IAS Success Story: 10वीं और 12वीं में 60 प्रतिशत अंक, UPSC में 3 बार फेल, फिर सीधा AIR 3 लाकर बने IAS अफसर
UPSC IAS Success Story : यूपीएससी थर्ड टॉपर जुनैद के 10वीं 12वीं बोर्ड परीक्षा में उनके 60-60 फीसदी अंक आए। इंजीनियरिंग की बड़ी प्रवेश परीक्षाओं और विदेशी यूनिवर्सिटी की प्रवेश परीक्षाओं में वे भी कुछ खास नहीं कर पाए।

UPSC IAS Success Story : आमतौर पर यह धारणा रहती है कि स्कूल या कॉलेज लाइफ में कम अंक पाने वाले या फेल होने वाले लोग जिंदगी में कुछ बड़ा नहीं कर सकते। बोर्ड परीक्षाओं में भी कम अंक आने पर लाखों छात्र मायूस हो जाते हैं। उन्हें लगता है बस करियर खत्म। निराशा हताशा में डूबे ऐसे विद्यार्थियों के लिए आईएएस अफसर जुनैद अहमद की सफलता की कहानी काफी प्रेरणा देने वाली है। जुनैद की कहानी यह बताती है कि करियर में सफल होने के लिए स्कूल या कॉलेज के दौरान टॉपर होना जरूरी नहीं। औसत छात्र भी आगे चलकर अच्छा कर सकते हैं। आईएएस जुनैद अहमद उन स्टूडेंट्स में शामिल हैं, जिन्होंने स्कूल-कॉलेज में औसत प्रदर्शन करते हुए भी देश की सबसे प्रतिष्ठित सरकारी नौकरी हासिल कर ली। यहां पढ़ते हैं उनकी सफलता की कहानी-
10वीं 12वीं में सिर्फ 60 फीसदी अंक, प्राइवेट यूनिवर्सिटी में लेना पड़ा दाखिला
उत्तर प्रदेश के बिजनोर जिले के नगीना के रहने वाले जुनैद अहमद बचपन में काफी शरारती थे और उनका पढ़ाई में बहुत मन नहीं लगता था। ऐसे में स्कूल में वे एक औसत छात्र थे। बस पास हो जाया करते थे। उनकी प्राइमरी एजुकेशन सेंट मेरियर स्कूल से हुई। इसके बाद उन्होंने 10वीं 12वीं तक की पढ़ाई अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से की। 10वीं 12वीं बोर्ड परीक्षा में उनके 60-60 फीसदी अंक आए। इंजीनियरिंग की बड़ी प्रवेश परीक्षाओं और विदेशी यूनिवर्सिटी की प्रवेश परीक्षाओं में वे भी कुछ खास नहीं कर पाए। थक हारकर उन्होंने नोएडा में स्थित प्राइवेट यूनिवर्सिटी शारदा यूनिवर्सिटी से बीटेक किया। उसमें भी उन्हें लगभग 65 फीसदी मार्क्स ही मिले।
यूपीएससी सिविल सेवा में तीन बार फेल
कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने यूपीएससी सिविल सर्विस परीक्षा की तैयारी शुरू की। वे अपनी तैयारी के दौरान जामिया रेजिडेंशियल कोचिंग एकेडमी में रहे, जिसने उन्हें पढ़ाई के लिए एक बहुत ही बेहतरीन और सहायक माहौल दिया। बता दें कि जामिया की कोचिंग अकादमी मुफ्त में सिविल सर्विसेज के छात्रों को तैयारी करवाती है। इसमें रहना, खाना समेत कोचिंग मुफ्त होती है। पहले तीन अटेम्प्ट में वे फेल हो गए।
चौथे प्रयास में 352वीं रैंक
लेकिन चौथे प्रयास में उन्हें 352वीं रैंक के साथ कामयाबी मिली। उन्हें इंडियन रिवेन्यू सर्विस (IRS) मिला। लेकिन वह आईएएस अफसर ही बनना चाहते थे। वे मानते है आईएएस के रूप में वे लोगों से सीधे जुड़कर उनकी समस्याओं को सुलझा सकते हैं, जिससे उन्हें काम में अधिक सार्थकता और खुशी मिलती है। इसलिए उन्होंने एक बार फिर यूपीएससी परीक्षा देने का फैसला किया। अब तक उनके बेसिक्स बिल्कुल क्लियर हो चुके थे। इसलिए उन्होंने पढ़ाई का टाइम कम कर दिया अब वह IRS ट्रेनिंग के साथ 4 घंटे पढ़ाई करने लगे थे। उन्होंने इंटरनेट और फेसबुक जैसी सोशल मीडिया साइट्स का उपयोग नई जानकारियों और विभिन्न दृष्टिकोणों को समझने के लिए किया।
2018 में बने थर्ड टॉपर
इसके बाद यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2018 में वे थर्ड टॉपर बने। तीसरी रैंक लाकर उन्होंने सबको चौंका दिया। यह उनका 5वां प्रयास था।
जुनैद के पिता जावेद हुसैन वकील और माता आयशा रजा गृहिणी हैं।
शारीरिक स्वास्थ्य और फिटनेस
यूपीएससी की तैयारी के दौरान वे शाम के समय जिम जाते थे, रनिंग करते थे या क्रिकेट खेलते थे, जिससे वे मानसिक और शारीरिक रूप से तरोताजा महसूस करते थे।
उन्होंने यूपीएससी के लिए भूगोल को अपने वैकल्पिक विषय के रूप में चुना। उन्होंने इतिहास, राजनीति विज्ञान और भूगोल तीनों को थोड़ा-थोड़ा पढ़कर देखा था लेकिन एक इंजीनियर होने के नाते उन्हें भूगोल में सबसे अधिक रुचि महसूस हुई।
क्यों हो रहे थे यूपीएससी में फेल
एक इंटरव्यू में जुनैद ने बताया कि 2014 में यूपीएससी की तैयारी पूरी हो गई थी। पर इस वक्त उनके पास कोई वजह नहीं थी। वे नहीं जानते थे कि वे परीक्षा क्यों देना चाहते हैं। यही कारण था कि वे परीक्षा को पास नहीं कर पाए। दूसरी परीक्षा देने से पहले उन्होंने 'क्यों' का जवाब ढूंढना शुरू किया। जुनैद ने बताया कि उन्होंने पहले, दूसरे, तीसरे अटेम्प्ट से काफी उम्मीदें थी, शायद इसलिए उनके निराशा हाथ लगी। इसलिए ज्यादा उम्मीदें रखना बेकार है। जुनैद बताते हैं कि असफल होने के बाद उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों को आप लोग कैसे फेस करते हैं, ये सोचना बहुत मायने रखता है। हार कर घर बैठ जाना सबसे बड़ी गलती है।
पत्नी हैं डॉक्टर
जुनैद अहमद ने 2024 में डॉ. नादिया नाजिम के साथ शादी की थी। नादिया नाजिम पेशे से पीडियाट्रिशियन (MBBS, MD) हैं।


