IBPS RRB PO Final Cut Off 2026 जारी, राज्य और कैटेगरी वाइज क्या रही मेरिट
IBPS RRB PO फाइनल कट ऑफ 2026 जारी कर दी गई है। अभ्यर्थी अब राज्यवार और श्रेणीवार कट ऑफ देखकर चयन की स्थिति समझ सकते हैं। मेन्स और इंटरव्यू के संयुक्त प्रदर्शन के आधार पर हुआ अंतिम चयन।

बैंकिंग नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए बड़ी अपडेट सामने आई है। Institute of Banking Personnel Selection (IBPS) ने आरआरबी पीओ फाइनल कट ऑफ 2026 को आधिकारिक रूप से जारी कर दिया है। यह कट ऑफ अंतिम परिणाम के साथ 23 फरवरी 2026 को घोषित की गई, जिससे अब उम्मीदवार साफ तौर पर समझ सकते हैं कि चयन के लिए कितने अंक जरूरी थे। जो अभ्यर्थी CRP RRB XIV भर्ती प्रक्रिया में शामिल हुए थे, वे अब राज्यवार और कैटेगरी के अनुसार जारी कट ऑफ मार्क्स देखकर अपने प्रदर्शन का आकलन कर सकते हैं। यही कट ऑफ यह तय करती है कि किस उम्मीदवार को देशभर के क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों में प्रोविजनल अलॉटमेंट मिलेगा।
मेन्स और इंटरव्यू के संयुक्त प्रदर्शन से बनी मेरिट
आरआरबी पीओ की अंतिम कट ऑफ केवल लिखित परीक्षा से तय नहीं होती, बल्कि यह मेन्स परीक्षा और इंटरव्यू दोनों के अंकों को जोड़कर तैयार की जाती है। यानी चयन पूरी तरह उम्मीदवार की समग्र क्षमता पर आधारित होता है। हर साल की तरह इस बार भी कट ऑफ कई चीजों पर निर्भर रही। परीक्षा का स्तर, उपलब्ध रिक्तियां, इंटरव्यू में शामिल उम्मीदवारों की संख्या और कुल प्रदर्शन ने मिलकर इस साल का चयन स्तर तय किया। यही वजह है कि अलग अलग राज्यों में कट ऑफ में अंतर देखने को मिला। जिन उम्मीदवारों के अंक अपने राज्य और श्रेणी की घोषित कट ऑफ के बराबर या उससे अधिक रहे, उन्हें प्रोविजनल अलॉटमेंट के लिए चुना गया है।
आईबीपीएस आरआरबी पीओ अधिकतम कट ऑफ मार्क्स (100 में से)
आईबीपीएस आरआरबी पीओ न्यूनतम कट ऑफ मार्क्स (100 में से)
राज्यवार कट ऑफ ने दिखाया असली मुकाबला
इस बार की कट ऑफ खास इसलिए भी मानी जा रही है क्योंकि इसे हर राज्य के लिए अलग अलग जारी किया गया है। क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की प्रकृति राज्य आधारित होती है, इसलिए चयन भी स्थानीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के अनुसार तय किया जाता है। कई राज्यों में मामूली अंकों का अंतर भी चयन और प्रतीक्षा सूची के बीच की दूरी बन गया। इससे यह साफ होता है कि इस बार प्रतियोगिता काफी कड़ी रही।
स्केल II और स्केल III पदों के लिए भी जारी हुए न्यूनतम अंक
ऑफिसर स्केल II और स्केल III पदों के लिए भी अंतिम कट ऑफ घोषित कर दी गई है। इन पदों पर चयन के लिए आवश्यक न्यूनतम अंक अलग से निर्धारित किए गए हैं, क्योंकि इन भूमिकाओं में अनुभव और जिम्मेदारी दोनों अधिक होती हैं। इन पदों की कट ऑफ तय करते समय भी वही प्रमुख कारक शामिल रहे कि कितनी वैकेंसी उपलब्ध थीं, परीक्षा का कठिनाई स्तर कैसा रहा साथ ही कुल उम्मीदवारों का प्रदर्शन कैसा था। इससे उम्मीदवारों को यह समझने में मदद मिलती है कि आने वाले वर्षों में चयन स्तर किस दिशा में जा सकता है।
कट ऑफ को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारण
हर भर्ती चक्र में कट ऑफ अचानक तय नहीं होती, बल्कि कई अहम तत्वों का संतुलन इसे बनाता है। इस साल की कट ऑफ पर भी कुछ बड़े कारकों का असर साफ दिखाई दिया। सबसे पहला कारक था कुल रिक्तियों की संख्या, क्योंकि पद जितने कम होते हैं, प्रतिस्पर्धा उतनी बढ़ जाती है। दूसरा था मेन्स परीक्षा का स्तर, जिसने मेरिट में बड़ा अंतर पैदा किया। तीसरा था इंटरव्यू राउंड के लिए चुने गए उम्मीदवारों की संख्या। चौथा था अलग अलग श्रेणियों के लिए तय वैकेंसी वितरण, जिसने राज्यवार चयन को प्रभावित किया।
अब आगे क्या होगा चयनित उम्मीदवारों के साथ
फाइनल कट ऑफ और रिजल्ट जारी होने के बाद चयनित उम्मीदवार अब भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण में प्रवेश करेंगे। सबसे पहले प्रोविजनल अलॉटमेंट सूची के जरिए यह बताया जाएगा कि किस उम्मीदवार को किस क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक में नियुक्ति दी गई है। इसके बाद संबंधित बैंक उम्मीदवारों से संपर्क करेंगे और दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया शुरू होगी। शैक्षणिक प्रमाणपत्र, पहचान पत्र, श्रेणी प्रमाणपत्र और अन्य जरूरी दस्तावेजों की जांच की जाएगी। इसके बाद मेडिकल परीक्षण और जॉइनिंग से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी।
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Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
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हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
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काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
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