IAS रिंकू फिर चर्चा में, क्यों 2 बार क्रैक करना पड़ा UPSC, दोनों बार इंटरव्यू में सबसे कम अंक
आईएएस रिंकू सिंह एक फिर चर्चा में है। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के इंटरव्यू राउंड में आईएएस रिंकू सिंह को सबसे कम अंक मिले थे। यूपीएससी के दोनों इंटरव्यू में उन्हें सबसे कम अंक मिले।

IAS Rinkoo Singh Rahee UPSC CSE Interview Marks : आईएएस अफसर रिंकू सिंह राही एक बार फिर चर्चा में हैं। एक विवाद के बाद उन्हें जालौन के एसडीएम पद से हटाकर उरई भेज दिया गया है। उन पर ब्लॉक प्रमुख रामराजा निरंजन ने बदसलूकी, थप्पड़ मारने की कोशिश और धक्का देने के आरोप हैं। यूपी कॉडर के 2023 बैच के आईएएस अधिकारी रिंकू इससे पहले वह तब चर्चा में आए थे जब मार्च 2026 में उन्होंने काम न मिलने के चलते अपना इस्तीफा राष्ट्रपति को भेजकर अपनी पूर्ववर्ती सेवा में भेजने का अनुरोध किया है। यानी वह वापस पीसीएस अधिकारी बनना चाहते थे। उन्होंने 2004 में उत्तर प्रदेश की प्रतिष्ठित यूपीपीसीएस पीसीएस परीक्षा पास की थी। इसके बाद वह 2022 में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास कर आईएएस अधिकारी बने। लेकिन यूपीएससी इंटरव्यू के दौरान उन्हें इतने कम अंक मिले जो सोशल मीडिया चर्चा का विषय बने हुए हैं।
दो बार यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा क्रैक की
रिंकू सिंह ने दो बार यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा क्रैक की थी। सिविल सेवा परीक्षा 2021 में उनकी रैंक 683 थी। चयनितों की लिस्ट में उनका नाम तो था पर उन्हें कोई सेवा अलॉट नहीं हुई। संभवत: सर्विस प्रेफरेंस इसकी वजह रहा होगा। इसके बाद उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2022 भी पास की। इस बार उनकी रैंक 921 रही। इस बार उन्हें आईएएस सर्विस अलॉट हुई और यूपी कैडर (होम कैडर) मिला।
16वीं बार मे यूपीएससी पास की
रिंकू ने 16वीं बार मे यूपीएससी (UPSC) की परीक्षा पास की थी। खास बात यह है कि 2018 तक उन्होंने दिव्यांगता कोटे का लाभ भी नहीं लिया और एक सामान्य अभ्यर्थी की तरह संघर्ष किया। आखिरकार 2023 में वे दिव्यांग कोटे से आईएएस बने।
दोनों बार यूपीएससी इंटरव्यू में सबसे अंक आए
रिंकू सिंह राही ने दो बार यूपीएससी सिविल सर्विसेज एग्जाम क्रैक किया 2021 और 2022। चौंकाने वाली बात यह है कि दोनों बार उनके इंटरव्यू में सबसे कम अंक आए। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2021 के इंटरव्यू में उनके और आईएएस डेवी गोयल के 275 में सिर्फ 110 अंक आए थे। इससे कम अंक किसी भी अभ्यर्थी के नहीं थे। सोशल मीडिया पर अकसर लोग सवाल उठाते हैं यूपीएससी इंटरव्यू बोर्ड आखिर कैसे किसी अभ्यर्थी को इतने कम अंक दे सकता है।
यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2021 मार्कशीट
नाम: रिंकू सिंह राही
रैंक : 683
रोल नंबर: 5914236
श्रेणी: एससी PwBD-5
मेन्स- 591 अंक (1750 में से)
इंटरव्यू अंक: 275 में से 110 अंक
कुल स्कोर - 701
यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2022 मार्कशीट
नाम: रिंकू सिंह राही
रैंक : 921
रोल नंबर: 5906247
श्रेणी: एससी PwBD-5
मेन्स - 654 अंक (1750 में से)
इंटरव्यू अंक: 105 (275 में से)
कुल स्कोर - 759
सात गोलियां खाईं
उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में 20 मई 1982 को रिंकू सिंह राही का जन्म हुआ। रिंकू के पिता आटा चक्की चलाते थे। प्राइमरी शिक्षा सरकारी स्कूल से की। रिंकू सिंह ने 12वीं अच्छे नंबर से पास की थी, जिसके चलते उन्हें स्कॉलरशिप मिली थी। टाटा इंस्टीट्यूट से बीटेक किया। रिंकू सिंह राही दलित वर्ग से ताल्लुक रखते हैं। 2004 में रिंकू सिंह राही ने यूपीपीसीएस की परीक्षा पास की। इसके बाद 2008 में उन्हें मुजफ्फरनगर जिले में जिला समाज कल्याण अधिकारी बनाया गया। 2009 में उन्होंने 100 करोड़ रुपये के स्कॉलरशिप घोटाले का भंडाफोड़ किया। उन पर हमला हुआ और चेहरे पर सात गोलियां लगीं। हमले में उनकी जान बच गई लेकिन एक आंख गंवानी पड़ी। स्वस्थ होने के बाद उन्हें फिर से जिला समाज कल्याण अधिकारी पद पर तैनाती मिली। हापुड़ में समाज कल्याण अधिकारी रहते हुए उन्हें प्रदेश सरकार द्वारा संचालित कोचिंग संस्थान के डायरेक्टर के पद पर नियुक्ति दी गई।
