बोर्ड एग्जाम के साथ CUET यूजी में टॉप कैसे करें? टॉपर देविना गहलोत ने बताया ट्रिक
इस एंट्रेस एग्जाम के जरिए देश के 300 से ज्यादा विश्वविद्यालयों में दाखिला मिलता है। इसमें 49 केंद्रीय विश्वविद्यालय, 41 स्टेट यूनिवर्सिटी, 27 डीम्ड यूनिवर्सिटी, 120 प्राइवेट यूनिवर्सिटी और 7 अन्य सरकारी संस्थान शामिल हैं।

भारतीय जनता पार्टी BJP की विधायक और दिल्ली के पूर्व मंत्री कैलाश गहलोत की बेटी देविना गहलोत इस वक्त सुर्खियों में हैं। क्योंकि उन्होंने 'कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) अंडरग्रेजुएट (यूजी) 2026' एग्जाम में टॉप किया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए द्वारा आयोजित इस एंट्रेस एग्जाम में देविना को 1232.19 मार्क्स हासिल हुए हैं। बता दें कि इस एंट्रेस एग्जाम के जरिए देश के 300 से ज्यादा विश्वविद्यालयों में दाखिला मिलता है। इसमें 49 केंद्रीय विश्वविद्यालय, 41 स्टेट यूनिवर्सिटी, 27 डीम्ड यूनिवर्सिटी, 120 प्राइवेट यूनिवर्सिटी और 7 अन्य सरकारी संस्थान शामिल हैं।
यह एंट्रेस एग्जाम तब आयोजित होता है, जब 12वीं बोर्ड्स एग्जाम आयोजित होते हैं। बोर्ड एग्जाम और सीयूईटी दोनों की तैयारियां छात्रों को एकसाथ करनी पड़ती है। ऐसे में छात्रों के जहन में हमेशा एक सवाल बना रहता है कि बोर्ड एग्जाम के साथ सीयूईटी यूजी की तैयारी कैसे करें और साथ ही इसमें टॉप करने के लिए क्या करना होगा? इस पर इस साल की सीयूईटी यूजी टॉपर देविना ने अपने अनुभव साझा किए हैं।
लगातार पढ़ाई करना जरूरी
एक समाचार एजेंसी को दिए इंटरव्यू में देविना ने कहा कि उन्हें अच्छे परिणाम की उम्मीद थी, क्योंकि उनका पेपर अच्छा गया था। हालांकि, उन्होंने टॉप रैंक मिलने की उम्मीद नहीं की थी। अपनी तैयारी की रणनीति के बारे में बताते हुए देविना ने कहा कि उन्होंने इस धारणा को नहीं माना कि प्रवेश परीक्षा में सफल होने के लिए घंटों तक लगातार पढ़ाई करना जरूरी है। उन्होंने कहा, "मैंने कभी नहीं सोचा था कि इस परीक्षा के लिए मुझे इतने लंबे समय तक पढ़ाई करनी पड़ेगी। पढ़ाई के दौरान मैं नियमित रूप से ब्रेक लेती थी।"
माता-पिता को दिया श्रेय
देविना ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और बहनों को देते हुए कहा, “इस उपलब्धि को हासिल करने में मेरे माता-पिता और बहनों का सबसे बड़ा योगदान रहा है। मेरे स्कूल ने भी मेरी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।”
प्रेशर्स से बचना चाहिए
देविना का मानना है कि परीक्षा की तैयारी के दौरान छात्रों को बेवजह के प्रेशर्स से बचना चाहिए। उन्होंने कहा, "ज्यादा प्रेशर लेने से कोई फायदा नहीं होता। जैसे ही आप बेवजह तनाव लेना शुरू करते हैं, आपका आत्मविश्वास कम होने लगता है।" उनके मुताबिक, अच्छे प्रदर्शन के लिए शांत मन और आत्मविश्वास बनाए रखना बेहद जरूरी है। देविना ने अपने दादा की सीख भी साझा की। उन्होंने कहा, "सफलता 95 प्रतिशत मेहनत और 5 प्रतिशत किस्मत का नतीजा होती है। मेरी किस्मत ने मेरा साथ दिया, लेकिन अगर ऐसा नहीं भी होता, तो भी आत्मविश्वास नहीं खोना चाहिए और आगे बढ़ते रहना चाहिए।"
अब आगे क्या? यूनिवर्सिटी लेवल पर शुरू होगी काउंसिलिंग
सीयूईटी का रिजल्ट आने के बाद एनटीए की भूमिका समाप्त हो जाती है। एनटीए कोई सेंट्रलाइज्ड काउंसिलिंग आयोजित नहीं करता। अब छात्रों को उन अलग-अलग विश्वविद्यालयों के पोर्टल पर जाकर रजिस्ट्रेशन करना होगा, जहां वे एडमिशन लेना चाहते हैं।


