DU से ग्रेजुएशन, 5 बार UPSC प्रीलिम्स में फेल पर नहीं मानी हार; 6वीं में बनीं IAS
हरियाणा के अंबाला की रहने वाली आकृति सेठी ने अपनी शुरुआती पढ़ाई पूरी करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) से ग्रेजुएशन किया। पढ़ाई पूरी होने के बाद उन्हें एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी मिल गई।

बहुत सारे उम्मीदवार हैं जिन्हें यूपीएससी सिविल सर्विस की परीक्षा में पहली ही बार में सफलता मिल जाती है। लेकिन हर किसी के साथ ऐसा ही हो यह संभव नहीं है। कई उम्मीदवार ऐसे भी हैं, जिन्हें यूपीएससी क्रैक करने में की कई साल लग जाते हैं। 3 अटेंम्प्ट में पास होता है, तो कोई 5। लेकिन कई बार लगातार असफलताएं इंसान का आत्मविश्वास तोड़ देती हैं। लेकिन कुछ लोग हार मानने के बजाय खुद पर भरोसा बनाए रखते हैं और मंजिल तक पहुंचते हैं। एक ऐसी ही कहानी है आकृति सेठी की, जिन्होंने 5वें नहीं बल्कि 6वें प्रयास में यूपीएससी क्रैक कर आईएएस बनी हैं। हालांकि इसमें भी सबसे बड़ा ट्विस्ट यह है कि उन्होंने 5वें अटेंम्प्ट तक प्रीलिम्स भी नहीं क्रैक कर पाया था। लेकिन मेहनत के आगे हर कोई घुटने टेक देता है।
DU से ग्रेजुएशन के बाद छोड़ी नौकरी, फिर शुरू की UPSC की तैयारी
हरियाणा के अंबाला की रहने वाली आकृति सेठी ने अपनी शुरुआती पढ़ाई पूरी करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) से ग्रेजुएशन किया। पढ़ाई पूरी होने के बाद उन्हें एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी मिल गई। उस समय उनका सिविल सर्विस में जाने का कोई प्लान नहीं था। बाद में परिवार के एक रिश्तेदार ने उन्हें UPSC परीक्षा की तैयारी करने की सलाह दी। इसके बाद उन्होंने नौकरी छोड़ दी और पूरी तरह सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी में जुट गईं।
लगातार 5 बार प्रीलिम्स में फेल
आकृति ने साल 2017 में पहली बार UPSC परीक्षा दी, लेकिन वह प्रीलिम्स भी पास नहीं कर सकीं। इसके बाद उन्होंने दोबारा कोशिश की, लेकिन दूसरी बार भी सफलता नहीं मिली। अगले तीन प्रयासों में भी वह प्रीलिम्स परीक्षा नहीं निकाल पाईं। लगातार पांच बार असफल होने के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। साल 2021 तक कई बार निराशा हाथ लगी, लेकिन उन्होंने अपने IAS बनने के सपने को नहीं छोड़ा और तैयारी जारी रखी।
पिता का भरोसा बना सबसे बड़ी ताकत
आकृति के पिता ने हर मुश्किल समय में उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने कभी आकृति पर किसी तरह का दबाव नहीं बनाया। बल्कि हर असफलता को सीख मानकर दोबारा मेहनत करने की सलाह दी। पिता के भरोसे और अपने आत्मविश्वास ने आकृति को फिर से मजबूत बनाया।
छठे प्रयास में बदली किस्मत, बन गईं IAS अफसर
हालांकि लगातार असफल होने पर उन्होंने सीख ली थी और इस बार पूरे अनुशासन के साथ पढ़ाई पर ध्यान दिया। उनकी मेहनत आखिरकार रंग लाई। साल 2022 में दिए गए अपने छठे प्रयास में उन्होंने UPSC परीक्षा में 249वीं रैंक हासिल की और IAS अधिकारी बनने का अपना सपना पूरा कर लिया।
लेखक के बारे में
Dheeraj Palसंक्षिप्त विवरण:
धीरज पाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में 7 साल का अनुभव है। लाइव हिन्दुस्तान में काम करते हुए इन्हें 4 साल हो गए हैं। धीरज एजुकेशन रिपोर्टर के तौर पर काम कर चुके हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने राजनीति समाचार, एजुकेशन बीट के लिए ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। हिंदुस्तान लाइव में यूपी बोर्ड से लेकर उन्होंने लोकसभा चुनाव कवर करने साथ-साथ खेल जैसे बीट पर काम किया। अब इनका एकमात्र उद्देश्य करियर और एजुकेशन से जुड़ी रुचिगत, सरल, प्रमाणिक और पाठक-हितैषी रूप में प्रस्तुत करना है।
व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।
व्यक्तिगत रुचियां
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