
HTET 2026: हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा HTET के लिए आधार कार्ड अब अनिवार्य नहीं, बोर्ड ने नियमों में किया बड़ा बदलाव
HTET 2026: हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (BSEB) ने कहा है कि हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा (HTET) 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के दौरान आधार कार्ड अनिवार्य नहीं होगा। बोर्ड ने पहचान के अन्य विकल्पों को भी मंजूरी दे दी है।
HTET 2026: हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (BSEB) ने हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा (HTET) 2026 के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को एक बहुत बड़ी राहत दी है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि इस बार रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के दौरान आधार कार्ड अनिवार्य नहीं होगा। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने पहचान के अन्य विकल्पों को भी मंजूरी दे दी है।
क्या है नया नियम और क्यों हुआ बदलाव?
पिछले कई वर्षों से HTET रजिस्ट्रेशन के लिए आधार कार्ड को प्राथमिक पहचान पत्र के रूप में अनिवार्य किया गया था। हालांकि, आधार की गोपनीयता और अनिवार्य उपयोग पर सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न फैसलों को आधार बनाते हुए शिक्षा बोर्ड ने इस साल नियमों में ढील दी है। अब अभ्यर्थी आधार कार्ड के बिना भी अपना आवेदन सफलतापूर्वक पूरा कर सकते हैं।
बोर्ड के अनुसार, जो उम्मीदवार आधार कार्ड की डिटेल्स साझा नहीं करना चाहते, वे अपनी पहचान के लिए इन डॉक्यूमेंट का उपयोग कर सकते हैं:
पैन कार्ड
वोटर आईडी
पासपोर्ट
ड्राइविंग लाइसेंस
रजिस्ट्रेशन और आवेदन की प्रक्रिया
HTET 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इच्छुक अभ्यर्थी हरियाणा बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट bseh.org.in पर जाकर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। बोर्ड ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे फॉर्म भरते समय अपनी पहचान का जो भी डॉक्यूमेंट चुनेंगे, उसकी ओरिजिनल कॉपी उन्हें परीक्षा केंद्र पर भी साथ लानी होगी।
HTET परीक्षा का महत्व
हरियाणा में सरकारी स्कूलों (प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक) में शिक्षक बनने के लिए HTET पास करना अनिवार्य योग्यता है। यह परीक्षा तीन स्तरों पर आयोजित की जाती है।
लेवल 1 (PRT): कक्षा 1 से 5 तक के शिक्षकों के लिए।
लेवल 2 (TGT): कक्षा 6 से 8 तक के शिक्षकों के लिए।
लेवल 3 (PGT): कक्षा 9 से 12 तक के शिक्षकों के लिए।
अभ्यर्थियों के लिए जरूरी निर्देश
बोर्ड सचिव ने स्पष्ट किया है कि हालांकि आधार की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है, लेकिन आवेदन के दौरान बायोमेट्रिक डेटा और फोटो वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पहले की तरह ही सख्त रहेगी ताकि परीक्षा में किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी या फर्जीवाड़े को रोका जा सके।
इस फैसले का हरियाणा के उन हजारों अभ्यर्थियों ने स्वागत किया है जिनके पास आधार कार्ड में सुधार की समस्या थी या जो आधार डेटा साझा करने को लेकर चिंतित थे। अब बिना किसी तकनीकी रुकावट के वे अपनी तैयारी पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।





