UPSC Success Story: IIT रुड़की से किया IFS तक का सफर, अरुषि मिश्रा ने कैसे बनीं अफसर बिटिया

Jan 08, 2026 03:56 pm ISTHimanshu Tiwari लाइव हिन्दुस्तान
share Share
Follow Us on

UPSC Success Story: IFS आरुषि मिश्रा की कहानी संघर्ष, असफलता और आत्मविश्वास से सफलता तक का सफर है, जो हर UPSC अभ्यर्थी को हार न मानने की प्रेरणा देती है।

UPSC Success Story: IIT रुड़की से किया IFS तक का सफर, अरुषि मिश्रा ने कैसे बनीं अफसर बिटिया

UPSC Success Story: संघ लोक सेवा आयोग की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए IFS आरुषि मिश्रा की कहानी किसी प्रेरणा से कम नहीं है। पढ़ाई में शुरू से अव्वल, करियर में कई उतार-चढ़ाव और फिर कड़ी मेहनत के दम पर देश की सबसे प्रतिष्ठित सेवाओं में जगह बनाना आरुषि मिश्रा की यह यात्रा हर उस अभ्यर्थी को हौसला देती है जो बार-बार असफल होने के बाद भी अपने सपनों को छोड़ने का मन नहीं बनाता।

IFS आरुषि मिश्रा का जन्म 31 जनवरी 1991 को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हुआ था। उनके पिता अजय मिश्रा वरिष्ठ अधिवक्ता हैं, जबकि उनकी मां नीता मिश्रा एक कॉलेज में लेक्चरर रही हैं। परिवार का शैक्षणिक और प्रशासनिक माहौल शुरू से ही मजबूत रहा है। आरुषि के छोटे भाई अर्णव मिश्रा भी उत्तर प्रदेश में डिप्टी कलेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। वहीं उनके पति IAS चर्चित गौर वर्तमान में आगरा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष हैं। खुद आरुषि मिश्रा इस समय आगरा वन विभाग में डिप्टी डीएफओ के पद पर तैनात हैं।

शुरुआत से ही काफी तेज रहीं आरुषि मिश्रा

आरुषि मिश्रा की शुरुआती पढ़ाई उत्तर प्रदेश के रायबरेली से हुई। उन्होंने कक्षा 10वीं की ICSE बोर्ड परीक्षा में 95.14 प्रतिशत अंक हासिल किए, जबकि कक्षा 12वीं की CBSE परीक्षा में 91.2 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। पढ़ाई में यह उत्कृष्ट प्रदर्शन आगे चलकर उनकी मजबूत नींव बना। इसके बाद उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIT रुड़की से वर्ष 2014 में बीटेक की डिग्री हासिल की।

IIT से पढ़ाई पूरी करने के बाद आरुषि के सामने कॉरपोरेट करियर के कई विकल्प मौजूद थे, लेकिन उन्होंने देश की सेवा का रास्ता चुना और UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। इस सफर में उन्होंने कोचिंग क्लासेज जॉइन कीं, विषयवार टेस्ट सीरीज इकट्ठा कीं और लगातार मॉक टेस्ट दिए। हालांकि, शुरुआती प्रयासों में उन्हें असफलता का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।

एक समय ऐसा भी आया जब UPSC में शुरुआती असफलताओं के बाद आरुषि ने कोचिंग संस्थान में पढ़ाना शुरू किया। साथ ही वह नौकरी के विकल्प भी तलाश रही थीं। इस दौर में समाज का दबाव और अनिश्चित भविष्य उनके लिए चुनौती बना, लेकिन परिवार का साथ उनके लिए सबसे बड़ी ताकत साबित हुआ। खुद आरुषि मानती हैं कि ज्यादा स्टडी मटीरियल और कोचिंग विकल्पों के कारण कन्फ्यूजन बढ़ जाता है, जिसका असर उनकी शुरुआती तैयारी पर भी पड़ा।

कड़ी मेहनत से यूपीएससी परीक्षा में गाड़े झंडे

कड़ी मेहनत और अनुभव के साथ आखिरकार आरुषि मिश्रा को बड़ी सफलता मिली। UPSC IFoS 2018 परीक्षा में उन्होंने ऑल इंडिया सेकेंड रैंक हासिल की। इससे पहले UPSC सिविल सेवा परीक्षा में उन्हें 229वीं रैंक के साथ IRS कैडर मिला था। वहीं UPPCS परीक्षा में 16वीं रैंक हासिल कर उन्हें DSP का पद भी मिला। यह सफर आसान नहीं था, लेकिन हर असफलता के बाद उन्होंने खुद को और मजबूत बनाया।

UPSC की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए आरुषि मिश्रा ने कुछ अहम सुझाव भी साझा किए हैं। उनके अनुसार, टॉपर्स की रणनीति समझकर अपना स्टडी प्लान बनाना चाहिए, ऑनलाइन शैक्षणिक वीडियो से नोट्स तैयार करने चाहिए और ज्यादा से ज्यादा मॉक टेस्ट देने चाहिए। इसके साथ ही रोजाना 30 मिनट ध्यान और व्यायाम को वह फोकस बढ़ाने के लिए बेहद जरूरी मानती हैं।

निजी जीवन की बात करें तो आरुषि मिश्रा ने नवंबर 2021 में IAS चर्चित गौर से विवाह किया। दोनों लंबे समय से एक-दूसरे को जानते थे और UPSC की तैयारी के दौरान उन्होंने एक-दूसरे को दोस्त और मेंटर की तरह सपोर्ट किया। सोशल मीडिया पर भी आरुषि काफी लोकप्रिय हैं और इंस्टाग्राम पर उनके करीब 30 हजार फॉलोअर्स हैं। वह अक्सर मेंटर सेशंस के जरिए UPSC अभ्यर्थियों का मार्गदर्शन करती रहती हैं।

Himanshu Tiwari

लेखक के बारे में

Himanshu Tiwari

शॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।

परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।

लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।

शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।

रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।

विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
- नीट, जेईई और राज्यवार बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों, बदलावों और परिणामों पर गहन फोकस
- UPSC, UPPSC, MPPSC, BPSC, RPSC और JPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी, पैटर्न और नीतिगत पहलुओं पर पैनी नजर
- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव

और पढ़ें
लेटेस्ट एजुकेशन न्यूज़ अपडेट हिंदी में हिंदुस्तान पर, Hindi News, क्रिकेट न्यूज पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।
;;;