न ऑफिस, न घर... ये तो वर्क फ्रॉम बाइक है; सड़क पर दिखा ऐसा नजारा कि लोग रह गए दंग
हैदराबाद में एक युवक का चलती बाइक पर लैपटॉप रखकर काम करने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो देखकर लोग हैरानी भी जता रहे हैं।

सोशल मीडिया पर इन दिनों हैदराबाद का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक युवक बाइक चला रहा है लेकिन लोगों का ध्यान उसकी ड्राइविंग से ज्यादा उस चीज पर गया जो उसकी बाइक के फ्यूल टैंक पर रखी हुई थी। युवक ने फ्यूल टैंक पर लैपटॉप रखा हुआ था और ऐसा लग रहा था मानो वह सफर के दौरान भी काम में व्यस्त हो। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि युवक सड़क पर बाइक चला रहा है और उसके सामने खुले हुए लैपटॉप की स्क्रीन दिखाई दे रही है। आसपास चल रहे अन्य वाहन चालक भी इस नजारे को देखकर हैरान नजर आए। किसी राहगीर ने इस पल को अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया जिसके बाद वीडियो इंटरनेट पर फैल गया।
लोगों ने दिया ‘वर्क फ्रॉम बाइक’ का नाम
वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया यूजर्स ने मजेदार प्रतिक्रियाएं देना शुरू कर दिया। कई लोगों ने इसे ‘वर्क फ्रॉम बाइक’ का नया ट्रेंड बता दिया। कुछ यूजर्स ने मजाक में लिखा कि अब वर्क फ्रॉम होम भी पुराना हो गया है। वहीं कई लोगों ने कहा कि शायद काम का दबाव इतना ज्यादा है कि युवक ने सड़क पर भी लैपटॉप बंद नहीं किया।
यहां देखें वीडियो
जहां एक तरफ वीडियो लोगों को मनोरंजक लगा वहीं दूसरी तरफ ऐसा करना खतरनाक भी हो सकता है। क्योंकि सड़क पर वाहन चलाते समय पूरा ध्यान ट्रैफिक और आसपास की गतिविधियों पर होना चाहिए। किसी भी तरह की लापरवाही चालक के साथ-साथ अन्य लोगों के लिए भी खतरा बन सकती है।
सोशल मीडिया पर तेजी से हो रहा शेयर
वीडियो सामने आने के बाद हजारों लोग इसे देख चुके हैं और लगातार शेयर कर रहे हैं। कमेंट सेक्शन में लोगों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है। कुछ लोग इसे आधुनिक कामकाजी जीवन की तस्वीर बता रहे हैं, जबकि कई यूजर्स का मानना है कि ऐसी हरकतों को बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए।
सोशल मीडिया पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने जमकर प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ यूजर्स ने इस पूरे मामले को मजाकिया अंदाज में लिया। एक यूजर ने लिखा, "काम करने वाले कहीं भी काम कर लेते हैं।" वहीं एक अन्य यूजर ने मशहूर फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी का जिक्र करते हुए मजाक में कहा, "रोहित शेट्टी, इसे नोट कर लो।" किसी ने इसे "प्रोडक्शन इश्यू ऑन द वे" का असली उदाहरण बताया तो किसी ने कहा कि यह वीडियो साबित करता है कि वर्क फ्रॉम होम जैसा विकल्प कितना जरूरी है।
हालांकि कई लोगों ने इसे गंभीर चिंता का विषय भी बताया। कुछ यूजर्स का कहना था कि आईटी सेक्टर में बढ़ते काम के दबाव की यह एक झलक हो सकती है। एक टिप्पणी में लिखा गया कि बाजार में प्रतिस्पर्धा इतनी बढ़ गई है कि लोग चलते वाहन पर भी काम करने को मजबूर हो रहे हैं। वहीं कई लोगों ने सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और कहा कि ऐसी लापरवाही न केवल बाइक सवार बल्कि सड़क पर मौजूद दूसरे लोगों की जान भी खतरे में डाल सकती है। कुछ लोगों ने यह भी उम्मीद जताई कि कहीं यह वीडियो बड़े उद्योगपतियों तक न पहुंच जाए, वरना "वर्क फ्रॉम बाइक" जैसा विचार भी नया ट्रेंड बन सकता है।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
- नीट, जेईई और राज्यवार बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों, बदलावों और परिणामों पर गहन फोकस
- UPSC, UPPSC, MPPSC, BPSC, RPSC और JPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी, पैटर्न और नीतिगत पहलुओं पर पैनी नजर
- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव


