
IAF Agniveervayu Recruitment 2027: आ गया देश सेवा का मौका, शुरू हुए अग्निवीर वायु के लिए आवेदन
देश की सेवा का जज्बा रखने वाले युवाओं के लिए भारतीय वायुसेना ने बड़ा मौका दिया है। Agniveervayu भर्ती 2027 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू होने जा रही है।
देश की रक्षा में योगदान देने का सपना देख रहे युवाओं के लिए भारतीय वायुसेना (IAF) ने एक बार फिर सुनहरा अवसर दिया है। वायुसेना ने अग्निपथ योजना के तहत Agniveervayu Intake 01/2027 के लिए अविवाहित भारतीय पुरुष और महिला उम्मीदवारों से ऑनलाइन आवेदन मांगे हैं। यह भर्ती चार साल की अल्पकालिक सेवा के लिए की जा रही है, जिसके तहत चयनित अभ्यर्थियों को वायुसेना में काम करने का प्रत्यक्ष अनुभव मिलेगा। आधिकारिक विज्ञापन के अनुसार, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 12 जनवरी 2026 को सुबह 11 बजे से शुरू होकर 1 फरवरी 2026 की रात 11 बजे तक चलेगा। इच्छुक उम्मीदवार केवल आधिकारिक वेबसाइट iafrecruitment.edcil.co.in के माध्यम से ही आवेदन कर सकेंगे। वायुसेना ने स्पष्ट किया है कि आवेदन की अंतिम तिथि के बाद किसी भी तरह का विस्तार नहीं किया जाएगा।
आयु सीमा और वैवाहिक स्थिति
इस भर्ती के लिए वही उम्मीदवार पात्र होंगे, जिनका जन्म 1 जनवरी 2006 से 1 जुलाई 2009 के बीच हुआ हो। आवेदन के समय अधिकतम आयु सीमा 21 वर्ष तय की गई है। भर्ती प्रक्रिया में केवल अविवाहित उम्मीदवारों को ही शामिल किया जाएगा। साथ ही, चयनित अभ्यर्थियों को चार साल की सेवा अवधि के दौरान अविवाहित रहना अनिवार्य होगा। महिला उम्मीदवारों को यह भी लिखित आश्वासन देना होगा कि वे इस अवधि में गर्भवती नहीं होंगी।
शैक्षणिक योग्यता
शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो विज्ञान वर्ग से आवेदन करने वाले उम्मीदवारों का 12वीं कक्षा में भौतिकी, गणित और अंग्रेजी विषयों के साथ कम से कम 50 प्रतिशत कुल अंक और अंग्रेजी में भी 50 प्रतिशत अंक होना जरूरी है। इसके अलावा, इंजीनियरिंग डिप्लोमा धारक और संबंधित वोकेशनल योग्यता रखने वाले अभ्यर्थी भी आवेदन के पात्र हैं। वहीं, गैर विज्ञान वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 12वीं या समकक्ष परीक्षा में न्यूनतम अंकों की वही शर्त लागू होगी।
चयन प्रक्रिया तीन चरणों में
IAF Agniveervayu भर्ती 2027 की चयन प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी की जाएगी। पहले चरण में ऑनलाइन ऑब्जेक्टिव टेस्ट लिया जाएगा, जो 30 और 31 मार्च 2026 को प्रस्तावित है। इसके बाद चयनित उम्मीदवारों को शारीरिक दक्षता परीक्षण, अनुकूलन परीक्षण और अंत में चिकित्सा परीक्षण से गुजरना होगा। ऑनलाइन परीक्षा में प्राप्त नॉर्मलाइज्ड अंकों के आधार पर राज्यवार शॉर्टलिस्टिंग की जाएगी।
वेतन और सेवा निधि
चयनित Agniveervayu उम्मीदवारों को शुरुआत में 30,000 रुपये प्रतिमाह वेतन मिलेगा, जिसमें हर साल बढ़ोतरी की जाएगी। चार साल की सेवा पूरी करने के बाद उम्मीदवारों को लगभग 10.04 लाख रुपये का सेवा निधि पैकेज दिया जाएगा। इसके साथ ही, वायुसेना ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रत्येक बैच के अधिकतम 25 प्रतिशत Agniveervayu को उनके प्रदर्शन और संगठनात्मक आवश्यकता के आधार पर नियमित कैडर में शामिल किए जाने का अवसर मिल सकता है।
दलालों से सावधान रहने की सलाह
भारतीय वायुसेना ने उम्मीदवारों को दलालों और फर्जी वादों से सावधान रहने की सख्त चेतावनी दी है। वायुसेना के अनुसार, पूरी भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी और पूरी तरह मेरिट आधारित है। किसी भी तरह के एजेंट या बिचौलिये की जरूरत नहीं है। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे समय रहते आवेदन करें और केवल आधिकारिक वेबसाइट से ही जानकारी प्राप्त करें। यह भर्ती न सिर्फ नौकरी, बल्कि अनुशासन, सम्मान और देशसेवा का एक मजबूत रास्ता खोलती है।

लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
- नीट, जेईई और राज्यवार बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों, बदलावों और परिणामों पर गहन फोकस
- UPSC, UPPSC, MPPSC, BPSC, RPSC और JPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी, पैटर्न और नीतिगत पहलुओं पर पैनी नजर
- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव




