IAS Ananya Singh: 22 साल की उम्र में UPSC क्रैक, जानिए कैसे बिना कोचिंग पहले अटेम्प्ट में हासिल की 51वीं रैंक?
IAS अधिकारी अनन्या सिंह की कहानी अलग है। उन्होंने महज 22 साल की उम्र में अपने पहले ही प्रयास में UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास कर ली थी और 2019 की परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 51 हासिल की थी। खास बात यह रही कि उन्होंने बिना किसी कोचिंग के यह सफलता हासिल की।

कहते हैं कि सफलता का कोई तय फॉर्मूला नहीं होता है। इस बात का सही उदाहरण हैं, आईएएस अधिकारी अन्यया सिंह। क्योंकि कई उम्मीदवारों के लिए UPSC की सिविल सेवा परीक्षा ऐसी मैराथन की तरह होती है, जिसके लिए सालों की कोचिंग, ढेर सारा स्टडी मैटेरियल और दिन-रात की मेहनत की जरूरत पड़ती है। लेकिन IAS अधिकारी अनन्या सिंह की कहानी अलग है। उन्होंने महज 22 साल की उम्र में अपने पहले ही प्रयास में UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास कर ली थी और 2019 की परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 51 हासिल की थी। खास बात यह रही कि उन्होंने बिना किसी कोचिंग के यह सफलता हासिल की। चलिए आज सक्सेस स्टोरी में बात आईएएस अनन्या सिंह की , जिन्होंने हाल ही में बिहार के प्रमुख ग्रामीण आजीविका कार्यक्रम जीविका (JEEViKA) में अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (Additional CEO) का पदभार संभाला है।
कौन है आईएएस अनन्या सिंह
कई मीडिया रिपोर्ट्स की मानें, तो अनन्या सिंह का बचपन उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में बीता। बचपन से ही वो पढ़ने में तेज तर्रार थीं। उन्होंने सेंट मैरी कॉन्वेंट स्कूल से पढ़ाई की, जहां वह लगातार स्कूल की टॉपर्स में शामिल रहीं। उनके शानदार अंकों से भी उनकी मेहनत का अंदाजा लगाया जा सकता है। क्योंकि अनन्या ने 10वीं कक्षा में 96 प्रतिशत और 12वीं में 98.25 प्रतिशत अंक हासिल किए। CISCE बोर्ड के तहत उन्होंने अपने जिले में टॉप किया था। हालांकि, अनन्या के लिए अच्छे अंक हासिल करना ही अंतिम लक्ष्य नहीं था। उन्हें पहले से ही पता था कि उन्हें आगे चलकर IAS अधिकारी बनना है।
SRCC से UPSC तक का सफर
बता दें कि स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद अनन्या सिंह दिल्ली आ गईं और श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) से इकोनॉमिक्स ऑनर्स की पढ़ाई की। उन्होंने ग्रेजुएशन पूरा होने का इंतजार करने के बजाय कॉलेज के आखिरी साल में ही UPSC की तैयारी शुरू कर दी थी। करीब एक साल की पूरी लगन के साथ तैयारी की और बाद उन्होंने 2019 में सिविल सेवा परीक्षा दी और अपने पहले ही प्रयास में इसे पास कर लिया। उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 51 हासिल की। उस समय उनकी उम्र महज 22 साल थी।
कितने घंटे करती थीं पढ़ाई
कई UPSC अभ्यर्थियों को लगता है कि ज्यादा घंटे पढ़ने से सफलता जल्दी हासिल होती है। लेकिन अनन्या इस सोच से सहमत नहीं थीं। मीडिया को दिए कुछ इंटरव्यू के मुताबिक, तैयारी के शुरुआती दौर में वह रोजाना 7 से 8 घंटे पढ़ाई करती थीं। जब उन्हें UPSC के पूरे सिलेबस की अच्छी समझ हो गई, तो उन्होंने पढ़ाई का समय घटाकर करीब 6 घंटे प्रतिदिन कर दिया। उनके लिए घंटों किताबों के सामने बैठना महत्वपूर्ण नहीं था, बल्कि हर दिन नियमित रूप से पढ़ाई करना और तैयारी में निरंतरता बनाए रखना ज्यादा जरूरी था।
आंसर राइटिंग की अहम भूमिका
अनन्या सिंह की UPSC तैयारी में आंसर राइटिंग की अहम भूमिका रही। वह सिर्फ किताबें पढ़ने और नोट्स बनाने तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि नियमित रूप से पूरे उत्तर और निबंध लिखने का अभ्यास करती थीं। उन्होंने यूपीएससी की प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा दोनों की तैयारी एक साथ की। परीक्षा की तैयारी के लिए, उन्होंने पाठ्यक्रम के अनुसार किताबें इकट्ठा कीं और नोट्स बनाए, जिससे उनकी तैयारी और रिवीजन में काफी मदद मिली।
पिता हैं जिला जज
अनन्या सिंह का परिवार भी शिक्षा को काफी महत्व देता था। उनके पिता जिला जज रहे हैं, जबकि उनकी मां अंजलि सिंह सीनियर लेक्चरर हैं। ऐसे शैक्षणिक माहौल में पली-बढ़ीं अनन्या के मन में शुरू से ही पढ़ाई और सिविल सेवा के प्रति रुचि रही।
सोशल मीडिया पर काफी हैं एक्टिव
अनन्या सिंह की सफलता किसी रातों-रात मिले चमत्कार या किस्मत का नतीजा नहीं है। इसके पीछे अनुशासन, सही प्लानिंग और लगातार मेहनत है। अपनी मेहनत और काम के जरिए वह आज भी हजारों सिविल सेवा अभ्यर्थियों को प्रेरित कर रही हैं। इतना ही नहीं, वह इंस्टाग्राम पर भी काफी एक्टिव हैं, जहां अक्सर अपने प्रोफेशनल लाइफ से जुड़ी झलकियां शेयर करती हैं। बता दें कि अप्रैल 2024 में अनन्या सिंह ने साथी IAS अधिकारी कुमार अनुराग से शादी की। कुमार अनुराग ने भी UPSC सिविल सेवा परीक्षा में शानदार प्रदर्शन किया था और 2018 में ऑल इंडिया रैंक 48 हासिल की थी।