छात्रों ने ही यूपीएससी के लिए किया प्रेरित
बताया जाता है कि कोचिंग संस्थान में डायरेक्टर होने के नाते रिंकू सिंह राही जिन विद्यार्थियों को पढ़ाते थे उन्होंने ही उन्हें यूपीपीएस की तैयारी के लिए प्रेरित किया। अपने विद्यार्थियों की बात मानकर रिंकू सिंह राही ने यूपीएससी की परीक्षा दी और सफल रहे।
उठक-बैठक से चर्चा में आए थे
शाहजहांपुर में एसडीएम रहते वकीलों के प्रदर्शन के दौरान रिंकू सिंह के उठक-बैठक करने का वीडियो वायरल हुआ था। इसके बाद उन्हें वहां से हटाकर राजस्व परिषद से संबद्ध कर दिया था। राही ने बताया कि हालांकि उन्हें वेतन (Salary) मिलता रहा, लेकिन काम करने और जनसेवा के अवसर से वंचित रखा गया। इसके बाद मार्च में उन्होंने नैतिक निर्णय बताते हुए इस्तीफा दिया। हालांकि अप्रैल 2026 में उन्होंने अपना तकनीकी इस्तीफा वापस ले लिया था। हाल ही में उन्हें जालौन में बतौर संयुक्त मजिस्ट्रेट (एसडीएम) तैनात किया गया था।
लेखक के बारे में
Pankaj Vijayपंकज विजय| वरिष्ठ पत्रकार
शॉर्ट बायो पंकज विजय एक वरिष्ठ डिजिटल पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 15 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में livehindustan.com में असिस्टेंट एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। वे करियर, स्कूल व हायर एजुकेशन, जॉब्स से जुड़े विषयों पर खबर लेखन और विश्लेषण में विशेषज्ञता रखते हैं। 9 वर्षों से यहां इसी भूमिका में हैं। सरकारी भर्तियों, बोर्ड व एंट्रेंस एग्जाम, प्रतियोगी परीक्षाओं, उनके परिणाम, बदलते दौर में करियर की नई राहों, कोर्स, एडमिशन एवं नए जमाने के रोजगार के लिए जरूरी स्किल्स से जुड़ी अपडेट तेजी से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं।
15 से अधिक सालों का अनुभव
पंकज विजय ने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की। अमर उजाला समाचार पत्र में रिसर्च, संपादकीय और करियर एजुकेशन जॉब्स डेस्क पर काम किया। यहां उन्हें फीचर लेखन व रिपोर्टिंग का भी मौका मिला। इसके बाद उन्होंने आज तक डिजिटल में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। आज तक वेबसाइट पर राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और एजुकेशन व रोजगार जगत से जुड़ी खबरें लिखीं। इसके बाद एनडीटीवी ऑनलाइन में एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर इस विषय में अपनी समझ को और व्यापक बनाया। एनडीटीवी की पारी के बाद वे लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े और बीते 9 वर्षों से करियर एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी), दिल्ली से हिन्दी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा, गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में एमए व दिल्ली यूनिवर्सिटी से इतिहास में बीए ऑनर्स किया है। एनसीसी सी सर्टिफिकेट होल्डर हैं जिसके चलते उन्हें रक्षा क्षेत्र जैसे पुलिस व सेनाओं की भर्तियों की बेहतर समझ है।
विजन
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विशेषज्ञता
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स्कूलिंग के बाद करियर की राहें
यूपीएससी, जेईई मेन व नीट जैसी बड़ी परीक्षाओं के टॉपरों के इंटरव्यू
छात्रों के ज्ञान के लिए रिसर्च बेस्ड और एक्सप्लेनर स्टोरी


