UPSC Success Story: JEE में रैंक 45, BTech में हुए फेल, दो बार UPSC क्रैक कर IPS से IAS बनें गौरव, हासिल की AIR 1

By Prachi
लाइव हिन्दुस्तान
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UPSC IAS Success Story: आईआईटी कानपुर में एक सेमेस्टर फेल होने के बावजूद गौरव अग्रवाल ने हार नहीं मानी। उन्होंने कैट (CAT) क्रैक किया और बाद में यूपीएससी में देश में पहली रैंक हासिल की।

IAS Gaurav Agrawal UPSC Success Story

IAS Gaurav Agrawal UPSC Success Story: देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में शुमार आईआईटी जेईई (IIT JEE), कैट (CAT) और यूपीएससी (UPSC CSE) को एक साथ पास करना किसी भी व्यक्ति के लिए एक जादुई सपने जैसा होता है। लेकिन क्या आप सोच सकते हैं कि देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी कानपुर (IIT Kanpur) में पढ़ाई के दौरान एक सेमेस्टर में फेल हो जाने वाला छात्र आगे चलकर पूरे देश में यूपीएससी का टॉपर बन सकता है? यह किसी फिल्मी कहानी जैसा लग सकता है, लेकिन यह बिल्कुल सच है। आज हम बात कर रहे हैं राजस्थान के जयपुर के रहने वाले आईएएस अधिकारी गौरव अग्रवाल की, जिन्होंने अपनी असफलताओं को सफलता की सबसे बड़ी सीढ़ी बना दिया।

IIT कानपुर में लगा था करारा झटका

गौरव अग्रवाल बचपन से ही पढ़ाई में काफी होनहार थे और उन्होंने केवल 17 साल की उम्र में देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली आईआईटी जेईई परीक्षा रैंक 45 के साथ पास कर आईआईटी कानपुर के कंप्यूटर साइंस विभाग में दाखिला लिया था। यहां तक तो सब ठीक था, लेकिन कॉलेज पहुंचने के बाद पढ़ाई पर ध्यान न देने के कारण उन्हें एक बड़ा झटका लगा और वे अपने बी.टेक (B.Tech) के एक सेमेस्टर में फेल हो गए। इस विफलता के बाद उन्हें अपने साथियों और शिक्षकों के सामने काफी शर्मिंदगी उठानी पड़ी। लेकिन इसी असफलता ने उनके सोचने का तरीका हमेशा के लिए बदल दिया और उन्होंने ठान लिया कि वे अब कभी खुद को कमजोर नहीं पड़ने देंगे।

कैट (CAT) परीक्षा क्रैक कर पहुंचे आईआईएम लखनऊ

आईआईटी में मिले इस झटके से उबरने के बाद गौरव ने अपनी पढ़ाई की स्ट्रैटिजी बदली और पूरी लगन से जुट गए। बी.टेक पूरा करने के बाद उन्होंने कॉमन एडमिशन टेस्ट (CAT) की परीक्षा दी और उसे बेहद शानदार अंकों के साथ पास किया। इसके बाद उन्हें देश के टॉप मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट आईआईएम लखनऊ (IIM Lucknow) में दाखिला मिला। आईआईएम लखनऊ में गौरव ने अपनी पुरानी गलतियों को नहीं दोहराया और वहां वे एमबीए में गोल्ड मेडलिस्ट बनकर निकले। इसके बाद उन्होंने इंवेस्टमेंट बैंकर के रूप में हांगकांग में एक बहुत ही अच्छी सैलरी वाली नौकरी भी की।

IPS से IAS टॉपर बनने का गौरवमयी सफर

हांगकांग में बड़े सैलरी पैकेज की नौकरी होने के बाद भी गौरव के मन में अपने देश लौटकर समाज के लिए कुछ करने की इच्छा आई। उन्होंने नौकरी छोड़ दी और साल 2012 में पहली बार यूपीएससी की परीक्षा दी। अपने पहले ही प्रयास में उन्होंने सफलता हासिल की और 244वीं रैंक पाकर वे एक आईपीएस (IPS) अधिकारी बन गए। लेकिन उनका अंतिम लक्ष्य तो आईएएस (IAS) बनना था।

उन्होंने पुलिस की कड़ी ट्रेनिंग के साथ अपनी पढ़ाई जारी रखी और साल 2013 में दोबारा परीक्षा में बैठे। इस बार इतिहास रचना अभी बाकी था। जब 2013 का यूपीएससी का अंतिम परिणाम घोषित हुआ, तो गौरव अग्रवाल ने पूरे देश में पहली रैंक (AIR 1) हासिल कर टॉप किया था।

गौरव अग्रवाल की यह कहानी देश भर के उन सभी छात्रों के लिए एक बहुत बड़ी सीख है जो एक भी असफलता मिलने पर निराश होकर बैठ जाते हैं। गौरव की कहानी सिखाती है कि आपका पास्ट चाहे जैसा भी हो, अगर आप अपनी गलतियों से सीखकर आज कड़ी मेहनत करने को तैयार हैं, तो आप दुनिया का कोई भी मुकाम हासिल कर सकते हैं।

“सफलता का मतलब यह नहीं है कि आप कभी असफल नहीं हुए, बल्कि इसका मतलब यह है कि आप हर बार गिरकर भी खड़े हुए हैं।”

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शॉर्ट बायो: प्राची लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। पिछले 2 वर्षों से वे करियर, शिक्षा और सरकारी नौकरियों से जुड़े विषयों पर लिख रही हैं। मुश्किल खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी विशेषता है। वे 2024 से लाइव हिन्दुस्तान की करियर टीम का हिस्सा हैं।

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