कमजोर अंग्रेजी के बावजूद UPSC में कैसे हों सफल, एक्सपर्ट ने बताया हिंदी मीडियम से कैसे बनें IAS अफसर
करियर काउंसलर ने बताया कि यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में अंग्रेजी का पेपर केवल क्वालिफाइंग है। इसलिए न्यूनतम अंक हासिल कर पेपर पास करने पर ध्यान दें और तैयारी की शुरुआत बुनियादी व्याकरण से करें।

मैं हिंदी माध्यम से यूपीएससी की तैयारी कर आईएएस अफसर बनना चाहता हूं, क्योंकि मेरी अंग्रेजी बेहद कमजोर है। अंग्रेजी में पास होने के लिए 300 अंक चाहिए। अंग्रेजी में पास होने के लिए कैसे तैयारी करूं? इस प्रश्न पर सीनियर करियर काउंसलर डॉ. संजीव कुमार आचार्य ने बताया कि यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में अंग्रेजी का पेपर केवल क्वालिफाइंग है। इसलिए न्यूनतम अंक हासिल कर पेपर पास करने पर ध्यान दें और तैयारी की शुरुआत बुनियादी व्याकरण से करें। टेंस, आर्टिकल, प्रीपोजिशन, सब्जेक्ट-वर्ब एग्रीमेंट, एक्टिव और पैसिव वॉयस डायरेक्ट और इन्डायरेक्ट स्पीच तथा वाक्य-सुधार जैसे विषयों का नियमित रूप से अभ्यास करें। रोज लगभग 20-30 मिनट किसी सरल अंग्रेजी अखबार या आसान अंग्रेजी लेख को पढ़ें।
शुरुआत में हर शब्द का अर्थ समझने की कोशिश न करें। पहले पूरे वाक्य और लेख का समग्र अर्थ समझने पर ध्यान दें। धीरे-धीरे आपकी शब्दावली मजबूत होती जाएगी। एआई की मदद लें। यह व्याकरण सुधारने, शब्दावली बढ़ाने और अभ्यास कराने में मदद कर सकता है। रोज 100-150 शब्द लिखें और एआई से गलतियां सुधारने को कहें। धीरे-धीरे कॉम्प्रिहेंशन और प्रेसी राइटिंग का अभ्यास शुरू करें। पिछले वर्षों के यूपीएससी अंग्रेजी प्रश्नपत्रों को हल करें। इससे परीक्षा में पूछे जाने वाले अंग्रेजी के स्तर को समझने और अपनी कमजोरियों पहचानने में मदद मिलती है।
नियमित मॉक टेस्ट दें और अपनी गलतियों की समीक्षा करें। छह से बारह महीने के नियमित अभ्यास से जरूरी स्तर तक पहुंचना संभव है। यूपीएससी की मुख्य तैयारी हिंदी में जारी रखें और अंग्रेजी पर इतना समय न दें कि सामान्य अध्ययन और वैकल्पिक विषय की तैयारी प्रभावित हो।
मुझे आईआईटी से एमएससी या एमटेक करना है। कौन-कौन से आईआईटी एमएससी और एमटेक कराते हैं? अगर मैं आईआईटी से केवल एमएससी करूं, तो क्या एमएससी छात्रों का प्लेसमेंट अच्छा होता है? - निशा चौहान
आईआईटी की डिग्री से करियर के बेहतरीन अवसर मिलते हैं। हालांकि, सही विकल्प चुनने से पहले छात्रों को एमएससी और एमटेक के बीच का अंतर समझना चाहिए। कई आईआईटी में एमएससी के कार्यक्रम उपलब्ध हैं। इनमें आईआईटी बॉम्बे, आईआईटी दिल्ली, आईआईटी मद्रास, आईआईटी कानपुर, आईआईटी खड़गपुर, आईआईटी रुड़की, आईआईटी गुवाहाटी, आईआईटी हैदराबाद, आईआईटी बीएचयू और आईआईटी (आईएसएम) धनबाद शामिल हैं। अधिकांश एमएससी कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए संबंधित विषय में स्नातक डिग्री और आईआईटी जेएएम प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण करना आवश्यक होता है।
आईआईटी बॉम्बे, दिल्ली, मद्रास, कानपुर, खड़गपुर, रुड़की, गुवाहाटी और हैदराबाद समेत प्रमुख आईआईटी में एमटेक कार्यक्रम उपलब्ध हैं। प्रवेश के लिए संबंधित विषय में बीटेक/बीई या विज्ञान में मास्टर डिग्री और आमतौर पर वैध गेट स्कोर जरूरी होता है। एमएससी मुख्यतः विज्ञान और शोध पर केंद्रित है, जबकि एमटेक तकनीक और इंजीनियरिंग विशेषज्ञता के लिए है। एमएससी गणित, भौतिकी, सांख्यिकी, कंप्यूटर साइंस व डाटा साइंस में रुचि रखने वालों के लिए है, जबकि एमटेक इंजीनियरिंग, एआई, सॉफ्टवेयर और डेटा साइंस में विशेषज्ञता चाहने वालों के लिए बेहतर रहेगा। आईआईटी से एमएससी के बाद डाटा साइंस, एनालिटिक्स, रिसर्च, टेक्नोलॉजी और शिक्षा में करियर के अवसर मिलते हैं। आगे पीएचडी भी की जा सकती है। हालांकि, सिर्फ आईआईटी की डिग्री से नौकरी तय नहीं होती। तकनीकी कौशल, प्रोजेक्ट, इंटर्नशिप और विशेषज्ञता भी महत्वपूर्ण हैं। विज्ञान, गणित और रिसर्च में रुचि हो तो एमएससी, जबकि टेक्नोलॉजी या इंजीनियरिंग में विशेषज्ञता के लिए एमटेक बेहतर विकल्प हो सकता है। (www.sanjibacharya.com)


