हरियाणा TET 2026 कल से, सेंटर पर जाने से पहले जान लें ये सख्त नियम; वरना नहीं मिलेगी एंट्री
हरियाणा टीईटी 2026 की परीक्षा कल 4 जुलाई से शुरू हो रही है। परीक्षा केंद्र पर जाने से पहले इन बातों का ध्यान रखने बेहद जरूरी है।

हरियाणा में सरकारी मास्टर बनने का ख्वाब देख रहे लाखों युवाओं के लिए आखिर वो घड़ी आ ही गई है। लंबे वक्त की तैयारी और दिन-रात की मेहनत के बाद, हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा (HTET 2026) का आगाज कल, यानी 4 जुलाई से होने जा रहा है। बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन हरियाणा (BSEH) ने इस महा-इम्तिहान को बिना किसी रुकावट और पूरी पारदर्शिता के साथ कराने के लिए अपनी कमर कस ली है। कल से शुरू होकर यह परीक्षा दो दिनों तक, यानी 4 और 5 जुलाई को राज्य भर के सैकड़ों सेंटर्स पर आयोजित की जाएगी। अगर आप भी इस परीक्षा में बैठने जा रहे हैं, तो घर से निकलने से पहले कुछ जरूरी हिदायतों पर नजर जरूर डाल लें, क्योंकि जरा सी लापरवाही आपकी महीनों की मेहनत पर पानी फेर सकती है।
कब और किस वक्त होगा पेपर?
इस बार एचटीईटी का आयोजन तीन अलग-अलग लेवल्स (PGT, TGT और PRT) के लिए कुल तीन शिफ्टों में किया जा रहा है। शुरुआत कल लेवल-3 (PGT) के इम्तिहान से होगी।
- PGT (लेवल-3): 4 जुलाई को दोपहर 3 बजे से लेकर शाम 5:30 बजे तक।
- TGT (लेवल-2): 5 जुलाई को सुबह 10 बजे से लेकर दोपहर 12:30 बजे तक।
- PRT (लेवल-1): 5 जुलाई को ही दोपहर 3 बजे से लेकर शाम 5:30 बजे तक।
लाखों उम्मीदवारों के लिए सैकड़ों परीक्षा केंद्र
आंकड़ों पर गौर करें तो इस साल एचटीईटी को लेकर युवाओं में गजब का उत्साह है। इस बार कुल 2,33,294 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमाने जा रहे हैं। आपको यह जानकर शायद थोड़ी हैरानी हो कि इस परीक्षा में महिलाओं की तादाद पुरुषों से कहीं ज्यादा है। कुल परीक्षार्थियों में से 1,66,137 महिलाएं हैं, जबकि 67,157 पुरुष उम्मीदवार शामिल हो रहे हैं। बोर्ड ने भी इस भारी भीड़ को देखते हुए पुख्ता इंतजाम किए हैं। पीजीटी परीक्षा के लिए 73,091 उम्मीदवारों को 238 केंद्रों पर बैठाया जाएगा। वहीं, टीजीटी के 1,19,141 उम्मीदवारों के लिए सबसे ज्यादा 383 सेंटर बनाए गए हैं। इसके अलावा, पीआरटी के 41,062 अभ्यर्थियों के लिए 139 परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था की गई है।
एग्जाम सेंटर पर कौन-से कागज साथ ले जाना है जरूरी?
परीक्षा केंद्र के अंदर आपको तभी एंट्री मिलेगी, जब आपके पास सारे जरूरी कागजात पूरे होंगे। बोर्ड ने यह बिल्कुल साफ कर दिया है कि हर हाल में आपके पास एचटीईटी एडमिट कार्ड का रंगीन प्रिंटआउट होना चाहिए। आपको एक पेज वाले एडमिट कार्ड की 'सेंटर कॉपी' और 'कैंडिडेट कॉपी' दोनों का ही कलर्ड प्रिंट लेकर जाना है। ब्लैक एंड व्हाइट कॉपी बिल्कुल नहीं चलेगी।
इसके साथ ही, आपको अपना वही ओरिजिनल फोटो पहचान पत्र (ID Card) साथ रखना होगा, जिसकी जानकारी आपने फॉर्म भरते वक्त दी थी। अगर किसी वजह से एडमिट कार्ड डाउनलोड करने में कोई तकनीकी अड़चन आ रही है, तो घबराने की कोई जरूरत नहीं है। आप सीधे बोर्ड के हेल्पलाइन नंबर 01664-254305 पर कॉल करके मदद मांग सकते हैं।
कितनी देर पहले पहुंचना है?
