नहीं मिलेगा। यानी इस स्थिति में नो रिफंड की पॉलिसी लागू होगी।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
- नीट, जेईई और राज्यवार बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों, बदलावों और परिणामों पर गहन फोकस
- UPSC, UPPSC, MPPSC, BPSC, RPSC और JPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी, पैटर्न और नीतिगत पहलुओं पर पैनी नजर
- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव


