‘इतने काबिल लोग हैं, मेरा नंबर कैसे लगेगा?’ IAS अफसर परी बिश्नोई ने दिया दिल जीत लेने वाला जवाब, VIDEO वायरल

लाइव हिन्दुस्तान
Follow us on Google News
share

IAS परी बिश्नोई का वायरल वीडियो एस्पिरेंट्स को सिखा रहा है कि UPSC सिर्फ एग्जाम नहीं बल्कि मानसिक मजबूती और आत्मविश्वास की असली परीक्षा है।

ias pari bishnoi success story upsc journey weight loss
ias pari bishnoi success story upsc journey weight loss

सोशल मीडिया पर एक वीडियो ने लाखों यूपीएससी एस्पिरेंट्स के दिल में उम्मीद की एक नई लौ जगा दी है। यह वीडियो किसी फिल्मी सीन या मोटिवेशनल स्पीच का नहीं, बल्कि सड़क पर हुई एक छोटी-सी, बेहद सहज बातचीत का है, जिसने इंटरनेट पर तूफान मचा दिया। जिम्मेदार हैं IAS अफसर परी बिश्नोई, जो फिलहाल सिक्किम में एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट की कुर्सी संभाल रही हैं। हुआ यूं कि मशहूर स्ट्रीट फोटोग्राफर अंकित कुमार सड़क पर घूमते हुए लोगों से उनका प्रोफेशन पूछ रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर दो वर्किंग विमेन पर पड़ी, जो इत्मीनान से टहल रही थीं। जैसे ही अंकित ने माइक आगे बढ़ाया इनमें से एक ने खुद को आईएएस परी बिश्नोई बताया। यह सुनते ही अंकित का उत्साह बढ़ गया और उन्होंने तुरंत सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए कुछ टिप्स मांग डाले। परी ने जो जवाब दिया वह इतना सीधा और दिल को छू लेने वाला था कि देखते ही देखते यह क्लिप वायरल हो गई।

दरअसल, सिविल सर्विस की तैयारी करने वाले लाखों उम्मीदवार अक्सर किताबों के बोझ से कहीं ज्यादा कॉम्पिटिशन के खौफ से टूट जाते हैं। दिल्ली के मुखर्जी नगर से लेकर प्रयागराज की गलियों तक, हर एस्पिरेंट के जेहन में एक ही सवाल घूमता रहता है, "इतने काबिल लोग तैयारी कर रहे हैं, आखिर मेरा नंबर कैसे लगेगा?" यूपीएससी में ऑल इंडिया रैंक 30 हासिल कर चुकीं परी बिश्नोई ने इसी डर को नए सिरे से समझाने की कोशिश की है।

"जब मैंने शुरुआत की थी, तब मुझे भी डर लगता था"

परी बिश्नोई खुलकर बताती हैं कि जब उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू की, तो उनके मन में भी घबराहट थी। देश की टॉप यूनिवर्सिटीज से आए तेज-तर्रार अभ्यर्थियों को देखकर किसी का भी हौसला डगमगा सकता है, यह बात वह बखूबी समझती हैं। उनका कहना है कि वह किसी बड़े नाम वाले स्कूल-कॉलेज से नहीं, बल्कि एकदम आम पृष्ठभूमि से आती हैं। तैयारी शुरू करते वक्त उनके मन में भी सबसे पहला खयाल यही आया था कि इतनी भीड़ में उनकी जगह कहां बनेगी। लेकिन इस शुरुआती हिचकिचाहट के बावजूद उन्होंने न तो आत्मविश्वास खोया और न ही सही रणनीति के साथ पढ़ाई करना छोड़ा।

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए परी बिश्नोई ने एक दिलचस्प भ्रम भी तोड़ा। उनके मुताबिक, परीक्षा का दबाव स्टूडेंट्स के दिमाग पर इतना हावी हो जाता है कि वे कॉम्पिटिशन के दायरे को असल से कहीं ज्यादा बड़ा मान बैठते हैं। जितनी भीड़ नजर आती है, हकीकत में उतने सारे लोग गंभीरता से तैयारी नहीं कर रहे होते। असली टक्कर मुट्ठीभर लोगों के बीच ही होती है। उनकी सलाह साफ थी- भीड़ और परीक्षा के माहौल के दबाव में आकर कभी यह मत तय कीजिए कि एग्जाम कितना मुश्किल है। अगर तैयारी पुख्ता है और दिशा सही है, तो भीड़ से घबराने की कोई वजह नहीं बचती।

यूजर्स बोले- अब क्रैक करके ही रहेंगे

जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट हुआ, कुछ ही घंटों में यह तेजी से वायरल हो गया। कमेंट सेक्शन में एस्पिरेंट्स की भावुक प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कई यूजर्स ने लिखा कि लाखों रुपये की कोचिंग फीस देकर भी जो मार्गदर्शन नहीं मिल पाता, वह इस आईएएस अफसर ने महज दो मिनट की सहज गुफ्तगू में दे दिया। एक यूजर ने भावुक होकर लिखा कि इस वीडियो को देखकर उसका आधा तनाव कम हो गया और अब फिर से किताबों के साथ बैठने की हिम्मत जुटा पाया है। वहीं दूसरे यूजर की टिप्पणी थी कि जब AIR 30 लाने वाली अफसर खुद कह रही हैं कि कॉम्पिटिशन दिमाग की उपज है, तो अब डरना बंद और पढ़ाई शुरू करने का वक्त आ गया है।

UPSC सिर्फ एक एग्जाम नहीं, दिमाग का खेल है: परी

बातचीत के दौरान आईएएस अफसर ने एक और अहम बात रेखांकित की कि सिविल सर्विसेज की पूरी यात्रा महज किताबी ज्ञान की परीक्षा नहीं है, बल्कि यह असल में एक मेंटल गेम है। यह परीक्षा धैर्य, मानसिक मजबूती और खुद पर अटूट भरोसे को कसौटी पर कसती है। जो उम्मीदवार मानसिक तौर पर मजबूत रहते हैं और नकारात्मक विचारों को खुद पर हावी नहीं होने देते, वे आधी लड़ाई वहीं जीत लेते हैं। परी बिश्नोई की यह सीधी-सादी मगर बेहद व्यावहारिक सलाह एस्पिरेंट्स को यह अहसास कराती है कि दूसरों से तुलना करने के बजाय अपनी तैयारी पर ध्यान केंद्रित करना ही सफलता की असली चाबी है।

Himanshu Tiwari

लेखक के बारे में

Himanshu Tiwari

शॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।

परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।

लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।

शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।

रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।

विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
- नीट, जेईई और राज्यवार बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों, बदलावों और परिणामों पर गहन फोकस
- UPSC, UPPSC, MPPSC, BPSC, RPSC और JPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी, पैटर्न और नीतिगत पहलुओं पर पैनी नजर
- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव

और पढ़ें
Hindi News के साथ करियर सेक्शन में पढ़ें लेटेस्ट एजुकेशन न्यूज़, सरकारी जॉब , एग्जाम , एडमिशन से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण खबरें। हर अपडेट सबसे पहले पाने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।
Hindi Newsकरियर न्यूज़IAS अफसर परी बिश्नोई ने दिया दिल जीत लेने वाला जवाब, VIDEO वायरल