21 की उम्र में कैसे IAS बन गए सक्षम गोयल? पहले ही प्रयास में UPSC किया था क्रैक

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यूपीएससी का एग्जाम बेहद कठिन परीक्षाओं में गिना जाता है। कोई पहले अटेंप्ट यानी प्रयास में सफल हो जाता है, तो कोई 5वें या छठवें प्रयास में। लेकिन आईएएस सक्षम गोयल की कहानी काफी अलग है। उन्होंने महज 21 साल की उम्र में ना सिर्फ यूपीएससी क्रैक किया, बल्कि 27वीं रैंक भी हासिल किया।

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आईएएस सक्षम गोयल सक्सेस स्टोरी

यूपीएससी की सिविल सर्विस परीक्षा में हर साल लाखों उम्मीदवार शामिल होते हैं, ताकि वो आईएएस और आईपीएस बन सकें और देश की सेवा कर सकें। लेकिन इनमें से कुछ ही उम्मीदवार सफल होते हैं। यूपीएससी का एग्जाम बेहद कठिन परीक्षाओं में गिना जाता है। कोई पहले अटेंप्ट यानी प्रयास में सफल हो जाता है, तो कोई 5वें या छठवें प्रयास में। लेकिन आईएएस सक्षम गोयल की कहानी काफी अलग है। उन्होंने महज 21 साल की उम्र में ना सिर्फ यूपीएससी क्रैक किया, बल्कि 27वीं रैंक भी हासिल किया। ऐसे में अक्सर लोगों के मन में ये सवाल होता है कि आखिर पहले अटेंप्ट में यूपीएससी क्रैक कर आईएएस कैसे बनें। इसके लिए सक्षम गोयल की जर्नी के बारे में लोगों को जरूर जानना चाहिए।

सक्षम गोयल की पढ़ाई

सक्षम गोयल आगरा से ताल्लुक रखते हैं और उन्होंने अपनी 10वीं की पढ़ाई आगरा के सेंट कॉनरेड्स इंटर कॉलेज से की है। इसके बाद वो दिल्ली चल गए। यहां वसंत कुंज स्थित डीपीएस से 11वीं और 12 वीं की पढ़ाई पूरी की। एक इंटरव्यू में सक्षम बताते हैं कि यूपीएससी के सिलेबस के बारे में सबसे पहले यहीं डीपीएस में ही पता चला था। 12वीं की पढ़ाई के बाद सक्षम ने स्टीफंस कॉलेज से राजनीतिशास्त्र और इकोनॉमी से बीए की पढ़ाई कंप्लीट की। कॉलेज के दौरान उन्होंने अपनी यूपीएससी की तैयारी जारी रखी।

यूपीएससी की तैयारी कैसे की?

सक्षम गोयल बताते हैं कि जब वो बीए सेकंड ईयर में थे, तो एक यूपीएससी के लिए एक कोचिंग ज्वाइन की थी। लेकिन वो बताते हैं कि कुछ ही समय में उसे छोड़नी पड़ी, क्योंकि उन्हें कोचिंग ज्यादा समझ में नहीं आई। मगर, उन्होंने लक्ष्मीकांत, विपिन चंद्रा जैसी उपयोगी किताबों को पढ़ लिया था। हालांकि तीसरे साल में उन्होंने अपने अकेडमी की पढ़ाई में फोकस किया। ग्रेजुएशन पूरा होने के बाद वो घर आ गए, क्योंकि तब देशभर में कोरोना का माहौल चल रहा था।

लॉकडाउन में घर से की तैयारी

घर आने के बाद पूरे एक साल तक सक्षम ने जमकर पढ़ाई की यानी यूपीएससी की तैयारी की। हालांकि वो बचपन से ही सक्षम को यूपीएससी के बारे में पता था, क्योंकि उनकी फैमिली में की ब्यूरोक्रेट्स थे। जैसे कि उनके दादा जी रेलवे में थे और पापा गर्वमेंट सर्विस में थे। वहीं, उनके कॉलेज के पास आउट सीनियर्स, जो सिविल सर्विसेज में थे, उनके बारे में जानकर वो मोटिवेट हुए और यूपीएससी की तरफ उनका झुकाव और बढ़ता गया।

प्लानिंग के साथ की तैयारी

सक्षम ने अपनी तैयारी की स्ट्रैटजी शेयर करते हुए कहते हैं कि उन्होंने एक-दो महीने न्यूज पेपर पढ़कर यूपीएससी की तैयारी की शुरुआ की। फिर सबसे मुश्किल सब्जेक्ट को अच्छे से पढ़ा। इसके अलावा प्री से पहले उन्होंने उन टॉपिक्स या सिलेबेस पर ज्यादा जोर दिया, जो मेंस में आते हैं। उन्होंने अपनी तैयारी पूरी प्लानिंग के साथ की। इसी का नतीजा रहा कि सक्षम ने अपने पहले ही प्रयास में 27वीं रैंक लाकर यूपीएससी क्रैक किया और आईएएस बन गए।

सक्षम गोयल अपनी जर्नी को लेकर यूपीएससी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को सलाह देते हैं कि उन्हें तैयारी के दौरान कुछ अच्छे ब्यूरोक्रेट्स और पत्रकारों की किताबें पढ़नी चाहिए। वो बताते हैं कि यूपीएससी के लिए फोकस्ड पढ़ाई चाहिए यानी एग्जाम के हिसाब से ही पढ़ाई करनी चाहिए। इसमें स्मार्टवर्क का ज्यादा काम है। वो बताते हैं कि उन्होंने यूपीएससी की तैयारी ज्यादातर खुद से की है। कुछ ऑनलाइन कोर्सेस किए। जो कोर्सेस अच्छे से उन्हें 2एक्स पर बार-बार देखना मेरे लिए फायदेमंद साबित हुआ। सक्षम के मुताबिक 30 मिनट के इंटरव्यू राउंड के दौरान वह बिल्कुल भी घबराए नहीं थे। साथ ही साक्षात्कारकर्ताओं ने उनसे लगभग 35 प्रश्न पूछे थे।

Dheeraj Pal

लेखक के बारे में

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संक्षिप्त विवरण: धीरज पाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में 7 साल का अनुभव है। लाइव हिन्दुस्तान में काम करते हुए इन्हें 4 साल हो गए हैं। धीरज एजुकेशन रिपोर्टर के तौर पर काम कर चुके हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने राजनीति समाचार, एजुकेशन बीट के लिए ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। हिंदुस्तान लाइव में यूपी बोर्ड से लेकर उन्होंने लोकसभा चुनाव कवर करने साथ-साथ खेल जैसे बीट पर काम किया। अब इनका एकमात्र उद्देश्य करियर और एजुकेशन से जुड़ी रुचिगत, सरल, प्रमाणिक और पाठक-हितैषी रूप में प्रस्तुत करना है।

व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।

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