इस परीक्षा में वक्त की पाबंदी को लेकर बेहद सख्ती बरती जा रही है। बोर्ड की सख्त हिदायत है कि हर उम्मीदवार परीक्षा शुरू होने से ठीक 2 घंटे 10 मिनट पहले अपने तय सेंटर पर पहुंच जाए। इतना वक्त इसलिए मांगा गया है ताकि मेटल डिटेक्टर से चेकिंग, बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन, अंगूठे का निशान लेने और पहचान पुख्ता करने जैसी जरूरी तकनीकी कार्रवाई बिना किसी जल्दबाजी के पूरी की जा सके। सबसे अहम बात जो आपको गांठ बांध लेनी है— परीक्षा शुरू होने के 1 घंटे पहले सेंटर के गेट पूरी तरह से बंद कर दिए जाएंगे। इसके बाद किसी भी सूरत में, चाहे कोई भी बहाना हो, अंदर जाने की इजाजत नहीं मिलेगी। सेंटर या विषय बदलने की कोई भी गुजारिश अब नहीं सुनी जाएगी।
क्या पहनें, क्या न पहनें?
नकल और चीटिंग को रोकने के लिए बोर्ड ने ड्रेस कोड पर भी कड़े नियम लागू किए हैं। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वो बिल्कुल साधारण और सादे कपड़े पहनकर आएं। किसी भी तरह की फालतू एक्सेसरीज पहनकर जाने से बचें। हालांकि, महिलाओं को बड़ी राहत देते हुए उन्हें मंगलसूत्र, बिंदी और सिंदूर लगाने की छूट दी गई है। इसके अलावा, सिख और ईसाई धर्म के उम्मीदवारों को तय नियमों के मुताबिक अपने धार्मिक प्रतीक चिन्ह साथ रखने की पूरी इजाजत होगी।
लेकिन, बहुत सी चीजें ऐसी हैं जिन्हें परीक्षा हॉल में ले जाने की सख्त मनाही है। इनमें मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, कलाई घड़ी, ब्लूटूथ, ईयरफोन, पेजर, कैलकुलेटर, कैमरा या कोई भी दूसरा इलेक्ट्रॉनिक गैजेट शामिल है। इसके अलावा हेल्थ बैंड, पर्स, वॉलेट, प्लास्टिक पाउच, कोरे या छपे हुए कागज, नोट्स, पर्चियां, लॉग टेबल और किसी भी तरह की ज्वेलरी (अंगूठी, चेन, झुमके, पेंडेंट, हार या कोई धातु की चीज) पहनकर जाने पर पूरी तरह पाबंदी है।
सरकार और प्रशासन के खास इंतजाम
इस साल परीक्षा को पूरी तरह से पारदर्शी और नकल-विहीन बनाने के लिए हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उनका कहना है कि एचटीईटी को राज्य के सीईटी एग्जाम की तरह ही एकदम साफ-सुथरे तरीके से कराया जाए। भिवानी में बोर्ड मुख्यालय पर एक स्टेट-लेवल कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहां से चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जाएगी। जिला और मुख्यालय स्तर पर उड़न दस्ते हर वक्त तैनात रहेंगे और हर सेंटर पर सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछाया गया है। किसी भी मेडिकल इमरजेंसी से निपटने के लिए एंबुलेंस की गाड़ियां भी अलर्ट पर रहेंगी।
अगर किसी भी उम्मीदवार को अपने परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में कोई परेशानी हो रही है, तो वह तुरंत 112 नंबर पर कॉल कर सकता है, जिसके बाद पुलिस फौरन मदद के लिए पहुंचेगी। चूंकि कई दूसरी परीक्षाएं भी साथ में चल रही हैं और कुछ उम्मीदवारों के सेंटर उनके गृह जिले से बाहर आए हैं, इसे ध्यान में रखते हुए परिवहन विभाग ने खास रूट्स पर अतिरिक्त बसों का भी इंतजाम किया है ताकि सफर में किसी भी अभ्यर्थी को कोई दिक्कत न हो।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
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- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
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- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव


