IAS Saumya Pandey: 10वीं में 98%, 12वीं 97.8%, फिर पहले अटेंप्ट में UPSC टॉप कर बनीं IAS; जानें क्या थी स्ट्रेटजी
सौम्या पांडे उत्तर प्रदेश के प्रयागराज की रहने वाली हैं। इनका जन्म 12 जनवरी 1994 को हुआ है। बचपन से ही सौम्या पढ़ाई में तेज थीं। अपनी शुरूआती शिक्षा यहीं से की।

कुछ बच्चे बचपन से ही ब्रीलिएंट होते हैं। इन्हीं में से एक थीं सौम्या पांडे। वो 2017 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। वर्तमान में वो उपाध्यक्ष, बरेली विकास प्राधिकरण एवं आरएफसी पद पर सेवाएं दे रही हैं। इनकी यूपीएससी की जर्नी बेहद खास रही है। महज 8 से 10 महीनों की तैयारी में यूपीएससी ना सिर्फ क्रैक किया बल्कि देशभर में चौथा स्थान हासिल किया क्रैक किया। आज सक्सेस स्टोरी में बात आईएएस सौम्या पांडे।
कौन हैं सौम्या पांडे
सौम्या पांडे उत्तर प्रदेश के प्रयागराज की रहने वाली हैं। इनका जन्म 12 जनवरी 1994 को हुआ है। बचपन से ही सौम्या पढ़ाई में तेज थीं। अपनी शुरूआती शिक्षा यहीं से की। उन्होंने दसवीं कक्षा में 98 प्रतिशत और 12वीं में 97.8 प्रतिशत अंक हासिल की थी।
ग्रेजुएशन में रहीं टॉपर
इतना ही नहीं दोनों कक्षाओं में टॉप करने वाली सौम्या पांडे ने 12वीं के बादग इलेक्ट्रिकल इंजीनयरिंग से ग्रेजुएशन पूरा किया। यहां भी उन्हें गोल्ड मेडल मिला यानी यहां भी वे टॉपर बनीं। इसके तुरंत बाद सौम्या ने एक साल का गैप किया यूपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। एक साल की कमिटेड तैयारी के बाद सौम्या ने पहला अटेम्पट दिया और पहले ही प्रयास में टॉपर बनीं। यानी 10वीं, 12वीं और फिर ग्रेजुएशन के बाद यूपीएससी में भी उन्होंने टॉप किया।
कैसे की प्री की तैयारी
इंजीनियरिंग करने के बाद इन्होंने यूपीएससी की तैयारी की और आठ-नौ महीने जमकर मेहनत की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वे रोजाना आठ घंटे पढ़ाई करती थीं। यूपीएससी की सीएसई की परीक्षा का पहला पड़ाव है प्रीलिम्स। वो बताती हैं कि इसके लिए एनसीईआरटी से बेहतर कोई विकल्प नहीं है हैं। एनसीईआरटी के बाद ही स्टैंडर्ड बुक्स पर जाएं। इसके बाद जब आपको लगे की आपकी तैयारी का लेवल थोड़ा बढ़ा है, तो आप टेस्ट दें। इससे आपको कमियां भी पता चलता है और समय रहते कमियों को दूर करने में भी मदद मिलती है।
मेंस की तैयारी के लिए क्या करें
सौम्या के मुताबिक मेंस की तैयारी करने से पहले आपको सिलेबस को अच्छी तरह से पढ़ लेना। एनसीईआरटी की किताबें भी यहां आपको मदद करती हैं। अगर आप इसमें थोड़ी प्रैक्टिस कर लेते हैं, तो आप अच्छा स्कोर कर सकते हैं। वहीं, वो निबंध वाले पार्ट पर कहती हैं कि निबंध लिखने से पहले उसे फ्रेम जरूर कर लें। जीएस के लिए स्टैंडर्ड बुक्स से पढ़ें और तैयारी करें। यहां आप इंटरनेट ज्यादा मददगार साबित होता है। बता दें कि सौम्या का ऑप्शनल ज्योग्राफी था, इसकी तैयारी भी उन्होंने एनसीईआरटी की किताबों से की।
न्यूज पेपर भी है जरूरी
एक वीडियो इंटरव्यू में वो बताती हैं कि स्टैंडर्ड बुक्स के अलावा अखबार जरूर पढ़ना चाहिए। खासकर एडिटोरियल अगर रेलिवेंट है या आपके विषय से संबंधित है तो उसे ध्यान से देखें। क्योंकि बहुत से टॉपिक इनसे ही कवर हो जाएंगे।
23 साल की उम्र में बनीं आईएएस
अपनी इसी स्ट्रैटजी पर काम करते हुए सौम्या ने साल 2016 में मात्र 23 साल की उम्र में और अपने पहले ही अटेम्पट में सौम्या ने यूपीएससी सीएसई परीक्षा में टॉप किया था। इसके साथ ही चौथी रैंक के साथ वे टॉपर बनीं और अपना आईएएस बनने का सपना पूरा किया।


